तुर्की के नये बाजीगर बन पाएंगे कमाल कलचदारलू? अर्दोआन की 20 सालों की सत्ता हिलाने वाले नेता को जानिए

तुर्की में 14 मई को फिर से देश में संसदीय और राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने हैं। विपक्षी पार्टियों के गठबंधन के नेता केमल किलिकडारोग्लू को मजबूत बढ़त मिलने की संभावना है।

Kemal Kilicdaroglu

Turkey Election Kilicdaroglu: पिछले एक दशक से विपक्षी नेता कमाल कलचदारलू अपने प्रतिद्वंद्वी रेचेप तैय्यप अर्दोआन को परास्त करने के लिए संघर्ष करत रहे, लेकिन अभी तक कामयाबी नहीं मिली। अर्दोआन देश के सबसे सफल नेता बन गये।

लेकिन इस साल होने वाले चुनाव में कलचदारलू,कमाल कर सकते हैं। पूर्व नौकरशाह और मृदुभाषी माने जाने वाले कलचदारलू बेहद साधारण जीवन में रहना पसंद करते हैं और इस बार भी, अर्दोआन के आक्रामक चुनावी प्रचार के खिलाफ बेहद शांत अंदाज में अपनी बात जनता तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

हालांकि, तुर्की में इस बार कलचदारलू की बात सुनी जा रही है और अर्दोआन की राह मुश्किल नजर आ रही है। लेटेस्ट ओपिनियन पोल में कलचदारलू को करीब 49 प्रतिशत, तो राष्ट्रपति अर्दोआन को करीब 43 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना जताई गई है। यानि, कलचदारलू को बढ़त मिलने की संभावना है।

हालांकि, कलचदारलू की जीत को लेकर अभी भी विपक्षी नेताओं के मन में संदेह है। कुछ विपक्षी नेताओं को अभी भी डर सता रहा है, कि आर्थिक संकट और चुनौतीपूर्ण स्थिति में फंसे अर्दोआन, जिनकी हार पक्की है, कहीं कमाल कलचदारलू की कमजोरी की वजह से फिर से ना जीत जाएं।

Kemal Kilicdaroglu

विपक्ष का मिला है पूरा समर्थन

कुछ नेताओं के मन में भले ही डर है, लेकिन 6 विपक्षी पार्टियों का समर्थन कलचदारलू को मजबूती से मिला हुआ है। 6 पार्टियों के इस गठबंधन को "टेबल ऑफ सिक्स" कहा जाता है। वहीं, मुहर्रम इंस के सेक्स स्कैंडल में फंसकर चुनाव से नामांकन वापस लेने के बाद कलचदारलू की स्थिति और मजबूत हो गई है, क्योंकि अब विपक्षा का वोट बिखरने की संभावना खत्म हो गई है।

74 साल के नेता कलचदारलू ने बेहद सामान्य तरीके से संसदीय लोकतंत्र की फिर से बहाली की मांग के साथ अपने चुनावी कैम्पेन का आगाज किया था। उन्होंने वादा किया है, कि अगर चुनाव में उनकी जीत होती है, तो वो अर्दोगान के शासनकाल में लागू राष्ट्रपति प्रणाली को खत्म कर देंगे और देश में फिर से संसदीय प्रणाली की स्थापना करेंगे। अर्दोआन के राष्ट्रपति प्रणाली को आलोचक "वन-मैन रूल" कहते हैं।

किलिकडारोग्लू की केन्द्रीय वामपंथी पार्टी कुम्हुरियत हल्क पार्टी (रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी, सीएचपी) के एक नेता और सांसद मूरत अमीर नमे कहा, कि 'कमाल की जीत का मतलब तुर्की में एक बार फिर से लोकतंत्र की जीत होगी।' उन्होंने कहा, कि कमाल की जीत का मतलब ये है, कि "सत्तावादी शासन हार गया और लोकतंत्र के पक्ष में ताकतें जीत गई होंगी ... [यह] सभी देशों में आशा पैदा करेगा।"

Kemal Kilicdaroglu

अकाउंटेंट से नेता बनने का सफर

पूर्वी तुर्की के तुनसेली प्रांत में जन्मे, किलिकडारोग्लू ने एक सरकारी अकाउंटेंट के रूप में अपना करियर का आगाज किया था और अगरे 20 सालों तक लगातार तरक्की करते हुए वो तुर्की के सामाजिक बीमा संस्थान के प्रमुख बने। उन्होंने 1999 में सिविल सेवा छोड़ दी और जल्द ही प्रधानमंत्री बुलेंट एसेविट के नेतृत्व वाली डेमोक्रेटिक सोल पार्टी (डेमोक्रेटिक लेफ्ट) में शामिल हो गए।

