सलमान रुश्दी के कार्यक्रम की सुरक्षा पर अमेरिकी मीडिया ने उठाए कई सवाल
ब्रिटिश लेखक सलमान रुश्दी पर शुक्रवार को अमेरिका के न्यूयॉर्क में चाकू से हमला हुआ. उनकी हालत नाज़ुक बनी हुई है और वो वेंटिलेटर पर हैं. हमले के कारण सलमान रुश्दी के लिवर को नुक़सान पहुँचा है और उन्हें अपनी एक आंख भी गंवानी पड़ सकती है.
सलमान रुश्दी पर हमला उस समय हुआ जब वह न्यूयॉर्क के चौटाउक्वा संस्थान के एक कार्यक्रम में बोलने जा रहे थे.
रुश्दी पर हुए हमले की ख़बर दुनिया समेत अमेरिकी मीडिया में भी छाई हुई है. अमेरिका के लगभग सभी बड़े मीडिया संस्थान ने सलमान रुश्दी पर हमले की ख़बर को प्रकाशित किया है.
यूएसए टुडे ने रुश्दी पर हमले की ख़बर को प्रकाशित करते हुए शीर्षक में उनकी बहु-चर्चित और विवादित किताब द सैटेनिक वर्सेज़ का उल्लेख किया है.
यूएसए टुडे लिखता है, "यूएसए टुडे के बेस्टसेलिंग ऑथर सलमान रुश्दी, जिन्हें उनके लेखन के कारण लगातार जान से मारने की धमकियां मिलती रहीं, उन पर शुक्रवार को हमला हआ. उनकी गर्दन पर चाकू से हमले किए गए."
ट्रैविस सिवर्ड उस जगह मौजूद थे, जहां हमला हुआ. यूएसए टुडे ने प्रत्यक्षदर्शी सिवर्ड के हवाले से लिखा है कि हमलावर वहीं दर्शकों के बीच में ही मौजूद था. समारोह शुरू होने पर वह ऑडियंस के घेरे से निकलकर स्टेज पर पहुंच गया.
सिवर्ड बताते हैं, "हमने उस आदमी को कुछ भी चिल्लाते या बोलते हुए नहीं सुना. वहीं रुश्दी उस शख़्स से दूर हटने की कोशिश कर रहे थे और कुछ ही देर में वह गिर पड़े."
https://www.youtube.com/watch?v=FX7uzRc9oOs
सिवर्ड के हवाले से यूएसए टुडे ने लिखा है, "वहां जितने भी लोग मौजूद थे, उन सभी के लिए उस वक़्त की स्थिति को संभाल पाना और उस दौरान सामान्य रह पाना बहुत मुश्किल था."
सिवर्ड कहते हैं कि जिस जगह यह समारोह हो रहा था, वह बेहद शांत जगह है, किसी को उम्मीद भी नहीं थी कि वहां ऐसा कुछ हो सकता है.
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चौटाउक्वा संस्थान फिलहाल इस पूरे मामले पर कानून स्थापित करने वाली संस्था और आपातकाल अधिकारियों के साथ संपर्क में है.
PEN अमेरिका के सीईओ सुज़ान नोसेल के हवाले से यूएसए टुडे ने लिखा है कि सलमान को उनके शब्दों के लिए निशाना बनाया गया.
सलमान रुश्दी के छह उपन्यास को यूएसए टुडे बेस्टसेलर चुना जा चुका है.
https://www.youtube.com/watch?v=NAN-aFXughw
क्या सुरक्षा के इंतज़ाम पर्याप्त नहीं थे?
सीएनएन ने भी सलमान रुश्दी पर हमले की ख़बर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है.
सीएनएन ने उस समारोह और उसकी तैयारियों को लेकर पूरी जानकारी साझा की है. सीएनएन लिखता है, "हमलावर की पहचान हादी मतर के तौर पर हुई है और पुलिस, एफ़बीआई और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है. अधिकारियों का मानना है कि हमलावर अकेला ही था लेकिन इस बात की पुष्टि करने के लिए वह जांच कर रहे हैं."
सीएनएन आगे लिखता है, "हमलावर अचानक से दर्शक दीर्घा में से निकला और स्टेज पर आ गया. उसने सबसे पहले रुश्दी के गर्दन पर पहला हमला किया और दूसरा हमला पेट पर किया. वहां मौजूद स्टाफ़ उन्हें बचाने के लिए उनकी ओर दौड़ा और वहां मौजूद दर्शक भी उस ओर भागे. उन्होंने हमलावर को दबोच लिया और उसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया."
