एलियंस पर अमेरिकी संसद से सनसनीखेज गोपनीय दस्तावेज लीक, निशाने पर था यूएस नेवी

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यूएस नेवी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पिछले 20 सालों में 120 से ज्यादा यूएफओ को उन्होंने रडार में डिटेक्ट किया है।

वॉशिंगटन, जून 04: यूएस नेवी ने अमेरिकी संसद में एलियंस को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया है। सरकारी सूत्रों ने यूएस नेवी द्वारा संसद में पेश की गई रिपोर्ट को लीक कर दिया है, जिसमें यूएस नेवी ने यूएफओ को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। इस गोपनीय दस्तावेज में यूएस नेवी ने कहा है कि उसने अपनी रडार में जिस यूएफओ को पकड़ा था, उसमें एलियंस हो सकते हैं। इस महीने यूएस नेवी द्वारा अमेरिकी संसद में पेश की गई रिपोर्ट सार्वजनिक हो सकती है लेकिन उससे पहले जो डॉक्यूमेंट्स लीक हुए हैं, उसमें अमेरिकन नेवी ने एलियंस को लेकर कई दावे किए हैं।

एलियंस पर यूएस नेवी के दावे

एलियंस पर यूएस नेवी के दावे

अमेरिकन नेवी ने संसद में पेश की गई अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उन्होंने जिन यूएफओ को देखे हैं और मशीनों में जिन्हें डिटेक्ट किया है उन एफओ में एलियंस हो सकते हैं, हालांकि उनके पास इसकी तस्दीक के लिए कोई सबूत नहीं है। लेकिन, इस बात से बिल्कुल इनकार नहीं किया जा सकता है कि जो स्पेसक्राफ्ट रडार में कैद किए गये हैं उनके यूएफओ होने की संभावना है और उनमें एलियंस मौजूद हो सकते हैं। अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में कहा है कि 'यूएफओ में एलियंस होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।' हालांकि, यूएफओ में एलियंस होने की संभावना के अलावा अमेरिकन नेवी ने चीन या रूसी साजिश से भी इनकार नहीं किया है। रिपोर्ट में यूएस नेवी ने कहा है कि 'रडार में जिस ऑब्जेक्ट को कैद दिया है, वो रूस या चीन के द्वारा लॉंच किया गया कोई हाइपरसोनिक हथियार भी हो सकता है'। यूएस नेवी ने इसके अलावा किसी भी अमेरिकन सिक्रेट मिशन होने की बात से साफ इनकार कर दिया है।

20 साल में 120 घटनाएं

20 साल में 120 घटनाएं

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यूएस नेवी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पिछले 20 सालों में 120 से ज्यादा यूएफओ को उन्होंने रडार में डिटेक्ट किया है और सारे यूएफओं की गतिविधि इस पैटर्न में होती है कि उसे पकड़ना संभव नहीं हो पा रहा है। यूएस नेवी ने कहा है कि यूएफओ की रफ्तार काफी ज्यादा होती है और उनमें अपनी दिशा बदलने की अविश्वसनीय शक्ति होती है, इसके अलावा वो किसी भी वक्त समुद्र के अंदर जा सकते हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 'यूएस नेवी ने इस बात से भी इनकार नहीं किया है कि जिसे वो यूएफओ समझ रहे हैं वो चीन या रूस का हाइपरसोनिक हथियार हो सकते हैं, जिसे अमेरिकन नेवी पकड़ नहीं पा रही है'। आपको बता दें कि हाइपरसोनिक एयरक्राफ्ट या मिसाइल की रफ्तार 4 हजार मील प्रतिघंटे से ज्यादा हो सकती है, जिसे रडार में पकड़ पाना अभी संभव नहीं है।

