युवाओं के देश युगांडा में 76 साल का शख्स छठी बार बनेगा राष्ट्रपति, पॉपस्टार बॉवी वाइन जीतते जीतते हार गये

युगांडा में राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटों की गिनती जारी है, लेकिन 5 बार से राष्ट्रपति बनते आये योवेरी मुसोवेनी ने शानदार बढ़त बनाकर राष्ट्रपति की कुर्सी फिर अपने कब्जे में कर ली है

Uganda president election: कंपाला: युगांडा में राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटों की गिनती जारी है, लेकिन 5 बार से राष्ट्रपति बनते आये योवेरी मुसोवेनी ने शानदार बढ़त बनाकर राष्ट्रपति की कुर्सी फिर अपने कब्जे में कर ली है। हालांकि, योवेरी मुसोवेनी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले मुख्य प्रतिद्वंदी बॉबी वाइन ने चुनाव में राष्ट्रपति पर फर्जीवाड़ा करने के आरोप लगाए हैं।

UGANDA VOTING

युगांडा का चुनावी परिणाम

युगांडा में अभी वोटों की गिनती जारी है। वहां बैलेट पेपर के जरिए चुनाव होते हैं, लिहाजा वोटों की गिनती होने में समय लगता है। युगांडा चुनाव आयोग ने बताया है कि अब तक 91 प्रतिशत वोटों की गिनती की जा चुकी है, जिसमें योवेरी मुसोवेनी को 5.6 मीलियन लोगों का वोट हासिल हुआ है। यानि उन्होंने करीब 59 फीसदी मतों के साथ बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। वहीं, चुनाव में उन्हें शिकस्त देने के लिए काफी मेहनत करने वाले युवा और पॉप सिंगर बॉबी वाइन को 3.3 मीलियन वोट हासिल हुए हैं। जो कुल 34.6 प्रतिशत है। फाइनल रिजल्ट के लिए वोटों की गिनती जारी है।

हिंसा की संभावना, राजधानी में सुरक्षा सख्त

हिंसा की संभावना को देखते हुए वोटों की गिनती के बीच सुरक्षाकर्मियों ने युगांडा की राजधानी कंपाला में सुरक्षा व्यवस्था को काफी सख्त कर दी है। सुरक्षा में लगे जवान लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं। मतदान के दिन से ही राजधानी में इंटरनेट को बंद रखा गया है, जबकि चुनाव से एक दिन पहले से ही राजधानी में बिजली की सप्लाई बंद रखी गई है।

राष्ट्रपति को पॉपस्टार की चुनौती

युगांडा में पिछले 35 सालों से सत्ता परिवर्तन नहीं हुआ है। योवेरी मुसोवेनी पिछले 35 सालों से युगांडा के राष्ट्रपति हैं, और इस बार भी उन्होंने चुनाव में जीत हासिल की है, यानि योवेरी मुसोवेनी लगातार छठी बार युगांडा के राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं। लेकिन, इस बार पॉप सिंगर बॉबी वाइन ने उन्हें कड़ी चुनौती दी। और कहा जाता है, कि चुनाव जीतने के लिए राष्ट्रपति ने हर दांव आजमाया। दरअसल, 1986 से पहले युगांडा पर शासन करने वाले ईदी अमीन और मिल्टन का राज्य था। जो तानाशाह थे, उस वक्त वर्तमान राष्ट्रपति योवेरी मुसोवेनी युगांडा के एक गोरिल्ला सैनिक हुआ करते थे। लेकिन, बाद में वो राजनीति में आ गये। कम्यूनिस्ट विचारधारा को मानने वाले योवेरी मुसोवेनी ने डेमोक्रेसी, बेहतर इकॉनोमी और इन्फ्रास्ट्रक्चर का वादा कर देश की जनता को अपने साथ जोड़ने में कामयाबी हासिल की और फिर ईदी अमीन और मिल्टन की हुकूमत को उखाड़ फेंका।

1986 में योवेरी मुसोवेनी पहली बार युगांडा के राष्ट्रपति बने। लेकिन, धीरे धीरे जिस राजनीति का वादा कर वो सत्ता में आये थे, उसे ही खत्म कर दिया। उन्होंने युगांडा के संविधान को तीन बार अपने फायदे के लिए बदला। युगांडा का संविधान कहता था कि एक शख्स दो बार से ज्यादा राष्ट्रपति नहीं बन सकता, लेकिन राष्ट्रपति योवेरी मुसोवेनी ने संविधान संशोधन कर दिया और लगातार राष्ट्रपति बनते गये।

पॉप सिंगर का राजनीति में एंट्री

युगांडा की झुग्गियों में जन्म लेने वाले, संघर्ष भरी कविताएं लिखने वाले और अपनी गीतों के जरिए लोगों की दिलों में खास जगह बना लेने वाले पॉप सिंगर बॉबी वाइन ने राजनीति में उतरकर राष्ट्रपति योवेरी मुसोवेनी को मात देने की ठान ली। बॉवी वाइन 2017 में जीतकर संसद पहुंचे और फिर युगांडा की बेहतर स्थिति के लिए राष्ट्रपति की जमकर आलोचना करनी शुरू कर दी। उनकी नीतियों पर सवाल खड़े किए। जिससे जनता के बीच बॉवी वाइन का फी प्रसिद्ध हो गये।

बॉवी वाइन पर हमला

बताया जाता है, कि राष्ट्रपति योवेरी मुसोवेनी पॉपस्टार से नेता बने बॉवी वाइन की लोकप्रियता से इतने घबरा गये, कि अगस्त 2018 में उनके इशारे पर बॉवी वाइन की गाड़ी पर हमला कर दिया। हमले में बॉवी वाइन के ड्राइवर मारे गये, जबकि जख्मी हालत में बॉवी वाइन को गिरफ्तार कर मिलिट्री अस्पताल में भेज दिया गया। जहां उन्हें बुरी तरह प्रताड़ित किया गया।

बॉवी वाइन की गिरफ्तारी का पूरी दुनिया में विरोध किया गया। युगांडा में काफी प्रदर्शन हुए, जिसे देखते हुए बॉवी वाइन को रिहा कर दिया गया। बॉवी वाइन को राजनीति से बाहर करने की कई कोशिशें की गईं। उनके कई समर्थको की हत्या कर दी गई, उनके ऊपर बार बार सरकारी शिकंजा कसा गया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। लेकिन, चुनाव परिणाम में उन्हें जनता का साथ नहीं मिला। कम से कम चुनाव आयोग के आंकड़े तो यही बताते हैं।

हार गये बॉवी वाइन

संगीत की दुनिया छोड़कर युगांडा की राजनीति को बदलने की ख्वाहिश लेकर संसद तक पहुंचने वाले पॉपस्टार बॉवी वाइन राष्ट्रपति को हराने में नाकामयाब हो गये हैं। उन्हें युगांडा की सिर्फ 35 प्रतिशत जनता का ही साथ मिला है, जबकि राष्ट्रपति योवेरी मुसोवेनी को करीब 58 प्रतिशत वोट हासिल हुए हैं। बॉवी वाइन ने राष्ट्रपति पर चुनाव में धांधली करने का आरोप लगाया है, लेकिन धांधली के आरोपों से चुनावी परिणाम नहीं बदलते हैं। युगांडा की 80 फीसदी आबादी 35 साल से कम है, लेकिन युवाओं के इस देश ने एक बार फिर से अपने लिए उम्रदराज नेता को चुना है।

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