रूसी विदेश मंत्री के भारत दौरे से पहले बोला अमेरिका, अगर चीन LAC का फिर उल्लंघन करता है तो रूस मदद नहीं करेगा
नई दिल्ली, 01 अप्रैल। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव आज भारत के दौरे पर आ रहे हैं। लेकिन उनके दौरे से पहले अमेरिका के विदेश मंत्रालय के डेप्युटी एनएसए दलीप सिंह का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि जो देश प्रतिबंधों को कमजोर करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं उसके परिणाम होंगे। अहम बात यह है कि दलीप सिंह ने ही रूस के खिलाफ तमाम आर्थिक प्रतिबंधों की रणनीति बनाई थी। ऐसे में दलीप सिंह ने भारत को लेकर भी अपनी स्थिति को स्पष्ट किया है।

दलीप सिंह ने कहा कि किसी भी देश को खुद का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए, चीन के साथ रिश्ते में अब रूस जूनियर साथी बनने जा ररहा है। जितना ही चीन रूस का इस हालात में लाभ उठाएगा, वह उतना ही भारत के खिलाफ होगा। मुझे नहीं लगता है कि कोई भी यह विश्वास करेगा कि अगर चीन फिर से एलएसी का उल्लंघन करता है तो रूस भारत का इस स्थिति में साथ देगा। लिहाजा यही वजह है कि हम चाहते हैं कि दुनिया के लोकतंत्र और मुख्य रूप से क्वाड देश एक साथ आएं और यूक्रेन को लेकर अपनी चिंताओं को जाहिर करें।
बता दें कि रूस के विदेश मंत्री सेगरई लार्वेव गुरुवार को भारत पहुंच गए हैं। वह इससे पहले बीजिंग में थे, यहां के बाद वह गुरुवार की शाम को दिल्ली पहुंचे हैं। भारत में वह विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ आज अहम बैठक करेंगे। ब्रिटेन के विदेश सचि लिज ट्रस जोकि गुरुवार को भारत पहुंचे थे उन्होंने एस जयशंकर से मुलाकात की थी। इन तमाम उठापटक के बीच दलीप सिंह ने कहा कि दोस्त कोई सीमा नहीं खींचते हैं, हम सभी देशों को लेकर खासकर अपने सहयोगियों को लेकर फिक्रमंद हैं, लिहाजा ये लोग रूस की मुद्रा रूबल को बढ़ावा ना दें।
हालांकि दलीप सिंह ने कहा कि भारत रूस से जो ऊर्जा खरीद रहा हैवह किसी भी प्रतिबंध का उल्लंघन नहीं है। हम यह नहीं चाहते हैं कि कोई भी रूस पर लगे प्रतिबंधों का लाभ उठाए। रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर दलीप सिंह ने कहा कि इन प्रतिबंधों का मकसद है कि अगर कोई देश बिना वजह, गैरकानूनी रूप से, बिना उकसावे के युद्ध छेड़ता है तो यह उसकी बड़ी विफलता होगी।












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