25 जून को रिपोर्ट सार्वजनिक

25 जून को रिपोर्ट सार्वजनिक

पिछले साल जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप थे, उस वक्त अमेरिकी सांसदों ने मांग की थी कि अमेरिका के रक्षा मत्री और नेशनल इंटेलीजेंस देश को बताए कि अमेरिका की सरकार यूएफओ के बारे में क्या सब जानती है। जिसको लेकर अमेरिका के सरकारी अधिकारियों ने संसद में कहा था कि 'जो यूएफओ देखे गये हैं, उसकी रिपोर्ट पूरी तरह से विश्वसनीय है, लेकिन ये यूएफओ कहां से आते हैं और कहां जाते हैं, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है।' माना जा रहा है कि अमेरिकी संसद में यूएस इंटेलीजेंस और यूएस नेवी की गोपनीय रिपोर्ट 25 जून को सार्वजनिक की जा सकती है। लेकिन, इस रिपोर्ट में इस बात के सबूत नहीं होंगे कि जो यूएफओ अमेरिकन नेवी ने देखे हैं उनमें एलियंस हो सकते हैं।

एलियंस विमान होने से इनकार नहीं

एलियंस विमान होने से इनकार नहीं

न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 'अमेरिका के सीनियर सरकारी अधिकारियों ने कहा है कि इस बात की संभावना से बिल्कुल भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि जो एयरक्राफ्ट देखे गये हैं, वो एलियन एयरक्राफ्ट नहीं हो सकते हैं।' इस रिपोर्ट में यूएस नेवी ने किसी बैलून के होने की संभावना से साफ इनकार कर दिया है।

पिरामिड आकार के यूएफओ

पिरामिड आकार के यूएफओ

दरअसल, पेंटागन ने 18 सेकेंड्स का एक वीडियो जारी किया था। जिसमें 3 पिरामिड आकार के यूएफओ देखे गये थे। पेंटागन की रिपोर्ट के मुताबिक ये तीनों यूएफओ अमेरिकन वारशिप यूएसएस रसेल के ऊपर रात के वक्त मंडरा रहे थे और उसी वक्त इनका वीडियो रिकॉर्ड किया गया। ये वीडियो जुलाई 2019 में अमेरिके के सेंट डियागो में रिकॉर्ड किया गया था। पेंटागन ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है ये तीनों यूएफओ अमेरिकन वारशिप यूएसएस रसेल से सिर्फ 700 फीट की ऊंचाई पर थे। पेंटागन की रिपोर्ट के मुताबिक 2019 की घटना का ये पहला वीडियो है, जिसमें तीनों रहस्यमयी उड़नतस्तरी आकाश में देखे जा रहे हैं। इतना ही नहीं, पेंटागन ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि इन तीनों यूएफओ ने अमेरिकन नेवी के तीन वारशिप्स को मिलिट्री अभ्यास के वक्त कई दिनों तक काफी परेशान किया था। इस रिपोर्ट में सबसे हैरान करने वाली बात ये कही गई है कि युद्धाभ्यास के दौरान एक वक्त ये यूएफओ अमेरिकन नेवी के विध्वंसक हथियार से सिर्फ 90 मिनट की ही दूरी पर थे।

पायलट ने देखा यूएफओ

पायलट ने देखा यूएफओ

रिपोर्ट के मुताबिक सबसे पहले अमेरिका के एफए-18 पायलट ने अपने मोबाइल में आकाश में उड़ने तीन उड़नतस्तरियों की तस्वीरें ली थीं। पायलट ने ये तस्वीरें मार्च 2019 में कोस्ट ऑफ ओसियाना में ली थी, जिसमें तीनों यूएफओ पिरामिड के आकार के दिखाई दे रहे थे। पायलट ने दावा किया था कि जब वो इन उड़नतस्तरियों की तस्वीरें ले रहा था उस वक्त काफी तेज हवा चल रही थी बावजूद इसके तीनों यूएफओ हवा में पूरी तरह से स्थिर थे और उनमें कोई हलचल नहीं हो रही थी। पायलट के मुताबिक हवा में इतनी ऊंचाई पर किसी ड्रोन या बैलून या किसी और ऑब्जेक्ट का पूरी तरह से स्थिर रहना मुमकिन नहीं है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सुसान गफ ने फॉक्स न्यूज से बात करते हुए कहा है कि 'मैं अमेरिकन नेवी द्वारा लिए गये वीडियो और तस्वीरों की पुष्टि करता हूं और हम इसको लेकर अभी भी जांच कर रहे हैं'। उन्होंने आगे कहा कि 'अमेरिकी रक्षा मंत्रालय द्वारा बनाए गये अनआइडेंटिफाइड एरियल फेनोमेना टास्क फोर्स ने तीनों वीडियो को आगे की जांच के लिए ले लिया है'।

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