खुलेगा मंगल का रहस्यमयी दरवाजा ! गुफाओं में मिली रहने लायक जगह, जानिए Mars पर कहां बस सकेंगे इंसान
मंगल ग्रह पर जीवन की तलाश में जुड़े साइंटिस्ट्स की एक नई खोज में अहम तथ्यों को जिक्र किया गया है। ये खोज मंगल ग्रह के भूगर्भिक इतिहास से जुड़ी है।

Underground Areas of Mars : स्पेस साइंटिस्टिस ने मंगल ग्रह पर कुछ खास जगहों का पता लगाया है, जहां ग्रह की सतह की तुलना में मानव जीवन के अधिक उपयुक्त हो सकती है। इस ग्रह पर गेल क्रेटर की सतह पर घूमते हुए क्यूरियोसिटी रोवर की तस्वीरों से एक अहम खुलासा करने वाली खोज सामने आई है।

मंगल की गुफाओं में सुरक्षित स्थान
एरिजोना यूनिवर्सिटी में जियोसाइंटिस्ट निकोल बरडाबेलियस ने कहा था कि मंगल पर गुफाओं का भूमिगत हिस्सा ग्रह की कठिन परिस्थितियों के बीच सुरक्षित स्थान है। ये स्थान रोवर वाहन की लैंडिंग साइट पास है। दरअसल, मंगल पर रेडिएशन, उल्कखंड का गिरना, तापमान में परिवर्तन जैसे बहुत सारी चुनौतीपूर्ण स्थितियां होती हैं। ऐसे में यहां गुफाओं का कुछ हिस्सा मानव जीवन के लिहाज से काफी अहम है।

साइंटिस्ट्स का दावा
मंगल को लेकर ये शोध अहम है। इसके निष्कर्ष एक पत्रिका जर्नल ऑफ जियोफिजिकल रिसर्च: प्लैनेट्स में प्रकाशित हुए हैं। जिसमें कहा गया है कि मंगल ग्रह के भूगर्भिक इतिहास में एक विशाल द्रव घटना के रहस्य मिले हैं। शोध में दावा किया गया है कि इस बात के सबूत मिलते हैं कि मंगल पर गुफा के भूमिगत स्थलों में लगातार ठंड और शुष्क जलवायु की स्थिति रहती है। ये संभावित रूप से सतह पर रहने वालों की तुलना में अधिक रहने योग्य हो सकते हैं। इसकी जानकारी न्यूट्रॉन स्पेक्ट्रोमीटर डायनेमिक अल्बेडो ऑफ न्यूट्रॉन, या डीएएन द्वारा डेटा के विश्लेषण से हुई है।

स्पेस एजेंसियां चलाएंगी मिशन
पिछले साल डेनवर में अमेरिका जियोलॉजिकल सोसायटी की बैठक में शोधकर्ताओं ने मंगल कुल 9 ऐसी गुफाओं को लेकर मिशन शुरू करने की बात कही थी, जिनका कुछ हिस्सा भूमिगत है। इन गुफाओं को लेकर भविष्य में स्पेस एजेंसियां अभियान चला सकती हैं। गुफाओं के अंडरग्राउंड स्थानों पर गैसों के मौजूदगी और मानव जीवन के लिए वातावरण की तलाश की जाएगी।

मंगल पर अहम खोज
लाल ग्रह यानी मंगल पर जीवन की तलाश में एक हम खोज की गई है। ये खोज Opal Halo Discovery के साइंटिस्ट्स ने की है। नई खोज में संकेत मिले हैं कि मानव जब लाल ग्रह मंगल पर कदम रखेंगे तो यहां भूमिगत गुफाओं में रहना उनके लिए आसान होगा। ये गुफाएं मानव की मंगल के मुश्किल हालातों से सुरक्षा करेंगी।

Fracture halo पर रिसर्च
एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी के पूर्व न्यूस्पेस पोस्टडॉक्टोरल फेलो ट्रैविस गेब्रियल के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने क्यूरियोसिटी रोवर द्वारा खींची गई पुरानी छवियों को देखा। इसमें दूर तक फैले फ्रैक्चर हेलो की एक विशाल श्रंखला देखी गई। साइंटिस्ट्स की टीम ने पाया कि यहां पूरी तरह से सिलिका और पानी देखा गया। बता दें कि साल 2012 में नासा ने गेल क्रेटर का पता लगाने के लिए क्यूरियोसिटी रोवर को मंगल ग्रह पर भेजा। साइंटिस्ट ट्रैविस गेब्रियल ने कहा कि मंगल से प्राप्त डेटा बहुत सारे फ्रैक्चर हेलो के बीच समानता देखी गई। ये फ्रैक्चर नेटवर्क इतने व्यापक थे और ओपल से भरे होने की संभावना अधिक है। टीम ने फ्रैक्चर के आसपास हल्के रंग की चट्टानों की संरचना देखी। ट्रैविस गेब्रियल के अनुसार फ्रैक्चर नेटवर्क मानव के रहने के योग्य हो सकते हैं
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