ट्रंप-पुतिन की 'सीजफायर' स्क्रिप्ट में आया ट्विस्ट, US ने जेलेंस्की को लगाया फोन, सबकी नजरें 18 अगस्त पर
Trump Putin Alaska meeting: अक्टूबर 2022 से चल रहा रूस-यूक्रेन युद्ध अब अपने तीसरे साल में है। इसी बीच 15 अगस्त की रात अलास्का में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की 'महामुलाकात' हुई। यह बैठक इस सवाल पर केंद्रित थी कि आखिर रूस-यूक्रेन जंग को कैसे रोका जाए।
अलास्का वार्ता के बाद अमेरिका से यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को कॉल गया है। ज़ेलेंस्की ने साफ कर दिया कि वह रूस के साथ युद्ध खत्म करने के लिए सहयोग को तैयार हैं। सोमवार को ज़ेलेंस्की अमेरिका आकर राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि 18 अगस्त को इस पूरे घटनाक्रम का असली क्लाइमेक्स सामने आ सकता है।

ज़ेलेंस्की का बड़ा बयान
वेबसाइट एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन शांति लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और महत्वपूर्ण मुद्दों पर सीधे नेताओं के स्तर पर बातचीत ज़रूरी है। उन्होंने ट्रंप के प्रस्ताव का समर्थन किया कि अमेरिका, रूस और यूक्रेन के बीच त्रिपक्षीय बैठक होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि यूरोपीय नेताओं की मौजूदगी भी इस प्रक्रिया में अहम होगी, ताकि ठोस सुरक्षा गारंटी सुनिश्चित की जा सके।
अलास्का बैठक के बाद यूरोपीय नेताओं से बातचीत
रूस-यूक्रेन युद्धविराम पर कोई समझौता नहीं हुआ है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अलास्का में पुतिन से मुलाकात को सफल बताया। खबर है कि ट्रंप ने अलास्का बैठक से वॉशिंगटन लौटते समय रात को ज़ेलेंस्की, नाटो महासचिव व अन्य यूरोपीय नेताओं को फोन मिलाया। ज़ेलेंस्की से करीब एक घंटे बात हुई।
ज़ेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं से हुई बातचीत भी सकारात्मक रही। सभी ने इस बात पर सहमति जताई कि युद्ध खत्म करने के लिए केवल सीजफायर नहीं बल्कि स्थायी शांति समझौता ज़रूरी है। ट्रंप ने घोषणा की कि ज़ेलेंस्की सोमवार दोपहर व्हाइट हाउस पहुंचेंगे और इसके बाद पुतिन से मुलाकात का कार्यक्रम भी तय हो सकता है।
सीजफायर पर ज़ेलेंस्की का रुख
ज़ेलेंस्की ने कहा कि युद्ध में हो रही हत्याओं को तुरंत रोका जाना चाहिए, चाहे वह ज़मीन पर हों या आसमान में। उन्होंने मांग की कि सभी युद्धबंदियों और नागरिक कैदियों को रिहा किया जाए और रूस द्वारा अपहृत बच्चों को वापस लाया जाए। ज़ेलेंस्की ने चेतावनी भी दी कि अगर रूस ईमानदारी से युद्ध समाप्त करने की कोशिश नहीं करता है तो उस पर और सख़्त प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए।
18 अगस्त पर सबकी नज़रें
अब सभी की नज़रें 18 अगस्त पर टिकी हैं, जब इस कूटनीतिक समीकरण का अगला बड़ा अध्याय सामने आएगा। ट्रंप-पुतिन की बातचीत और उसमें ज़ेलेंस्की की नई एंट्री से संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर कोई बड़ा निर्णय संभव है।












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