Philippines Election : सत्ता में मार्कोस परिवार की वापसी, जानें कौन बनेंगे राष्ट्रपति
64 वर्षीय मार्कोस जूनियर एक प्रांत के पूर्व गवर्नर, सांसद और सेनटेर रह चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मार्कोस जूनियर भारी जीत केसाथ फिलीपींस के राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं।
मनीला, 10 मई : फिलीपींस के तानाशाह रहे फर्डिनांड मार्कोस के बेटे मार्कोस जूनियर भारी जीत के साथ देश के राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं. खबर के मुताबिक सोमवार को हुए चुनाव में मार्कोस बड़े अंतर से जीतने वाले हैं। अगर अनुमान सही रहा तो देश के सबसे चर्चित राजनीतिक घराने की एक बार फिर से सत्ता में वापसी हो सकती है।

दुरतेर्ते की सरकार में उपराष्ट्रपति
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फर्डिनांड मार्कोस जूनियर को अपने प्रतिद्वन्द्वी लेनी रोब्रेडो से दोगुने से भी ज्यादा मत मिले हैं। बता दें कि, रोब्रेडो मौजूदा राष्ट्रपति रोड्रिगो दुरतेर्ते की सरकार में उपराष्ट्रपति हैं। 96 प्रतिशत से ज्यादा मतों की गिनती के बाद उन्हें 1.45 करोड़ मत मिले जबकि तीसरे नंबर पर मशहूर मुक्केबाज मैनी पैकियो रहे जिन्हें अब तक 35 लाख मत मिले. मार्कोस को 3.05 करोड़ मत मिले।
धोखाधड़ी का आरोप
वहीं, सारा दुतेर्ते, निवर्तमान नेता की बेटी और दक्षिणी दावो शहर के मेयर की उपराष्ट्रपति की दौड़ में शानदार बढ़त बनाए हुए थीं, जो राष्ट्रपति पद की दौड़ से अलग है। मार्कोस जूनियर और सारा दुतर्ते ने अपने अभियान के दौरान कई अहम मुद्दों को उठाने से परहेज किया। बता दें कि,2016 के उप राष्ट्रपति पद की दौड़ में, रोब्रेडो ने मार्कोस जूनियर को काफी कम अंतर से हराया था। हार के बाद मार्कोस ने धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए रोब्रेडो की जीत के खिलाफ एक साल लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी थी।
चीन के प्रति झुकाव
जानकारों का मानना है कि फिलीपींस के राष्ट्रपति चुनाव में दिख रहे ट्रेंड को लेकर अमेरिका की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं. वैसे अमेरिका मौजूदा राष्ट्रपति रोड्रिगो दुरतेर्ते की विदेश नीति से खुश नहीं था। अब जब अगले संभावित राष्ट्रपति फर्डिनांड मार्कोस जूनियर भारी जीत की ओर बढ़ रहे हैं तो अमेरिका उनके चीन के प्रति झुकाव को लेकर चिंतित नजर आ रहा है।
जीत को किया स्वीकार
वहीं, मार्कोस जूनियर ने जीत का दावा नहीं किया है, लेकिन देर रात राष्ट्र के नाम संबोधन में अपने समर्थकों को धन्यवाद दिया, जहां उन्होंने वोटों की गिनती पूरी होने तक लोगों को सतर्क रहने का आग्रह किया। दूसरी तरफ, रोब्रेडो ने हार नहीं मानी है, लेकिन अनौपचारिक गिनती में बड़े पैमाने पर मार्कोस जूनियर की बढ़त को स्वीकार भी किया है। उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि सुधारों की लड़ाई और लोकतंत्र चुनाव के साथ खत्म नहीं होगा।
जानें कौन हैं मार्कोस जूनियर?
मार्कोस जूनियर (64) एक प्रांत के पूर्व गवर्नर, सांसद और सेनटेर रह चुके हैं. 1986 में उनके पिता फर्डिनांड मार्कोस देश के तानाशाह शासक थे जिन्हें पद से हटाया गया था। उन पर अपने परिवार के साथ मिलकर सत्ता में रहते हुए 5 अरब डॉलर से ज्यादा की संपत्ति जुटाने के आरोप लगे थे। बता दें कि, 1989 में उनकी हवाई में निर्वासन में ही मौत हो गई थी. हवाई की एक अदालत ने उन्हें मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार माना और उनकी दो अरब डॉलर की संपत्ति बेचकर 9 हजार से ज्यादा नागरिकों को मुआवजा देने का आदेश दिया था।
वहीं, मार्कोस जूनियर ने अपने पिता की विरासत को सही ठहराया है और उनके किसी भी कृत्य के लिए माफी मांगने से साफ इनकार किया है। अपने चुनाव प्रचार के दौरान मार्कोश जूनियरने सोशल मीडिया पर बड़े-बड़े अभियान चलाकर वोट मांगे और परिवार की छवि सुधारने की कोशिश भी की।












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