ना सेना ना इकोनॉमी में.. अमेरिका की टॉप-10 शक्तिशाली देशों की लिस्ट में भारत नहीं.. साजिश या सच?
US Ranking India: भारत भले ही दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हो और भले ही सेना के मामले में दुनिया का चौथा सबसे शक्तिशाली देश हो, लेकिन ओवरऑल पॉवर रैकिंग में अमेरिका की एक संस्था ने भारत को टॉप-10 में भी शामिल नहीं किया है, जिसके बाद सवाल उठ रहे हैं, कि ये रैकिंग सच है या फिर भारत को नीचा दिखाने की साजिश?
"यूएस न्यूज एंड वर्ल्ड रिपोर्ट" के मुताबिक, भारत वैश्विक रैंकिंग में इजराइल, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, जापान, फ्रांस, दक्षिण कोरिया, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, रूस, चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद 12वें नंबर पर है।

भारत की रैंकिंग पर सवाल
कई लोगों को भारत की यह रैंकिंग काफी हैरानी भरी लग सकती है, क्योंकि लिस्ट में भारत को संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब से भी पीछे या कहें तो, इंडो-पैसिफिक में शक्ति के मामले में जापान, दक्षिण कोरिया से भी पीछे रखा गया है, जबकि इंडो-पैसिफिक में भारत को सबसे बड़ा खिलाड़ी माना जा रहा है।
लेकिन, फिर भी अमेरिकी संस्थान ने ग्लोबल रिपोर्ट भारत को बाकी के एशियाई शक्तियों से पीछे रखा गया है।
यूएस न्यूज एंड वर्ल्ड रिपोर्ट ने भारत को 100 में से 46.3 अंक दिए हैं और सुझाव दिया है, कि आईटी सेक्टर, बिजनेस ऑउटसोर्सिंग सर्विस, सॉफ्टवेयर लेबर में भारत के पास महान क्षमता है। वहीं, भारत की "विरासत" और "सांस्कृतिक प्रभाव" खंड में मैक्सिमम नंबर मिले हैं।
अमेरिकी रिपोर्ट में भारत को ऐतिहासिक वास्तुशिल्प का खजाना बताया गया है और ताज महल, हुमायूं का मकबरा, कोणार्क का सूर्य मंदिर और अन्य विशाल मंदिर परिसरों को लिस्ट में शामिल किया गया हैं। और कहा गया है, कि स्मारकों ने आधुनिक भारत के लिए सांस्कृतिक योगदान में अपना उचित योगदान दिया है।
रिपोर्ट में कहा गया है, कि "मुंबई में स्थित फिल्म उद्योग, जिसे बॉलीवुड कहा जाता है, वो दुनिया के किसी भी अन्य देश की तुलना में ज्यादा फीचर-लंबाई वाली फिल्में बनाता है। 1980 के बाद से देश में तीन बुकर पुरस्कार विजेता लेखक हुए हैं, जिनमें सलमान रुश्दी भी शामिल हैं, और विश्व प्रसिद्ध गुणी, रविशंकर और अली अकबर खान पैदा हुए हैं।"
लेकिन, भारत की विशाल जनसंख्या और इसकी कम प्रति व्यक्ति आय ने भारत की ओवरऑल रैंकिंग पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। इसमें कहा गया है, कि "भारत में एक बड़ी, कुशल कार्यबल के साथ तेजी से बढ़ती, विविध अर्थव्यवस्था है। लेकिन अपनी जनसंख्या के कारण, यह प्रति व्यक्ति आय और सकल राष्ट्रीय उत्पाद के आधार पर दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक है।"
किस आधार पर तैयार की गई है रिपोर्ट
अमेरिकी एजेंसी की ये रिपोर्ट "एक नेता, इकोनॉमी, पॉलिटिक्स, मजबूत इंटरनेशनल एलायंस और मजबूत सेना" इन पांच विशेषताओं के आधार पर तैयार की गई है।
ग्लोबल मार्केटिंग कंपनी BAV ग्रुप ने इस रैंकिंग मॉडल को तैयार किया है और इसके लिए रिसर्च पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के व्हार्टन स्कूल के प्रोफेसर डेविड रीबस्टीन के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने किया है, जिसे यूएस न्यूज एंड वर्ल्ड रिपोर्ट ने सहयोग दिया है।
सबसे दिलचस्प बात ये है, कि ऑस्ट्रेलिया के लोली इंस्टीट्यूट के लेटेस्ट एशिया के पावर इंडेक्स, 2023 में भारत को व्यापक शक्ति के लिए 26 में से 4 वें स्थान पर दिखाया गया है, जिसमें 100 में से 36.3 का समग्र स्कोर है। इसमें, भारत, जापान, चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका से पीछे था।
लेकिन इस रैंकिंग से पता चलता है, कि 2018 के बाद से हर साल भारत के समग्र स्कोर में गिरावट आ रही है। इसमें कहा गया है कि 2022 में, भारत को 2021 की तुलना में 1.4 अंक का नुकसान हुआ।
हालांकि, रैंकिंग पर सवाल इसलिए उठ रहे हैं, क्योंकि पिछले भी कई रिपोर्ट्स में भारत को निचली रैंकिंग पर दिखाया गया है, जबकि आर्थिक संकट में फंसे पाकिस्तान को ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत से ऊपर दिखाया गया था, जहां आंटे के लिए संघर्ष में दर्जन भर से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। इसीलिए भारत अब ऐसी रैंकिंग्स को महत्व नहीं देता है और राजनीति से प्रेरित बताता है।












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