इस्लाम में शराब हराम, फिर क्यों इस इस्लामिक देश में खुल रही बीयर फैक्ट्री?
इस्लामिक देश संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में इस महीने एक बड़ी बीयर फैक्ट्री खुल रही है। एक अमेरिकी कंपनी क्राफ्ट बाय साइड हसल (Craft by Side Hustle) इसे शुरू करने जा रही है। इस महीने राजधानी अबू धाबी में बीयर का उत्पादन शुरू हो जाएगा।
यह पहली बार है जब किसी खाड़ी देश में किसी कंपनी को देश के अंदर शराब बनाने की अनुमति दी जा रही है। इस बात की चर्चा इसलिए ज्यादा है क्योंकि इस्लाम में शराब हराम मानी जाती है और यूएई खाड़ी के प्रमुख इस्लामिक देशों में से एक है।

इस खाड़ी देश में शराब दुकानों में शराब पहले से ही मिलता है लेकिन नए नियमों के तहत सभी पैकेज्ड उत्पादों का निर्माण अभी भी विदेश में ही करना होता था। दो साल पहले UAE के डिपार्टमेंट ऑफ कल्चर एंड टूरिज्म ने बीयर फैक्ट्री के लिए लाइसेंस जारी करने का फैसला किया था।
खलीज टाइम्स के मुताबिक, UAE एक इस्लामिक देश है और यहां कानून काफी सख्त हैं। अमेरिकी कंपनी को बीयर मैन्यूफैक्चरिंग का परमिट और लाइसेंस जरूर मिला है, लेकिन उसे कुछ शर्तों और नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। नियम के मुताबिक लाइसेंस होल्डर सिर्फ तय जगह पर ही शराब सर्व कर सकेंगे।
क्यों नरम हो रहे मुस्लिम देश?
UAE और आसपास के खाड़ी क्षेत्र में सामाजिक रूप से रूढ़िवादी कानूनों को बदला जा रहा है क्योंकि ये देश अपनी अर्थव्यवस्थाओं को खोल रहे हैं और तेल पर अपनी निर्भरता घटा रहे हैं। इन देशों की अर्थव्यस्था का एक बड़ा हिस्सा अब पर्यटन की ओर बढ़ रहा है ऐसे में वहां की जीवनशैली में भी बदलाव की जरूरत पड़ रही है। यही वजह है कि ये रूढ़िवादी देश अब इस्लाम की कट्टरता को छोड़कर उदारता की तरफ बढ़ रहे हैं।
इससे पहले इसी साल की शुरुआत में यूएई के एक अन्य अमीरात दुबई ने पर्यटकों को आकर्षित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए शराब पर लगा 30 प्रतिशत टैक्स खत्म कर दिया था। यानी कि शराब खरीदने के लिए दुबई में अब किसी तरह के लाइसेंस की भी जरूरत नहीं है।












Click it and Unblock the Notifications