सीएनएन ने दो सूत्रों के हवाले से ख़बर लिखी है कि समारोह को लेकर सामन्य सुरक्षा के उपायों, जैसे बैग्स की चेकिंग और मेटल-डिटेक्टर के इस्तेमाल जैसे उपायों को अस्वीकार कर दिया गया था क्योंकि लीडरशिप को डर था कि इससे स्पीकर्स और दर्शकों के बीच बंटवारा हो जाएगा, जो कि चौटाउक्वा संस्थान की संस्कृति से बिल्कुल उलट होता.
हालांकि यह कहना बहुत मुश्किल है कि अगर इन सुरक्षा उपायों को अपनाया जाता तो ये हमला नहीं होता. ऐसी संभावना जताई जा रही है कि अगर ये सारे सुरक्षा उपाय अपनाए गए होते तो शायद हमलावर समारोह में चाकू लेकर नहीं जा पाता और मौजूदा परिस्थितिां कुछ अलग होतीं.
https://www.youtube.com/watch?v=RwqtPWkbTQ0
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि वहां सुरक्षा को लेकर कोई जांच नहीं हो रही थी और ना ही मेटल-डिटेक्टर से चेकिंग की जी रही थी. हालांकि इस प्रदर्शनकारी ने अपनी सुरक्षा का हवाला देते हुए अपनी पहचान बताने से इनकार कर दिया.
सीएनएन ने इस संबंध में चौटाउक्वा संस्थान के लीडरशिप से भी उनका कमेंट लेने की कोशिश की लेकिन अभी तक उनकी प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है.
द न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा है, "द सैटेनिक वर्सेज़ के बाद जब ईरान ने उनके ख़िलाफ़ मौत का फ़तवा जारी किया तो वह लंबे समय तक छिपकर ज़िंदगी बिताते रहे. वो एक लंबे समय तक छिपकर रहे लेकिन हाल के सालों में उन्होंने 'अपना जीवन जीने की' घोषणा करते हुए, उन्होंने एक सामान्य जीवन जीना शुरू किया. वह बहुत बार बिना किसी सुरक्षा के सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए."
"लेकिन अतीत का वो ख़तरा बीते शुक्रवार को सच साबित हो गया."
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समारोह में शिरकत करने पहुंचे कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रुश्दी के गाल के पास से खून बह रहा था और फ़्लोर पर फैला हुआ था.
इस हमले में रुश्दी समेत एक अन्य शख़्स राल्फ़ हेनरी रीस को भी चोटें आई हैं. वह इस पैनल-डिस्कशन को मॉडरेट करने के लिए मंच पर मौजूद थे. उनके चेहरे पर चोट आई हैं.
मैरी न्यूसोम भी ये लेक्चर अटैंड करने गई थीं. उन्होंने बताया कि शुरू में तो कुछ लोगों ने सोचा कि यह किसी तरह का स्टंट है. लेकिन कुछ ही पल में सब साफ़ हो चुका था.
फ़ॉक्स न्यूज़ ने भी सलमान पर हुए हमले की घटना की जानकारी दी है.
फ़ॉक्स न्यूज़ ने लिखा है कि उनके लेक्चर का विषय था कि 'मौत की धमकी झेलते हुए निर्वासित जीवन बिता रहे लेखकों और दूसरे कलाकारों के लिए अमेरिका किस तरह एक सुरक्षित पनाहगाह' है.
"ज़्यादातर मुस्लिम देशों में ऐसा भाषण देने के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता है. ज़्यादातर मुस्लिम देशों को लेकर ये सोचा भी नहीं जा सकता कि सलमान रुश्दी वहां होते और उन्हें हर दिन चाकू नहीं घोंपा जाता."
दुनिया भर से आ रही हैं प्रतिक्रियाएं
फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बुकर पुरस्कार विजेता रहे लेखक सलमान रुश्दी पर चाकू से हुए हमले को कायराना बताया है और कहा है कि वो इस लड़ाई में रुश्दी के साथ हैं.
