Pakistan ships: शांति दूत बनने चले पाकिस्तान को अमेरिका ने दिखाया ठेंगा, होर्मुज में 2 जहाजों को खदेड़ा
US blocks Pakistan ships: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान को एक बड़ा कूटनीतिक झटका लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजर रहे पाकिस्तान के दो जहाजों को अमेरिकी सेना ने रोककर वापस लौटा दिया। यह घटना तब हुई जब उसी रास्ते से चीन समेत कई देशों के जहाज बिना किसी रुकावट के निकल रहे थे।
पाकिस्तान, जो अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है, उसके लिए यह स्थिति काफी शर्मिंदगी भरी है क्योंकि उसे ईरान से विशेष सुरक्षा पास भी मिले हुए थे।

Hormuz Strait crisis: क्या है पूरा मामला?
अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी और अरब सागर के पास कड़ी नाकेबंदी कर रखी है। इस दौरान वहां से लगभग 20 जहाज आसानी से गुजर गए, लेकिन अमेरिकी नौसेना ने केवल 6 जहाजों को रोका। चौंकाने वाली बात यह है कि इन 6 में से 2 जहाज पाकिस्तान के थे। पाकिस्तान को उम्मीद थी कि ईरान द्वारा दिए गए 'विशेष पास' की वजह से उनके जहाजों को रास्ता मिल जाएगा, लेकिन अमेरिका के इस कड़े रुख ने पाकिस्तान की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
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ईरान के पास भी नहीं आए काम
ईरान ने पाकिस्तान के जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए 20 विशेष पास जारी किए थे। पाकिस्तान इनमें से 4 पास का इस्तेमाल पहले ही कर चुका था। पाकिस्तान को भरोसा था कि इन पास की मदद से उसके जहाज बिना किसी डर के निकल जाएंगे। लेकिन अमेरिकी नाकेबंदी ने यह साफ कर दिया कि समुद्र के इस रास्ते पर फिलहाल ईरान की गारंटी से ज्यादा अमेरिका का नियंत्रण भारी पड़ रहा है, जिससे पाकिस्तानी अधिकारी अब काफी चिंतित नजर आ रहे हैं।
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पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका क्यों?
यह घटना पाकिस्तान के लिए इसलिए भी बुरी है क्योंकि अगले दो दिनों में इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते (Peace Deal) को लेकर बातचीत होने वाली है। पाकिस्तान इस बातचीत में एक बड़े शांतिदूत की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा था। ऐसे में अपने ही जहाजों का रोका जाना यह दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की स्थिति उतनी मजबूत नहीं है जितनी वह दिखाने की कोशिश कर रहा था।
सरकार की चुप्पी और मुश्किलें
इस घटना के बाद पाकिस्तान सरकार ने आधिकारिक तौर पर कुछ भी बोलने से परहेज किया है। हालांकि, जहाजरानी मंत्री जुनैद अनवर चौधरी ने स्वीकार किया है कि देश को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगर इसी तरह उसके जहाजों को रोका गया, तो उसकी अर्थव्यवस्था और व्यापार पर बहुत बुरा असर पड़ेगा। फिलहाल पाकिस्तान बातचीत के जरिए इस समस्या का हल निकालने की कोशिश में जुटा है।












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