अमेरिकी रक्षामंत्री ने पीएम मोदी को दिया राष्ट्रपति बाइडेन का ‘गुप्त संदेश’, NSA से मुलाकात में भी चीन मुद्दा
अमेरिका के रक्षामंत्री लॉयड ऑस्टिन ने पीएम मोदी और भारत के NSA अजित डोवाल से बात की। इस दौरान चीन और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को लेकर बातचीत हुई है।
नई दिल्ली: अमेरिका के रक्षामंत्री लॉयड ऑस्टिन तीन दिनों के भारत दौरे पर हैं जहां दोनों देशों के बीच चीन को रोकने के लिए रणनीति तैयार की जा रही है। शुक्रवार को भारत पहुंचे अमेरिकी रक्षामंत्री लॉयड ऑस्टिन ने सबसे पहले भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की और फिर आज उनकी मुलाकात भारत के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजित डोवाल से हुई है। इस दौरान दोनों देशों के बीच चीन को लेकर बातचीत की गई है।
पीएम मोदी से मुलाकात
Recommended Video
भारत दौरे पर आए अमेरिकी रक्षामंत्री लॉयड ऑस्टिन की सबसे पहले भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात हुई। इस दौरान देखा गया कि लॉयड ऑस्टिन के हाथ में डायरी थी जिसपर उन्होंने पीएम मोदी से हुई बातचीत का ब्योरा लिखा है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के दौरान अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय और दोनों देशों के आपसी हितों को लेकर बातचीत की गई। इस मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि भारत और अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को लेकर प्रतिबद्ध हैं और इन दोनों के साथ आने से जो ताकत बनती है, वो ताकत दुनिया की बेहतरी के लिए है।

हिंद प्रशांत क्षेत्र पर बात
पीएम मोदी और अमेरिकी रक्षामंत्री की मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने बयान जारी करते हुए कहा है कि अमेरिकी रक्षामंत्री ने पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच के रक्षा संबंध को और मजबूत करने के साथ अमेरिका के साथ रणनीतिक प्रतिबद्धता को दोहराया है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच में हिंद प्रशांत क्षेत्र की शांति, सुरक्षा और स्वतंत्रता के लिए रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए तीव्र इच्छा व्यक्त की गई है।
चीन को लेकर रणनीति
अमेरिकी रक्षामंत्री का ये दौरा चीन की विस्तारवादी नीति को देखते हुए काफी अहम माना जा रहा है। वहीं, अमेरिकी रक्षामंत्री का ये दौरा जापान और साउथ कोरिया होते हुए हुआ है। लॉयड ऑस्टिन की ये यात्रा उस वक्त हुई है जब पिछले हफ्ते क्वाड देशों की बैठक हुई है, जिसमें भारत के साथ अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने हिस्सा लिया है। वहीं माना जा रहा है कि अमेरिकी रक्षामंत्री की इस यात्रा का मकसद अमेरिका अपने सहयोगी देशों को एक करने के लिए कर रहा है। पिछले महीने व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा था कि अमेरिकन राष्ट्रपति चीन के खिलाफ अपने सहयोगियों को एक साथ लाने की कोशिश कर रहे हैं।
रक्षामंत्री की यात्रा पर अमेरिका
भारत दौरे पर आए अमेरिकी रक्षामंत्री ने ट्वीट कर कहा कि वो भारत आने पर काफी रोमांचित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि 'भारत आकर मैं रोमांचित महसूस कर रहा हूं। भारत और अमेरिका के बीच सहयोग की गहराई दिखाती है कि हमारी रक्षा साझेदारी का महत्व कितना ज्यादा है। भारत और अमेरिका हिंद प्रशांत क्षेत्र में सामने आने वाली चुनौतियों क खिलाफ एक साथ मिलकर काम कर सकते हैं'। वहीं रक्षामंत्री के भारत दौरे को लेकर अमेरिका ने अपने बयान में कहा है कि 'रक्षामंत्री लॉयड ऑस्टिन ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत के नेतृत्व पर भरोसा जताया है और हिंद प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों के बढ़ रहे संबंध से सामूहिक लक्ष्य तक पहुंचने में मदद मिलेगी'। अमेरिका की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि दोनों पक्ष हिंद प्रशांत क्षेत्र और पूरे इलाके में स्वतंत्र और खुली व्यापार व्यवस्था का समर्थन करते हैं और स्वंतंत्रता के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं
चीन को सख्त संदेश
अमेरिका के राष्ट्रपति लॉयड ऑस्टिन का भारत दौरा चीन को सख्त संदेश देने के तौर पर देखा जा रहा है। जापान में अपने समकक्ष से बात करते वक्त अमेरिकी रक्षामंत्री ने चीन को विश्व के लिए खतरा बताया था और उसकी विस्तारवादी नीति के लिए आलोचना की थी। इससे पहले क्वाड की भी मीटिंग हो चुकी है, लिहाजा भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात के दौरान अमेरिकी रक्षामंत्री चीन का मुद्दा उठाएंगे। चीन की आक्रामक और विस्तारवादी नीति और हिंद प्रशांत क्षेत्र में उसे रोकने के लिए दोनों देशों के बीच गहन मंथन हो रही है। क्वाड की बैठक के दौरान भी भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और जापान के बीच इंडो-पैसिफिक क्षेत्र पर गंभीर बातचीत हुई थी।












Click it and Unblock the Notifications