अमेरिका ने कोरोना वैक्सीन से पेटेंट खत्म करने का किया समर्थन, कहा- महामारी को खत्म करने की दिशा में उठाया कदम
अमेरिका ने कोरोना वैक्सीन से पेटेंट खत्म करने का किया समर्थन, कहा- महामारी को खत्म करने की दिशा में उठाया कदम
नई दिल्ली, 06 मई: अमेरिका ने कोरोना वायरस वैक्सीन से पेटेंट खत्म करने का समर्थन किया है। अमेरिका ने वैक्सीन को बौद्धिक संपदा अधिकार से बाहर रखने की विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की पहल का समर्थन किया है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कैथरीन ताई ने कहा है कि जो बाइडेन प्रशासन बौद्धिक संपदा की सुरक्षा का समर्थन करता है। लेकिन वैक्सीन पेटेंट में छूट सिर्फ कोरोना वायरस महामारी को खत्म करने के लिए दी जा रही है। अमेरिका द्वारा महामारी को खत्म करने की सेवा में 19 वैक्सीन की सुरक्षा में छूट को समर्थन कर रहा है। हालांकि इसी के साथ कैथरीन ताई ने यह भी कहा कि विश्व व्यापार संगठन के सदस्यों के बीच इस पर सहमति में फिलहाल वक्त लगेगा।

बता दें कि अमेरिकी कांग्रेस (संसद) में मंगलवार को निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्यों ने राष्ट्रपति जो बाइडेन को पत्र लिख वैक्सीन से पेटेंट हटाने के लिए कहा था। पत्र पर 110 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए थे।
हालांकि भारत दुनिया का पहला ऐसा देश है, जिसमें कोरोना वैक्सीन से पेटेंट हटाने की मांग की है भारत में इसके लिए विश्व स्वास्थ्य संगठ को भी प्रस्ताव भेजा था। वहीं भारत और दक्षिण अफ्रीका ने विश्व व्यापार संगठन में भी वैक्सीन पेटेंट की छूट के लिए कोशिश की थी। भारत और दक्षिण अफ्रीका ने वैक्सीन पेटेंट हटाने के पीछे तर्क दिया था कि इससे वैक्सीन उत्पादन में तेजी आएगी।
अमेरिका के इस फैसले का विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख प्रमुख डॉक्टर टेड्रॉस गेब्रेयासिस ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा उठाया गया ये कदम कोरोना के खिलाफ जंग में एक ऐतिहासिक कदम है। हालांकि अमेरिका के इस फैसले से दवा निर्माता कंपनियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि इस फैसले से कोरोना वैक्सीन का प्रोडक्शन बढ़ने वाला नहीं है, क्योंकि कॉन्ट्रैक्टर्स के पास अपनी कोई तकनीक नहीं है।












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