लाल सागर में हूती विद्रोहियों पर पहली बार अमेरिका का बड़ा एक्शन, जहाज पर कब्जा करने आए कई हमलावरों की मौत
इजराइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर लगभग 2 दर्जन हमले हो चुके हैं। यमन के हूती विद्रोही लाल सागर से गुजरने वाले इजराइल और उससे जुड़े जहाजों को निशाना बना रहे हैं।
इस बीच पहली बार अमेरिका ने हूती विद्रोहियों को बड़ा झटका दिया है। एक कार्गो शिप पर कब्जे की कोशिश कर रहे हूती विद्रोहियों के खिलाफ अमेरिकी नेवी ने एक बड़ा ऑपरेशन किया है। नेवी हेलिकॉप्टर्स ने लगभग आधे घंटे में हूती विद्रोहियों की 3 नावों को बमबारी में तबाह करके उन्हें समंदर में डुबा दिया।

सिंगापुर के ध्वज वाले हांग्जो ने स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 6:30 बजे एक इमरजेंसी कॉल जारी की, जिसमें चार हूती छोटी नौकाओं के हमला करने की सूचना दी गई। सूचना के बाद यूएसएस आइजनहावर और यूएसएस ग्रेवली के अमेरिकी नौसेना के हेलीकॉप्टरों ने मेर्स्क हांग्जो से मोर्चा संभालना शुरू किया।
रिपोर्ट के मुताबिक डेनमार्क जा रहे सिंगापुर ध्वज वाले जहाज पर हूती विद्रोहियों का कब्जा हो जाता इससे पहले वहां अमेरिकी नौसैनिक पहुंच गए। उन्होंने हूती विद्रोहियों को अलर्ट किया जिसके बाद उन पर फायरिंग की जाने लगी। जिसके बाद दोनों ओर से भयंकर झड़प हुई।
इस झड़प में हूती विद्रोहियों के चार में 3 नाव मौके पर ही डूब गई जबकि चौथी नाव भागने में सफल रही। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लाल सागर में अमेरिकी नेवी के कमान संभालने के बाद यह अब तक का सबसे बड़ा मिलिट्री ऑपरेशन है।
अमेरिकी सेना के मुताबिक इस घटना में 10 के करीब हूती विद्रोहियों के मारे जाने की संभावना है। इस कार्रवाई में अमेरिकी सेना को कोई नुकसान नहीं हुआ है। हूती विद्रीहियों ने भी अपने लोगों के मारे जाने की बात स्वीकार की है, साथ ही इसका अंजाम भुगतने की धमकी भी दी है।
अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि तीन बोट्स में कुल कितने हूती विद्रोही सवार थे। हालांकि, हूती विद्रोहियों की नावें काफी बड़ी होती हैं और इनमें काफी लोग मौजूद रहते हैं। कुछ दिन पहले हूती विद्रोहियों ने अमेरिका को इस इलाके से निकल जाने की धमकी दी थी।
अमेरिकी नेवी ने सिर्फ यह बताया है कि ऑपरेशन में उसे किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। यह झड़प छह सप्ताह में 23वां हूती हमला था, जिससे लाल सागर पार करने वाली कंपनियों के लिए चिंताएं बढ़ गई हैं।
हूती विद्रोहियों के पास ड्रोन और छोटी मिसाइलें भी हैं। यही वजह है कि कई बार वो लाल सागर में किसी छोटे मिलिट्री शिप पर भी भारी पड़ जाते हैं। हालांकि, अब अमेरिका और ब्रिटेन के वॉरशिप यहां अलर्ट मोड पर हैं।
हालांकि अमेरिकी सेना ने यमन में हूती विद्रोहियों पर सीधा हमला नहीं किया है। दरअसल अमेरिका जानता है कि इससे गाजा में युद्ध और भड़क सकता है, जिससे मिडिल ईस्ट की स्थिति और बदतर हो सकती है।
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