US Election Survey: चुनाव लड़े तो हार जाएंगे बाइडेन, कमला हैरिस-हिलेरी क्लिंटन की जोड़ी कर सकती है चमत्कार!
US Election 2024: अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से पहले राजनीति गर्म है और डेमोक्रेटिक पार्टी में जो बाइडेन को लेकर खेमेबाजी चल रही है। कम से कम सात डेमोक्रेटिक सांसदों ने बाइडेन के खिलाफ मुहिम छेड़ दी है और मांग की है, कि इस साल 5 नवंबर को होने वाले चुनाव से जो बाइडेन को अपनी दावेदारी वापस ले लेनी चाहिए।
वहीं, एक ताजा सर्वे में पता चला है, कि बाइडेन-कमला हैरिस की जोड़ी अगर चुनाव में जाती है, तो इस जोड़ी को हार का सामना करना पड़ सकता है, जबकि अगर कमला हैरिस के साथ हिलेरी क्लिंटन को मैदान में उतारा जाता है, तो ये जोड़ी कमाल कर सकती है।

डेमोक्रेटिक फर्म बेंडिक्सन एंड अमांडी के एक सर्वेक्षण से 2024 के राष्ट्रपति पद की रेस से पहले अमेरिकी जनता की मिजाज का पता चलता है, कि वो देश के सर्वोच्च पद पर किसे बिठाना चाहते हैं।
अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव पर सर्वे
हाल ही में किए गए एक सर्वेक्षण से पता चलता है, कि ट्रम्प और बाइडेन के बीच कड़ी टक्कर है, जिसमें ट्रम्प एक प्रतिशत अंक (43% और 42%) से आगे हैं। हालांकि, ट्रम्प के खिलाफ अगर कमला हैरिस और हिलेरी क्लिंटन को उतारा जाता है, तो वो थोड़ा बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। सर्वे में कमला हैरिस को 42% और डोनाल्ड ट्रंप को 41%, जबकि हिलेरी क्लिंटन को 43% और डोनाल्ड ट्रंप को 41% लोगों को समर्थन मिल सकता है।
सर्वेक्षण के मुताबिक, उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के पास वर्तमान में राष्ट्रपति जो बाइडेन की तुलना में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ बेहतर मौका है।
द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, दिलचस्प बात यह है, कि क्लिंटन-हैरिस की दावेदारी अगर होती है, तो वो बाइडेन-हैरिस जोड़ी के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर सकता है, और इस जोड़ी को ट्रंप के 40 प्रतिशत की तुलना में 43 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं।
सर्वेक्षण में यह भी पाया गया, कि 27 जून को बाइडेन और ट्रम्प के बीच हुई बहस को देखने वाले 86% संभावित मतदाताओं में से केवल 29% का मानना है, कि बाइडेन में एक और कार्यकाल के लिए सहनशक्ति और मानसिक क्षमता है, जबकि 61% का मानना है, बाइडेन की मानसिक मजबूती ऐसी नहीं है, कि उन्हें एक और कार्यकाल संभाल सकें।

राष्ट्रपति बाइडेन के स्वास्थ्य के बारे में बढ़ती अटकलों के बीच, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन जीन-पियरे को भेजे गए एक मेमो ने और विवाद को जन्म दे दिया है।
यह मेमो एक गरमागरम प्रेस ब्रीफिंग के तुरंत बाद आया है, जिसमें जीन-पियरे ने स्पष्ट रूप से इस बात से इनकार किया था, कि बाइडेन को पार्किंसंस रोग के लिए इलाज किया गया है या फिर इलाज किया जा रहा है। व्हाइट हाउस ने बाइडेन के इलाज से उस वक्त इनकार किया, जब उनसे पूछा गया था, कि क्या पार्किंसंस रोग विशेषज्ञ डॉ. लॉरेंस कैनार्ड ने आठ बार व्हाइट हाउस का दौरा किया है?
उनके इनकार के बावजूद, हालिया सर्वेक्षण से पता चलता है, कि सिर्फ 33% उत्तरदाताओं का मानना है, कि बाइडेन को डेमोक्रेटिक उम्मीदवार के रूप में दावेदारी जारी रखना चाहिए, जबकि 52% का मानना है कि उन्हें रेस से हट जाना चाहिए।
बाइडेन के स्वास्थ्य और संभावित न्यूरोलॉजिकल मुद्दों को लेकर विवाद जारी है, जिससे कार्यालय के लिए उनकी योग्यता के बारे में बहस काफी बढ़ गई है।
बाइडेन को लेकर पोलस्टर की क्या है राय?
सर्वेक्षण के पीछे मियामी स्थित अनुभवी पोलस्टर फर्नांड अमांडी ने बाइडेन की व्हाइट हाउस के लिए योग्यता के बारे में मतदाताओं के बीच बढ़ती चिंताओं पर जोर दिया। अमांडी ने कहा, "मतदाताओं को राष्ट्रपति बाइडेन की बढ़ती उम्र के बारे में काफी चिंता है, और उनकी चिंताएं और भी बढ़ गई हैं।"
उन्होंने कहा, "लेकिन इन चिंताओं ने अभी तक ट्रम्प के लिए निर्णायक लाभ नहीं बनाया है।"
सर्वेक्षण में बाइडेन की सहनशक्ति और मानसिक क्षमता के बारे में चिंताओं को भी उजागर किया गया है। बाइडेन और ट्रम्प के बीच हाल ही में हुई बहस को देखने वाले 86% संभावित मतदाताओं में से केवल 29% का मानना है, कि बाइडेन में एक और कार्यकाल के लिए आवश्यक सहनशक्ति और मानसिक तीक्ष्णता है, जबकि 61% लोगों का मानना है, कि बाइडेन अब पद के लिए मानसिक मजबूती नहीं रखते हैं।
बाइडेन के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर एक बड़ा विभाजन पैदा हो गया है, जिसमें 52% उत्तरदाताओं का मानना है, कि बाइडेन को हट जाना चाहिए और सिर्फ 33% ने उनकी उम्मीदवारी जारी रखने का समर्थन किया है। इसके विपरीत, क्लिंटन-हैरिस की दावेदारी मतदाताओं को ज्यादा आकर्षक लगता है।












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