THAAD, Patriot, SM-3.. चीन-रूस के सामने US के बड़े-बड़े हथियार बेकार, बाइडेन ने NGI पर लगाया दांव, क्या है?

Next-Gen Interceptor Program: ईरानी मिसाइलों के हमलों को रोकने में अमेरिका की अभूतपूर्व कामयाबी ने संयुक्त राज्य मिसाइल रक्षा एजेंसी (MDA) को काफी उत्साहित कर दिया है और देश की रक्षा के लिए नये इंटरसेप्टर बनाने के लिए लॉकहिड मार्टिन के साथ ही कॉन्ट्रैक्ट को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया है। क्योंकि, उत्तर कोरिया, रूस और चीन, ये तीन ऐसे दुश्मन हैं, जिनके पास ईरान के मुकाबले कई गुना ज्यादा ताकतवार मिसाइलें मौजूद हैं।

लेकिन, इन देशों के पास जो मिसाइलें मौजूद हैं, उन मिसाइलों को पूरी तरह से रोकने की क्षमता अमेरिका के पास नहीं है, खासकर उस स्थिति में, अगर ये देश एक साथ दर्जनों मिसाइलों से हमला कर दें। लिहाजा, एक्सपर्ट्स का मानना है, कि अमेरिका को अब नेक्स्ट जेनरेशनल इंटरसेप्टर के निर्माण को बिजली की रफ्तार से बढ़ा देनी चाहिए।

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चीन के सामने अमेरिकी हथियार बेकार!

अमेरिकी मिसाइल एजेंसी MDA उन सामान्य आपत्तियों को सिरे से खारिज कर दिया है, कि अमेरिका को नये इंटरसेप्टर्स की जरूरत नहीं है। कई डिफेंस एक्सपर्ट्स ने दावा किया, कि अमेरिका के पास जो वर्तमान में ग्राउंड-आधारित मिडकोर्स डिफेंस (जीएमडी) इंटरसेप्टर सिस्टम्स हैं, वो इतने अच्छे हैं, कि वो परमाणु प्रतिशोध का खतरा और विरोधियों को रोकने के लिए पर्याप्त हैं।

लेकिन, MDA ने ऐसी रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है और इसका मानना है, कि वक्त आ गया है, कि अमेरिका अब नेक्स्ट जेरनेशन एयर डिफेंस सिस्टम और इंटरसेप्टर का निर्माण करे।

इंटरसेप्टर को नेक्स्ट जेनरेशन इंटरसेप्टर (NGI) के नाम से जाना जाता है। और पहले अमेरिकी NGI के 2028 में चालू होने की उम्मीद है। यह रडार, इंटरसेप्टर और अन्य उपकरणों की एक नेटवर्क प्रणाली का हिस्सा है, जिसे संयुक्त राज्य अमेरिका को अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों से बचाने के लिए डिजाइन किया गया है।

अमेरिकी सरकार ने इस NGI के निर्माण के लिए हथियार कंपनी लॉकहीड मार्टिन के साथ 17.7 अरब डॉलर का समझौता किया है। लॉकहीड मार्टिन ने ये डील, एक और हथियार कंपनी नॉर्थोर्प ग्रूमेन को हराकर हासिल किया।

इस जीत को लॉकहीड मार्टिन के लिए मनोबल बढ़ाने वाला कहा जाता है, क्योंकि अमेरिकी सरकार ने F-35 लड़ाकू विमान के लिए ऑर्डर घटा दिए थे। इसके अलावा, अमेरिकी सेना ने फ्यूचर अटैक रिकोनाइसेंस एयरक्राफ्ट के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को भी छोड़ दिया है, जिसका मकसद अगली पीढ़ी के हेलीकॉप्टर का निर्माण करना था।

NGI सिस्टम को कहां तैनात करेगा अमेरिका?

