कनाडा-अमेरिका में विनाशकारी गर्मी से तबाही, 100 करोड़ से ज्यादा जीवों की गई जान, सैकड़ों इंसानों की भी मौत

कनाडा और अमेरिका में विनाशकारी गर्मी से एक अरब से ज्यादा समुद्री जीव और सैकड़ों इंसान अपनी जान गंवा चुके हैं।

ओटावा, जुलाई 11: कनाडा और अमेरिका में भीषण गर्मी और लू की वजह से पिछले 2 हफ्तो में करोड़ों समुद्री जीव और सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। कनाडा में इस वक्त इतनी खतरनाक लू चल रही है कि लोगों का रहना मुहाल हो गया है और समुद्री तटों पर करोड़ों समुद्री जीवों के डेड बॉडी मिले हैं। बताया जा रहा है कि पिछले हफ्ते से जारी कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में विनाशकारी गर्मी की वजह से समुद्र का पानी इतना ज्यादा गर्म हो गया कि मसल्स, क्लैम जैसे करोड़ों समुद्री जीवों की मौत हो गई है। वहीं, सैकड़ों आदमियों की भी लू की वजह से मरने की जानकारी सामने आई है।

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    कनाडा-अमेरिका में विनाशकारी गर्मी से तबाही, 100 करोड़ से ज्यादा जीवों की गई जान
    करोड़ों समुद्री जीव ने तोड़ा दम

    करोड़ों समुद्री जीव ने तोड़ा दम

    ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय में जूलॉजी विभाग के प्रोफेसर क्रिस्टोफर हार्ले ने रविवार को किट्सिलानो बीच पर अनगिनत मृत मसल्स को देखा है। उन्होंने मसल्स के खोल को खुला हुआ और धीरे धीरे सड़ते हुए देखा है। जीव विज्ञानी हार्ले समुद्री तटों के पास पाए जाने वाले चट्टानों और समुद्री जीवों पर क्लाइमेट चेंज के असर का स्टडी करते हैं और उन्होंने कहा है कि कनाडा में अभी जो विनाशकारी गर्मी पड़ रही है, उससे करोड़ों मसल्स मारे गये हैं और वो समुद्र के तट पर पहुंच गये हैं और अब सड़ रहे हैं। जिससे वातावरण पर काफी बुरा असर भी हो रहा है। क्रिस्टोफर हार्ले ने स्थिति की समक्षा करते हुए आशंका जताई है कि इस विनाशकारी गर्मी की वजह से एक अरब से ज्यादा समुद्री जीव मर सकते हैं।

    क्रिस्टोफर हार्ले ने जताई आशंका

    क्रिस्टोफर हार्ले ने जताई आशंका

    जीव विज्ञानी क्रिस्टोफर हार्ले ने इस परिस्थिति को विनाशकारी कहा है और जलवायु परिवर्तन का बस एक छोटा नमूना बताया है। उन्होंने कहा कि ''जब मैं समुद्र तट पर स्टडी के लिए पहुंचा तो मुझे काफी दूर से काफी काफी बदबू आ रही थी और जब मैं समुद्र के किनारे पर पहुंचा तो मैंने देखा कि वहां पर अनगिनत मृत जावनर पड़े हुए थे। मैंने अपने चारों तरफ देखना शुरू किया तो हर तरफ समुद्री जीवों की डेड बॉडी पड़ी थी। ये स्थिति काफी खतरनाक और चिंताजनक है।'' हार्ले ने कहा कि ''अगले दिन मैं अपने एक छात्र के साथ दूसरे समुद्री तटों की तरफ मुआयना करने चला गया और कैंकूवर समुद्र तट पर मैनें तबाही का नजारा देखा। यहां पर करोड़ों मसल्स को मैंने मृत पाया। ये सभी समुद्री जीव भीषण गर्मी की वजह से मारे गये हैं।'' उन्होंने कहा कि '' कनाडा के इस समुद्री तट पर रहने वाले ज्यादातर मसल्स अब मर चुके हैं और अगर ये गर्मी ज्यादा दिनों तक रही तो कनाडा के समुद्री तट से मसल्स गायब हो जाएंगे''

