Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

अमेरिकी इतिहास में भारत के लिए सबसे शानदार राष्ट्रपति साबित हुए जो बाइडेन, एक्सपर्ट से जानिए कैसे

India-US Diplomacy: बाइडेन प्रशासन का कार्यकाल 20 जनवरी को खत्म हो रहा है और उसी दिन डोनाल्ड ट्रंप शपथ लेकर अमेरिका के अगले राष्ट्रपति बन जाएंगे। और अब जबकि बाइडेन का कार्यकाल अपने आखिरी हफ्तों में पहुंच गया है, तो एक्सपर्ट्स आकलन कर रहे हैं, कि बाइडेन प्रशासन के चार साल भारत के लिए कैसा रहा?

जियो-पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का मानना है, कि बाइडेन प्रशासन कई दशकों में सबसे ज्यादा भारत समर्थक था और इन चार सालों के दौरान भारत को कई सफलताएं मिली हैं।

India-US Diplomacy

प्रतिष्ठित हडसन इंस्टीट्यूट थिंक-टैंक में इनिशिएटिव ऑन द फ्यूचर ऑफ इंडिया एंड साउथ एशिया की डायरेक्टर अपर्णा पांडे ने पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में बताया है, कि "निवर्तमान बाइडेन प्रशासन, दशकों में सबसे ज्यादा भारत समर्थक प्रशासनों में से एक था और उन्हीं की विदेश नीति को आगे ले जाना, किसी भी राष्ट्रपति प्रशासन के लिए कठिन कार्य होगा।" यानि, अपर्णा पांडे की माने, तो बाइडेन प्रशासन के साथ भारत के जैसे संबंध रहे हैं, ट्रंप प्रशासन के साथ उसी तरह के संबंध का आगे बढ़ना मुश्किल है।

बाइडेन के कार्यकाल में कितना मजबूत हुआ भारत-अमेरिका संबंध? (India-US Diplomacy)

अपर्णा पांडे ने कहा है, कि "भारत के साथ संबंध इस विश्वास के कारण मजबूत हुए, कि भारत का उदय अपने आप में अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के लिए महत्वपूर्ण है।"

'चाणक्य से मोदी तक: भारत की विदेश नीति का विकास' सहित कई किताबों की लेखक पांडे ने कहा, कि सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में संबंधों में गहराई आई है, जिसमें हाई टेक्नोलॉजी भी शामिल है, जिसकी भारत दशकों से तलाश कर रहा था।

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, "लोकतांत्रिक पतन और 'भाड़े पर हत्या' (खालिस्तानी आतंकी पन्नून की हत्या की कोशिश) की घटनाओं ने भी साझेदारी को पटरी से उतरने नहीं दिया गया। भारत की चिंताओं - चाहे पाकिस्तान हो या चीन, उन्हें ध्यान में रखा गया और अमेरिका ने चीन को लेकर भारत को खुफिया जानकारी और अन्य सहायता प्रदान की। बांग्लादेश एक ऐसा देश था, जिसके बारे में दोनों के बीच असहमति बनी रही, यहां तक ​​कि सार्वजनिक रूप से भी।"

वहीं, आने वाले ट्रंप प्रशासन के दौरान भारत-अमेरिका संबंधों के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा, कि भारत उन मुट्ठी भर देशों में से एक है, जिन्हें द्विदलीय समर्थन प्राप्त है।

उन्होंने कहा, कि "भावी राष्ट्रपति ट्रंप के पीएम मोदी के साथ अच्छे संबंध हैं और भारत के बारे में उनका नजरिया हमारे अनुकूल है। उन्होंने जो अपना मंत्रिमंडल बनाया है, जिनमें सांसद माइक वाल्ट्ज, सीनेटर मार्को रुबियो - ने लंबे समय से भारत का समर्थन किया है और इससे यह सुनिश्चित होने की संभावना है, कि अधिकांश नीतियां जारी रहेंगी। ट्रंप 1.0 के दौरान ही भारत के साथ इंडो पैसिफिक नीति, क्वाड और हाई टेक्नोलॉजी (एसटीए-1) साझा करना शुरू किया गया था, इसलिए इनमें से ज्यादातर के जारी रहने की संभावना है।"

अपर्णा पांडे ने आगे कहा, कि "इसी तरह, ट्रंप 2.0 की चीन के आर्थिक, तकनीकी और सैन्य विकास को पीछे धकेलने या रोकने की इच्छा यह सुनिश्चित करने में मदद करेगी, कि भारत को इस प्रयास में भागीदार के रूप में देखा जाए। जब ​​पाकिस्तान की बात आती है, तो हमें देखना होगा कि चीजें कैसे आगे बढ़ती हैं, लेकिन अभी तक, ऐसा कोई संकेत नहीं है कि चीजें सुधरेंगी। भारत-चीन संबंधों के संदर्भ में, ट्रंप 2.0 अपनी नीतियों और बाइडेन प्रशासन की भारत के लिए समर्थन की नीतियों को जारी रखने की संभावना है। बांग्लादेश के मोर्चे पर हालात सुधर सकते हैं और दोनों देश मिलकर काम कर सकते हैं।"

हालांकि, ट्रंप के कार्यकाल में कई चुनौतियां होंगी, जिनमें टैरिफ, अमेरिका जाने वाले भारतीय अवैध प्रवासी प्रमुख होंगे।

India-US Diplomacy

अपर्णा पांडे के मुताबिक, "हाई टेक्नोलॉजी शेयर करने में भारत से ट्रंप प्रशासन कुछ बातों की उम्मीद कर सकता है, चाहे वो कारोबार सेक्टर में हो या डिफेंस सेक्टर में। वहीं, ट्रंप प्रशासन मानवाधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर क्या रूख अपनाता है, वो देखने वाली बात होगी। वहीं, पन्नून की हत्या की कोशिश को लेकर ट्रंप प्रशासन का रूख अपनाता है, उसपर भी नजर रखी जाएगी, लेकिन कुल मिलाकर ये ध्यान में रखना होगा, कि ट्रंप 2.0 प्रशासन ऐसा होगा, जो रणनीतिक परोपकारिता में नहीं, बल्कि महान शक्ति राजनीति में विश्वास करता है।"

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+