• search

साल 2060 तक दुनिया की अर्थव्‍यवस्‍था पर होगा भारत, चीन और इंडोनेशिया का कब्‍जा,अमेरिका की स्थिति होगी कमजोर

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    वॉशिंगटन। साल 2060 तक अमेरिका की अर्थव्‍यवस्‍था चीन से भी आगे होगी लेकिन इसमें भी जो बात सबसे ज्‍यादा हैरान करने वाली है वह है कि जहां चीन की अर्थव्‍यवस्‍था की गति साल 2030 तक कम हो जाएगी तो वहीं भारत की अर्थव्‍यवस्‍था अपनी दर से प्रगति करते रहेंगे। यह भविष्‍यवाणी ओईसीडी पेपर्स की तरफ से की गई है। इन पेपर्स के मुताबिक चीन की अर्थव्‍यवस्‍था को उसकी ही गलतियों का खामियाजा भुगतना होगा। इस वजह से अगर कोई यह समझ रहा है कि अमेरिका आर्थिक दर के मामले में कोई चमत्‍कार करेगा तो ऐसा नहीं है। चीन की सांख्यिकी पर वन चाइल्‍ड पॉलिसी का खासा असर पड़ा है और इस वजह से ही अमेरिका को इसका फायदा मिलने वाला है।

    us-economy.jpg

    साल 2030 से बदलेगी स्थिति

    इन पेपर्स के मुताबिक साल 2030 और साल 20560 में अमेरिका में जीडीपी की दर औसतन एक वर्ष में दो प्रतिशत से भी कम रहेगी। चीन हर वर्ष 1.8 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ेगा यानी अमेरिका से थोड़ा पीछे। इन पेपर्स को युवान ग्‍यूइलेमेट्टे और डेविड टर्नर ने तैयार किया है। इन पेपर्स के मुताबिक चीन की अर्थव्‍यवस्‍था साल 2030 तक अमेरिका को हटाकर दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था बन जाएगी। लेकिन यहां से चीन के आर्थिक विकास की दर में थोड़ी रुकावट आ जाएगी। इन पेपर्स के मुताबिक न सिर्फ चीन और भारत बल्कि इंडोनेशिया भी दुनिया की अर्थव्‍यवस्‍था के केंद्र में आएगा क्‍योंकि नॉर्थ अमेरिका से आर्थिक गतिविधियां एशिया की तरफ आना शुरू हो जाएंगी। चीन और भारत को वह सारे फायदे मिलेंगे जो अब तक अमेरिका को मिलते आ रहे हैं। इसकी वजह से भारत, चीन और इंडोनेशिया को बड़े पैमाने पर फायदा पहुंचेगा।

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    According to a forecast by OECD papers US and India's economy will grow faster than China by the year 2060.

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more