ब्रिटेन में पहली बार किसी महिला के हाथ होगी न्याय व्यवस्था की कमान, 755 सालों के बाद रचा जाएगा इतिहास
लॉर्ड चीफ जस्टिस की रेस में सबसे आगे डेम विक्टोरिया शार्प हैं। उनके जुड़वां भाई का नाम रिचर्ड शार्प है। रिचर्ड शार्प ने पिछले महीने बीबीसी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उनपर बोरिस जॉनसन के लिए ऋण जुटाने का आरोप था
यूके में पहली बार एक महिला चीफ जस्टिस बनने जा रही है। ब्रिटेन के 755 सालों के न्यायिक इतिहास में इससे पहले किसी महिला को यह गौरव हासिल नहीं हुआ है।
द डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक इंग्लैंड और वेल्स में न्यायपालिका का नेतृत्व करने वाली अंतिम दो उम्मीदवार इस पद की दावेदार बताई जा रही हैं। इनमें 58 साल की डेम सू कैर और 67 साल की डेम विक्टोरिया शार्प शामिल हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन में न्यायपालिका की स्थापना के बाद से ही लॉर्ड चीफ जस्टिस की उपाधि हमेशा एक पुरुष को मिलती आई है। अब कहा जा रहा है कि ब्रिटिश संवैधानिक कानून को 'लेडी चीफ जस्टिस' टाइटल के साथ बदलने की आवश्यकता हो सकती है।
लॉर्ड चीफ जस्टिस का पद पहली बार 1268 में सृजित किया गया था। अब तक 100 से भी अधिक पुरुष इस पद को हासिल कर चुके हैं। ऐसा माना जा रहा है कि अगले 2 सप्ताह में दो दावेदारों में से किसी एक की घोषणा हो जाएगी।
इसकी घोषणा लॉर्ड चांसलर एंड जस्टिस सेक्रेटरी एलेक्स चाक की ओर से की जाएगी। चाक और प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के अंतिम निर्णय को राजा की ओर से अनुमोदित किया जाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक लॉर्ड चीफ जस्टिस के लिए सबसे आगे डेम विक्टोरिया शार्प चल रही हैं। उनके जुड़वां भाई गोल्डमैन सैक्स के पूर्व फाइनेंसर रिचर्ड शार्प हैं। रिचर्ड शार्प का नाम बीते महीने खूब सुर्खियों में था। रिचर्ड शार्प ने बीते महीने ही बोरिस जॉनसन से जुड़े विवाद के बाद बीबीसी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था।
डेम विक्टोरिया शार्प को उनकी कर्मठता के लिए जाना जाता है। वह और उनके डॉक्टर पति अपने चार बच्चों की परवरिश करते हुए कभी-कभी 14 घंटे काम करते हैं। कोर्ट में ही उन्हें एक बार प्रसव पीड़ा भी हुई थी।
दूसरी दावेदार डेम सू को अधिक आत्मविश्वासी व्यक्तित्व का धनी कहा जाता है। वह अप्रैल 2020 से कोर्ट ऑफ अपील जज हैं। एक कानूनी विशेषज्ञ ने बताया कि वह पब्लिक-फेसिंग ड्यूटी का निर्वहन करने और सरकार व लॉर्ड चांसलर के साथ समंवय को संभालने के लिए अधिक उपयुक्त होंगी।
डेम सू ने बकिंघमशायर के ट्रिनिटी कॉलेज कैंब्रिज और वायकोम्बे एबे स्कूल में शिक्षा हासिल की है। वह तीन बच्चों की मां हैं। डेम सू के मुताबिक नारीवाद का अर्थ 'चुनाव की सच्ची आजादी होना' है।












Click it and Unblock the Notifications