मैक्रों ने इस हमले पर किए ट्वीट में लिखा है, "33 सालों से सलमान रुश्दी ने आज़ादी के लिए आवाज़ बुलंद की है और रुढ़िवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ी है. वो नफ़रत और बर्बरता को बढ़ावा देने वालों के कायरतापूर्ण हमले का शिकार हुए हैं. उनकी लड़ाई हमारी लड़ाई है. ये सार्वभौमिक है. अब हम पहले से भी अधिक मज़बूती के साथ उनके साथ खड़े हैं."
https://twitter.com/EmmanuelMacron/status/1558220516720353286
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी ट्वीट करके सलमान रुश्दी के ठीक होने की कामना की है.
https://twitter.com/BorisJohnson/status/1558148605206298624
"सर सलमान रुश्दी के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं और उनके चाहने वालों के लिए भी. हम सभी उम्मीद कर रहे हैं कि वह ठीक हो जाए."
कॉलमिस्ट तारेक फ़तेह ने भी सलमान रुश्दी पर हुए हमले को लेकर ट्वीट किया है. उन्होंने उनके घावों के जल्दी भरने की कामना की है.
https://twitter.com/TarekFatah/status/1558134043551604736
व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने भी ट्वीट करके सलमान रुश्दी के जल्दी ठीक होने की कामना की है.
https://twitter.com/JakeSullivan46/status/1558271499915632642
उन्होंने लिखा है, "सलमान रुश्दी पर हुआ हमला भय पैदा करने वाला है. हम सभी उनके जल्दी ठीक और स्वस्थ होने की कामना करते हैं."
भारत के पत्रकारों, लेखकों और कलाकारों ने भी किया है ट्वीट
लेखक सलमान रुश्दी पर जानलेवा हमले के बाद भारत के पत्रकारों, लेखकों और कलाकारों ने ट्वीट करके सलमान रुश्दी के जल्दी ठीक होने की कामना की है.
कांग्रेस नेता और लेखक शशि थरूर ने सलमान रुश्दी पर हुए हमले की निंदा की है. उन्होंने ट्वीट किया है, "यह बेहद डरावना और चौंकाने वाला है. उनके जल्दी स्वस्थ होने और पूरा तरह से ठीक होने की कामना करते हैं. उनके घाव जल्दी भरें. एक बुरा दिन."
https://twitter.com/ShashiTharoor/status/1558276758192922626
राहुल पंडिता ने ट्वीट किया है, "सलमान रुश्दी के साथ"
https://twitter.com/rahulpandita/status/1558114272022261762
रोहिणी सिंह ने ट्वीट किया है, "यह हमला उन लोगों को डराने के लिए है, जो खुलकर बोलने का समर्थन करते हैं."
https://twitter.com/rohini_sgh/status/1558150150576410624
बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने सलमान रुश्दी पर हमले को स्वतंत्रता और लोकतंत्र की नींव पर हमला बताया है.
https://twitter.com/KapilMishra_IND/status/1558124500775972864
स्वरा भास्कर ने ट्वीट किया है, "सलमान रुश्दी के साथ मेरी सारी प्रार्थनाएं हैं. मैं इस हमले की निंदा करती हूं."
https://twitter.com/ReallySwara/status/1558136804473126913
नंदिता दास ने ट्वीट किया, "यह दुनिया विक्षिप्त होती जा रही है. सलमान रुश्दी के जल्दी ठीक होने की कामना."
https://twitter.com/nanditadas/status/1558301518788718593
राजदीप सरदेसाई ने भी ट्वीट करके सलमान रुश्दी के जल्दी ठीक होने के लिए प्रार्थना की है.
https://twitter.com/sardesairajdeep/status/1558291487070179328
हमलावर के बारे में अब तक क्या-क्या पता है?
- पुलिस ने बताया कि सलमान रुश्दी की गर्दन पर चाकू से वार किया गया है. और हमलावर अब पुलिस हिरासत में है.
- पुलिस के मुताबिक हमलावर का नाम हादी मतर है और वो 24 साल का है. हमलावर न्यू जर्सी के फ़ेयरव्यू का रहने वाला है.
- पुलिस का कहना है कि अभी हमलावर की मंशा का पता नहीं चला है और हमले का कारण जानने के लिए एफ़बीआई की मदद भी ली जा रही है.
- संदिग्ध हादी मतर के पास कार्यक्रम का पास था और वो अकेले ही आया था. अभी पुलिस ने मतर के ख़िलाफ़ आरोप तय नहीं किए हैं.
- संदिग्ध हादी मतर कूदकर मंच पर गया था और उसने सलमान रुश्दी के गले पर कम से कम एक वार किया और पेट पर भी कम से कम एक वार किया.
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