    विनाशकारी गर्मी

    विनाशकारी गर्मी

    जीव विज्ञानी हार्ले ने कहा कि समुद्री जीव मसल्स खुद को चट्टानों और अन्य सतहों से जोड़ कर रखते हैं और कम ज्वार के दौरान हवा और कम धूप के संपर्क में रहने के आदी होते हैं। लेकिन वे आम तौर पर बहुत लंबे समय तक 100 डिग्री फॉरेनहाइट से ज्यादा तापमान पर नहीं टिक सकते हैं। उन्होंने कहा कि '' वैंकूवर शहर में तापमान 26 जून को 98.6 डिग्री फॉरेनहाइट, 27 जुन को को 99.5 और 28 तारीख को 101.5 डिग्री था, जिसकी वजह से समुद्र का तट काफी ज्यादा गर्म हो गया था। हार्ले और उनके छात्र ने एक FLIR थर्मल इमेजिंग कैमरा का इस्तेमाल किया, जिसमें सतह का तापमान 125 डिग्री से ऊपर पाया गया। जलवायु वैज्ञानिकों ने संयुक्त राज्य अमेरिका में ब्रिटिश कोलंबिया और प्रशांत नॉर्थवेस्ट में गर्मी की लहर को "अभूतपूर्व" कहा और चेतावनी दी कि जलवायु परिवर्तन ऐसी घटनाएं अब लगातार आने वाली हैं। यूनियन ऑफ कंसर्नड साइंटिस्ट्स की एक वरिष्ठ जलवायु वैज्ञानिक क्रिस्टीना डाहल ने सीएनएन को कहा कि "हमने हर अगले दिन गर्मी के रिकॉर्ड को टूटते हुए देखा है, खासकर उस हिस्से में जहां काफी कम गर्मी पड़ती है''

    इंसान ही बर्बादी के लिए जिम्मेदार

    इंसान ही बर्बादी के लिए जिम्मेदार

    वैज्ञानिकों के एक ग्रप ने पिछले दो हफ्ते के दौरार अमेरिका और कनाडा की स्थिति के लिए इंसानों को ही जिम्मेदार ठहराया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ''इंसानों की वजह से जलवायु परिवर्तन हो रहा है और इसीलिए आज ये विनाशकारी गर्मी पड़ रही है।'' कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में 30 जून की गर्मी ने तमाम रिकॉर्ड्स तोड़ दिया और 30 जून को कनाडा में पारा 121 डिग्री दर्ज किया गया और इतना पारा कनाडा के इतिहास में कभी दर्ज नहीं किया गया था। वैज्ञानिकों ने कहा कि विनाशकारी गर्मी से ही करोड़ों जानवर मारे गये हैं।

    सैकड़ों लोगों की गई जान

    सैकड़ों लोगों की गई जान

    कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया क्षेत्र के चीफ लिसा लापोइंटे के कहा कि 25 जून से एक जुलाई के बीच 719 लोगों की मौत गर्मी की वजह से हुई है। वहीं, अमेरिका के अलह अलग हिस्सों में भीषण गर्मी और लू की वजह से सैकड़ों लोगों की मौत की खबर है और हजारों लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    एक अरब जानवरों की मौत की आशंका

    एक अरब जानवरों की मौत की आशंका

    जीव विज्ञानी हार्ले ने आशंका जताते हुए कहा कि गर्मी की वजह से सालिश सागर में एक अरब मसल्स और अन्य समुद्री जीवों के मरने की संभावना है। जिनमें स्ट्रेट ऑफ जॉर्जिया, पुगेट साउंड और स्ट्रेट ऑफ जुआन डी फूका शामिल हैं, हालांकि, उन्होंने कहा कि ये एक प्रारंभिक अनुमान है। उन्होंने कहा कि मसल्स काफी छोटे जीव होते हैं और आपकी कलाई पर 50 से ज्यादा मसल्स एक साथ आ सकते हैं, लिहाजा एक बड़े क्षेत्र में सिर्फ मसल्स ही मरे हुए मिले हैं तो आप कह सकते हैं कि एक अरब से ज्यादा मसल्स की मौत हो चुकी होगी।

    वैज्ञानिकों ने जारी की चेतावनी

    वैज्ञानिकों ने जारी की चेतावनी

    नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी में मरीन बायोलॉजी के प्रोफेसर ब्रायन हेल्मुथ ने कहा कि कोरल रीफ्स की तरह मसल्स बेड का यू मरना बहुत बड़ी चेतावनी है। उन्होंने कहा कि ''जब हम मसल्स बेड को गायब होते देखते हैं, तो हमें चिंता होती है। क्योंकि वो समुद्र में जंगल के पेड़ों की तरह होते हैं, जिनपर सैकड़ों प्रजातियां निर्भर करती हैं और वो समुद्र में रहने वाले सैकड़ों तरह की दूसरी प्रजातियों को आवास प्रदान करते हैं, ऐसे में अगर मसल्स गायब हो जाएंगे, तो सैकड़ों दूसरी प्रजातियों का अस्तित्व संकट में आ जाएगा।

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