WATCH: तुर्की की संसद में अर्दोआन के सांसद की गुंडई, बहस के दौरान विपक्षी सांसद को पीटा, जमकर हाथापाई
Turkey News: तुर्की की संसद में शुक्रवार को एक तीखी बहस के दौरान एक विपक्षी सांसद को जेल में बंद किए जाने के मामले में हिंसक झड़प हो गई। माना जा रहा है, कि यह मामला राजनीति से प्रेरित है।
विपक्षी नेता अहमद सिक पर राष्ट्रपति रेतेप तैय्यप अर्दोआन की सत्तारूढ़ एकेपी पार्टी के सदस्यों ने सबसे पहले हमला किया, जिसके बाद नेताओं के बीच हाथापाई होने लगी। रिपोर्ट के मुताबिक, विपक्षी नेता, सरकार विरोधी प्रदर्शनों के आयोजन के आरोप में जेल में बंद अपने सहयोगी कैन अताले को संसद में शामिल किए जाने की मांग कर रहे थे, उस वक्त ये हमला किया गया।

तुर्की की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विवाद तब भड़का जब विपक्षी नेता अहमद सिक ने राष्ट्रपति अर्दोआन की 'AKP' पार्टी को आतंकवादी संगठन कह डाला, जिसपर एकेपी के सांसद भड़क गये और विपक्षी नेता अहमद सिक को मुक्का मार दिया। इसके ठीक बाद दर्जनों सांसद मुक्केबाजी में शामिल हो गये और एक दूसरे को पीटने लगे। हालांकि, कुछ लोग इस हाथापाई को रोकने की भी कोशिश कर रहे थे।
इस झगड़े के दौरान एक महिला सांसद को भी मुक्के मारे गये, जिससे स्पीकर के पोडियम की सफेद सीढ़ियों पर खून को गिरते देखा गया। वहीं, एक अन्य विपक्षी सदस्य के भी घायल होने की खबर है।
विवाद के पीछे की वजह क्या है?
सांसद कैन अताले को 2022 में 18 साल की सजा सुनाई गई थी, क्योंकि उन पर 2013 में कथित तौर पर उस्मान कवाला (जो अब जेल में हैं) और छह अन्य लोगों के साथ मिलकर देशव्यापी गेजी पार्क विरोध प्रदर्शन आयोजित करके अर्दोआन की सरकार को उखाड़ फेंकने की कोशिश करने का आरोप है। सभी ने आरोपों से इनकार किया है। अपनी कैद के बावजूद, अताले को पिछले साल मई में वर्कर्स पार्टी ऑफ टर्की (TIP) का प्रतिनिधित्व करने के लिए संसद के लिए चुना गया था।
हालांकि पहले संसद ने अताले को उनकी सीट से हटा दिया, लेकिन तुर्की के संवैधानिक न्यायालय ने 1 अगस्त को उनके बहिष्कार को अमान्य घोषित कर दिया।
शुक्रवार को AKP सांसदों को दिए गए भाषण में अहमद सिक ने कहा, "हमें हैरानी नहीं है कि आप कैन अताले को आतंकवादी कहते हैं, ठीक वैसे ही जैसे आप उन सभी को कहते हैं, जो आपका साथ नहीं देते... लेकिन सबसे बड़े आतंकवादी वे हैं, जो इन सीटों पर बैठे हैं।"
संसद के उप अध्यक्ष ने हाथापाई के बाद संसद की कार्यवाही तत्काल रोक दी और तीन घंटे से ज्यादा के ब्रेक के बाद, सत्र को फिर से शुरू किा गया और संसद अध्यक्ष ने इसकी अध्यक्षता की। वहीं, एक वोटिंग के जरिए संसद ने TIP के अहमद सिक को AKP के खिलाफ उनके बयानों के लिए फटकार लगाई और AKP के अल्पे ओज़ालान को भी अहमद सिक, पर उनके शारीरिक हमले के लिए फटकार लगाई।
सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के प्रमुख ओजगुर ओजेल ने कहा, "यह एक शर्मनाक स्थिति है।"
उन्होंने कहा, कि "हवा में उड़ने वाले शब्दों के बजाय, मुट्ठियां उड़ रही हैं, जमीन पर खून है। वे महिलाओं को मार रहे हैं।" प्रो कुर्दिश डीईएम पार्टी समूह की अध्यक्ष गुलिस्तान कोसीगिट, जिन्हें भी मुक्का मारा गया, उन्होंने कहा, कि सत्तारूढ़ पार्टी हिंसा का प्रयोग करके विपक्ष को चुप कराने का प्रयास कर रही है।
क्या अताले संसद में प्रवेश कर सकते हैं?
टीआईपी ने अताले की जेल से रिहाई की भी मांग की है। आपको बता दें, कि अताले संसद में अपनी सीट लेने के लिए तब से लड़ रहे हैं, जब से वे सांसद चुने गए हैं, और अगर उन्हें संसद में आने की इजाजत मिलती है, तो फिर वो जेल से रिहा हो जाएंगे।
उन्होंने कहा है कि उनका कार्यकाल समाप्त होने के बाद, वे जेल वापस लौट जाएंगे। हालांकि उन्होंने संवैधानिक न्यायालय के फैसले में कामयाबी हासिल की है, लेकिन निचली अदालतों ने इन्हें अनदेखा किया है, जिससे न्यायिक संकट पैदा हुआ है और उनके समर्थकों में अन्याय की भावना भड़की है।
गेजी पार्क मामले में अताले और सात अन्य प्रतिवादियों की सजा की मानवाधिकार समूहों और वकीलों ने आलोचना की थी। गेज़ी पार्क विरोध प्रदर्शन 2013 की गर्मियों में इस्तांबुल के केंद्रीय पार्क के विकास को रोकने के लिए एक पर्यावरण शिविर के साथ शुरू हुआ था और ये असंतोष, जल्द ही अन्य शहरों में फैल गया और लोगों ने अर्दोआन के बढ़ते अधिनायकवादी शासन के खिलाफ विरोध छेड़ दिया था।












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