Trump Tariff War: ट्रंप ने चीन को दिया चौथा डोज, भारत की हो गई बल्ले बल्ले
Trump Tariff War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरु की गई टैरिफ पॉलिसी अब टैरिफ वॉर कही जाए तो दो राय नहीं होगी। ये टैरिफ वॉर किसी भी हद तक जा सकता है इसका अंदाजा आप ट्रंप के नए फैसले से लगा सकते हैं।
ट्रंप का चीन को चौथा झटका
दरअसल व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि चीनी सामान के आयात पर अब 245% तक टैरिफ का भुगतान करना होगा। पहले टैरिफ 145 % था, जिसे अमेरिका के समयानुसार मंगलवार देर रात से 100% और बढ़ाकर कुल 245% कर दिया गया है।

अमेरिका-चीन एक दूसरे पर लगा चुके 3-3 बार टैरिफ
इसके पहले ट्रंप एक-एक कर कुल तीन बार में चीनी सामानों के ऊपर 145% टैरिफ लगा चुके थे और हर एक बार चीन ने भी ट्रंप के टैरिफ का जवाब टैरिफ से ही दिया। जिसमें चीन भी अमेरिका से इम्पोर्ट की जाने वाली चीजों पर अब तक 125% का टैरिफ लगाया चुका है। इसी बात से तिलमिलाए डोनाल्ड ट्रंप ने अब इसमें 100 फीसद की अतिरिक्त बढ़ोतरी कर दी है। इसके बाद एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
बाकी देशों की 90 दिनों तक बल्ले-बल्ले
ट्रंप के इस टैरिफ प्रकोप से चीन को छोड़कर बाकी के देश जिन पर टैरिफ लगाया था, जिनमें भारत भी शामिल है उन्हें अगले 90 दिनों तक के लिए ट्रंप ने अपने 12 अप्रैल वाले आदेश में छूट दे दी थी। चूंकि चीन इकलौता देश है जो ट्रंप के हर टैरिफ का जवाब टैरिफ लगाकर ही देता आ रहा है। इसी कड़ी में यह ट्रंप की तरफ से चीन पर एक अगला टैरिफ अटैक कहा जा सकता है।
चीन ने भी लगाई खनिजों के निर्यात पर रोक
ट्रंप प्रशासन ने अपने आदेश में कहा कि चीन ने कुछ महीने पहले अमेरिका को गैलियम, जर्मेनियम, एंटीमनी और अन्य प्रमुख हाई-टेक सामग्रियों के एक्सपोर्ट पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिनके सैन्य उपयोग की संभावना थी। इसके अलावा इसी सप्ताह में चीन ने छह रेयर अर्थ मेटल के साथ-साथ रेयर अर्थ मैग्नेट्स के एक्सपोर्ट को भी अगले आदेश तक सस्पेंड कर दिया है। मतलब इनको भी अमेरिका को बेचने जाने पर बैन रहेगा। जिसे लेकर व्हाइट हाउस ने दावा किया कि इस तरह की कार्रवाई दुनिया भर में ऑटोमेकर्स, एयरोस्पेस निर्माताओं, सेमीकंडक्टर कंपनियों और सैन्य सामग्री बनाने वाली कंपनियों के काम में बाधा डालने के मकसद से की गई है।
75 देश हम से करना चाहते हैं डील- ट्रंप
व्हाइट हाउस का ये भी कहना है कि चीन जिद पकड़ रहा है और दूसरी तरफ दुनिया के 75 देश हमारे साथ ट्रेड डील में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। व्हाइट हाउस ने ये भी दावा किया कि इन सभी 75 देशों ने उनसे ट्रेड डील के लिए संपर्क भी किया है। इसी कारण से उन्होंने चीन को छोड़कर बाकी सभी देशों को 90 दिन की छूट भी दी है। हालांकि इस दौरान भी 10 फीसदी का बेसलाइन टैरिफ सभी देशों पर लगा रहेगा।
भारत-अमेरिका में हो सकती है बड़ी डील!
चीन के साथ खटास के बाद माना जा रहा है कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड को लेकर बड़ी डील हो सकती है। कहा ये भी जा रहा है कि बैकचैनल दोनों तरफ से मंथन शुरु हो गया है, हालांकि इसको लेकर न तो अमेरिका ने कुछ कहा है और न ही भारत की तरफ से खबर लिखे जाने तक कुछ सामने आया है। अगर बैकचैनल बातचीत पॉजिटिव रहती है तो संभवत: मई के आखिरी में आधिकारिक बैठकों का दौर भी देखने को मिल सकता है। जिसमें भारत को कई मायनों में चीन के उभरते विकल्प के तौर पर देखा जा सकता है।












Click it and Unblock the Notifications