इस शहर में अचानक ड्रोन से बांटीं जाने लगीं बीयर की बोतलें और आइसक्रीम, हैरान रह गये शहरवासी
इजरायल में ड्रोन परीक्षण में शामिल कंपनियां अपने परीक्षण को लेकर काफी आशावादी हैं और एक कंपनी ने तो यहां तक कहा कि, उसका मकसद भविष्य में ड्रोन से चलने वाली कार का निर्माण करना है।
तेलअवीव, अक्टूबर 12: एक करोड़ से कम आबादी वाला देश इजरायल अपनी टेक्नोलॉजी से दुनिया को चौंकाता रहता है और इस बार इजरायल ने अपने ही देश के लोगों को चौंका दिया। क्या आप यकीन करेंगे, इजरायल के तेल अवीव शहर में अचानक ड्रोन उड़ने लगे और उस ड्रोन से इसक्रीम और बीयर की सप्लाई की गई। अब इस घटना का वीडियो पूरी दुनिया में वायरल हो रहा है।

ड्रोन से बीयर की सप्लाई
टेक्नोलॉजी को लेकर इजरायल ने एक बार फिर से पूरी दुनिया को हैरत में डाल दिया है और सोमवार को इजरायल के तेल अवीव शहर में ड्रोन टेक्नोलॉजी का बेहद अनोखे अंदाज में परीक्षण किया गया। इजरायल में ड्रोन टेक्नोलॉजी का परीक्षण करते हुए सोमवार को आसमान से आइसक्रीम और सुशी के डिब्बों की सप्लाई की गई। आपको बता दें कि, सुशी एक प्रकार का पकाया हुआ चावल होता है, जिसे इजरायल में काफी पसंद किया जाता है। इसके साथ ही ड्रोन के जरिए बीयर की भी सप्लाई की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे तेल अवीव शहर में ड्रोन के जरिए बीयर, आइसक्रीम और सुशी पहुंचाया गया।

टेक्नोलजी का परीक्षण
दरअसल, इजरायल अपने सुरक्षा कार्यक्रम के तहत ड्रोन का परीक्षण कर रहा है, लेकिन शायद ये दुनिया में पहली बार इस तरह का परीक्षण किया गया हो, जब ड्रोन के जरिए पूरे शहर में आइसक्रीम और बीयर की सप्लाई की गई हो। इस ड्रोन परीक्षण के जरिए अधिकारी ये जानना चाह रहे थे कि अत्यधिक व्यस्त शहरो में, जहां सड़क पर काफी जाम रहता है, क्या वहां ड्रोन के जरिए खाने के समान की सप्लाई की जा सकती है? इस टेस्ट में ड्रोन के जरिए खाने की सप्लाई का सफल परीक्षण किया गया है।
ड्रोन क्षमताओं का टेस्ट
इजराइल का नेशनल ड्रोन प्रोग्राम पिछले दो सालों से चल रहा है और ये कार्यक्रम इजरायल सरकार का है, जिसका उद्देश्य इजराइली ड्रोन कंपनियों की क्षमताओं पर निर्मित एक राष्ट्रव्यापी नेटवर्क स्थापित करना है, जो ड्रोन के जरिए ग्राहकों के घर तक या जहां ग्राहक मौजूद हैं, उस जगह पर बेहद सुरक्षा के साथ सामान बांटना है। इस कार्यक्रम का एक उद्येश्य यह परीक्षण भी करना था कि किसी आपाातकालीन स्थिति में क्या जरूरत का सामान एक खास टार्गेट पर कैसे पहुंचाया जा सकता है और इस कार्यक्रम पर लंबे वक्त से काम चल रहा था। अभी कोविड-19 संक्रमण के दौरान ड्रोन के जरिए खाने की सप्लाई काफी अहम भूमिका निभा सकता था।

इजरायल की महत्वाकांक्षा
इजरायल में ड्रोन परीक्षण में शामिल कंपनियां अपने परीक्षण को लेकर काफी आशावादी हैं। कैंडो ड्रोन के सह-संस्थापक योली भी उन कंपनियों की तरफ से इस कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं, जो ड्रोन टेक्नोलॉजी का परीक्षण कर रही हैं। लेकिन, उनका मकसद सिर्फ ड्रोन से खाना पहुंचाना ही नहीं है। एसोसिएटेड प्रेस से बात करते हुए कैंडो ड्रोन ने कहा कि, "एक दिन हमारे पास आसमान में ड्रोन से चलने वाली टैक्सियां होंगी,"। अगर इजरायली कंपनी की तरफ से ये बात कही जाए, तो आप उस दावे पर अचरज नहीं कर सकते हैं, क्योंकि इजरायली कंपनियां ये करने का माद्दा रखती हैं। उन्होंने कहा कि, ड्रोन के जरिए खाने की सप्लाई करना आठ चरणों में तीसरा ही चरण है और आगे अभी कई और प्रयोग किए जाने हैं। उन्होंने कहा कि, इस परियोजना के सामने अभी सुरक्षा और रसद संबंधी कई सवाल हैं, जिनका हल हम खोजने की कोशिश कर रहे हैं।

ड्रोन से खून की डिलीवरी
इजराइल ड्रोन टेक्नोलॉजी में अभी पूरी दुनिया में सबसे आगे है और इजरायली सेना में ड्रोन टेक्नोलॉजी का काफी इस्तेमाल किया जाता है। इस कार्यक्रम में इजरायल की 16 कंपनियों ने हिस्सा लिया था और ड्रोन के जरिए लोगों में बीयर, आइसक्रीम और सुशी बांटे थे। ड्रोन बनाने वाली एक कंपनी के प्रमुख अधिकारी पार्टेम ने कहा कि, हमने 2020 की शुरुआत में, जब कोविड-19 महामारी फैली थी, उस वक्त चिकित्सा आपूर्ति के ड्रोन का इस्तेमाल किया था। प्रारंभिक चरण में ड्रोन के द्वारा खून और प्लाज्मा की सप्लाई ड्रोन के जरिए की गई थी और कई जिलों में अस्पतालों तक खून की आपूर्ति काफी सटीकता के साथ की गई थी।

ड्रोन बनाने में माहिर इजरायल
आपको बता दें कि इजरायली ड्रोन कई देशों की सेना में काफी प्रमुखता के साथ शामिल किए गये हैं। जब अजरबैजान और अर्मीनिया के बीच जंग चल रही थी, तब इजरायली ड्रोन ने अजरबैजान की काफी मदद की थी और अर्मोनिया को काफी नुकसान पहुंचाया था। भारत भी इजरायली ड्रोन का इस्तेमाल लद्दाख में चीन की सेना की तैयारियों को जानने के लिए करता है और एक सूत्र के मुताबिक, भारत इजरायली ड्रोन की तैनाती सरहदी इलाकों में कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने इजरायल से 4 हेरोन मार्क-2 ड्रोन खरीदा है और ऐसी रिपोर्ट है कि इन ड्रोन को भारत लद्दाख में तैनात करेगा। ड्रोन को लेकर भारत और इजरायल के बीच इसी साल समझौता किया गया था और ऐसी उम्मीद है कि अगले 2 से तीन महीने में इजरायली ड्रोन भारत को मिल जाएंगे।












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