ऐसी रिपोर्ट है, कि अमेरिकी सरकार ने फिलहाल 20 NGI सिस्टम बनाने का ऑर्डर दिया हुआ है और एक बार इनका निर्माण होने के बाद उन्हें अलास्का के फोर्ट ग्रैली में तैनात किया जाएगा। आपको बता दें, कि बाइडेन प्रशासन ने अपने वित्तीय वर्ष 2025 के बजट में मिसाइल सुरक्षा के लिए अमेरिकी संसद से 28.4 अरब डॉलर का बजट जारी करने का अनुरोध किया है।

अमेरिका के पास फिलहाल 44 जीएमडी सिस्टम हैं, जिनमें से ज्यादातर अलास्कार के फोर्ट ग्रेली में ही तैनात हैं, जबकि कुछ कैलिफोर्निया में वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस में तैनात हैं। लेकिन, ये उन मिसाइलों का मुकाबला करने के लायक नहीं है, जिनमें कई मारक वाहन या डिकॉय शामिल हैं। ऐसा तर्क दिया गया है, कि एनजीआई का इरादा तैयार होते ही अमेरिकी डिफेंस में आई इस कमी को भरने की है।

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अमेरिका को NGI की सबसे ज्यादा जरूरत क्यों है?

डिफेंस एक्सपर्ट्स के मुताबिक, NGI टेक्नोलॉजी, मौजूदा GMD टेक्नोलॉजी के ऊपर सुरक्षा के नीचे एक और 'अंडरलेयर' क्षमता को शामिल करेगा। अंडरलेयर को एजिस बीएमडी और टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरियल डिफेंस (THAAD) सहित छोटी दूरी की मिसाइल इंटरसेप्टर का एक परिवार कहा जाता है, जो उच्च ऊंचाई वाले जमीन-आधारित इंटरसेप्टर से बचने वाले दुश्मन के हथियारों को ट्रैक करता है और उसे मार गिराने के लिए हमला करता है।

खासकर, यूक्रेन युद्ध के बाद ये तर्क काफी मजबूत हो गया है, कि इंटरकॉन्टिनेंटस बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में कम दूरी वाले इंटरसेप्टर काफी ज्यादा प्रभावी साबित हुए हैं, लिहाजा NGI इंटरसेप्टर अमेरिका को दुश्मनों के अत्याधुनिक मिसाइलों के खिलाफ एक रक्षा कवच पहनाएगा। फिलहाल, अमेरिका ने GMD में एक एक्स्ट्रा अंडरलेयर जोड़कर अपनी मिसाइल डिफेंस को मजबूत करेगा।

SM-3 और THAAD हो चुके हैं बेकार?

अमेरिका के पास फिलहाल एयर डिफेंस के लिए जो मिसाइल सिस्टम मौजूद हैं, जिनमें SM-3 मिसाइल डिफेंस सिस्टम और THAAD प्रमुख हैं, वो रूसी और चीनी मिसाइलों के खिलाफ पूरे अमेरिकी ङक्षेत्र की सुरक्षा करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है, कि चीन और रूस के पास अब ऐसे मिसाइल हैं, जो अमेरिका के इन डिफेंस सिस्टम्स को आसानी से भेद सकते हैं।

एसएम-3 मिसाइल, जिसे आम तौर पर एक नौसैनिक जहाज पर तैनात किया जाता है, उसे मध्यम और मध्यवर्ती दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को वायुमंडल से बाहर होने पर रोकने के लिए डिजाइन किया गया है। हालांकि, GBI की तुलना में इसके छोटे आकार को देखते हुए, ये इंटरसेप्टर पूरे अमेरिका को सुरक्षित नहीं कर पाएगा।

डिफेंस एक्सपर्ट्स के मुताबिक, THAAD के पास कुछ हद कर लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों और हाइपरसोनिक मिसाइलों को ट्रैक करने और उसे रोकने की क्षमता है, लेकिन THAAD का कवरेज, SM-3 मिसाइल के कवरेज क्षेत्र से भी कम होता है, लिहाजा ये दोनों पूरे अमेरिका की रक्षा करने में नाकाम साबित हो सकते हैं। लिहाजा, अमेरिका को अब जल्द से जल्द NGI इंटरसेप्टर को अपने डिफेंस बेड़े में शामिल करना होगा, ताकि दुश्मनों के खिलाफ देश को एक नया रक्षा कवच मिल सके।

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