1999 के चुनाव के लिए पार्टी की सूची में जगह बनाने से विफल रहने पर, वह सीएचपी पार्टी में चले गए और तीन साल बाद इस्तांबुल के डिप्टी के रूप में संसद में प्रवेश किया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए काफी प्रतिष्ठा अर्जित की।

साल 2009 में उन्होंने इंस्ताबुल का मेयर बनने के लिए अपने नाम का ऐलान किया, लेकिन वो नाकाम रहे। हालांकि, मेयर बनने से नाकाम रहने के बाद भी अगले साल उन्हें पार्टी का अध्यक्ष बनाने के लिए भारी समर्थन मिला और वो पार्टी के प्रमुख बन गये।

देश के संस्थापक मुस्तफा केमल अतातुर्क द्वारा स्थापित तुर्की की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी के प्रमुख के रूप में अपने 13 साल के कार्यकाल के दौरान, किलिकडारोग्लू ने सीएचपी को एक सामाजिक लोकतांत्रिक आंदोलन का नेतृत्व करने लायक बनाया। कहा जाता है, कि किलिकडारोग्लू की लोकतंत्र में गहरी आस्था है और सभी धर्मों के लोगों के लिए देश को सुरक्षित बनाना चाहते हैं। पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने तुर्की की रूढ़िवादी मतदाताओं तक पहुंचना शुरू किया और फिर उन्होंने महिलाओं का को अपनी पार्टी को वोट करने के लिए संघर्ष किया।

हालांकि, 2019 में हुए चुनाव में कमाल किलिकडारोग्लू अपनी पार्टी को जीत दिलाने में नाकाम रहे और अर्दोआन को फिर से जीत मिली।

किलिकडारोग्लू की नौकरशाही छवि से हटने का पहला स्पष्ट संकेत दो साल पहले आया था, जब 68 वर्ष की आयु में, उन्होंने अंकारा से इस्तांबुल तक 450 किमी (280 मील) "न्याय के लिए मार्च" किया था। उनकी मार्च ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचा था। ये मार्च अपनी पार्टी के एक वरिष्ठ कार्यकर्ता की गिरफ्तारी के बाद उसे बचाने के लिए निकाल गया।

2019 में किलिकडारोग्लू भले ही हार गये, लेकिन 2023 के चुनान में उनकी पार्टी को 5 और विपक्षी पार्टियों का समर्थन मिल गया, जिसके बाद वो अर्दोआन को चुनौती देने के लिए तैयार हो गये।

Kemal Kilicdaroglu

किलिकडारोग्लू का पारिवारिक इमेज

किलिकडारोग्लू की अभी तक जनता के बीच की तस्वीर एक पारिवारिक नेता की रही है और उन्होंने तुर्की के वोटर लिस्ट में जुड़े करीब 49 लाख नचे मतदाताओं तक पहुंचने के लिए पारिवारिक इमेज पर दांव खेला है। वो अकसर घर में खाना बनाते, चाय बनाते और खुले गले वाली सफेद शर्ट में दिखाई देते हैं, जिसकी आस्तीन ऊपर उठी हुई होती है।

पिछले महीने इस तरह के एक वीडियो में उन्होंने अपनी उम्मीदवारी पर प्रमुख प्रश्न चिह्नों में से एक, अपने अलेवी विश्वास को संबोधित किया था।

Recommended Video

    Turkey Earthquake: तबाही के बीच मानवता की मिसाल, Armenia-Turkey Crossing Gate खुला | वनइंडिया हिंदी

    आपको बता दें, कि एलेविस एक धार्मिक अल्पसंख्यक हैं, जो शिया इस्लाम, सूफीवाद और अनातोलियन लोक परंपराओं के साथ विशेषताओं को साझा करते हैं। वे तुर्की की आबादी का अनुमानित 10 प्रतिशत से 15 प्रतिशत हिस्सा हैं, जो देश में व्यापक उत्पीड़न का सामना करते हैं।

    कुछ लोगों ने सोचा, कि उनकी अल्पसंख्यक विरासत मतदाताओं को जीतने में किलिकडारोग्लू के लिए एक बाधा हो सकती है। लेकिन अपनी अलेवी पृष्ठभूमि से सीधे निपटकर, और धर्म या जातीयता की परवाह किए बिना, सभी नागरिकों का प्रतिनिधित्व करने का संकल्प लेते हुए, उन्होंने इस विषय को काफी हद तक समाप्त कर दिया है।

    देश में लोकतंत्रीकरण का वादा करते हुए उन्होंने नारा दिया है, कि "मैं आपसे वादा करता हूं, वसंत फिर से आएगा।"

    लिहाजा, कल होने वाला चुनाव तय कर देगा, कि देश में वसंत फिर से आता है, या फिर अर्दोआन की 20 सालों की सत्ता एक और कार्यकाल के लिए आगे निकल पड़ती है।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+