अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का इशारा, कोरोना वायरस महामारी पर वसूलेंगे चीन से भारी हर्जाना
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनका देश चीन के खिलाफ एक गंभीर जांच कर रहा है। ट्रंप ने अपने इस बयान के साथ ही इशारा कर दिया है कि अमेरिका, हर्जाने के तौर पर उस रकम से कहीं ज्यादा रकम चीन से लेगा जिसका जिक्र पिछले दिनों जर्मनी की तरफ से किया गया है। अमेरिका में सोमवार को कोरोना वायरस की वजह से 1303 लोगों की मौत हो गई है और इसके साथ ही देश में कुल मृतकों का आंकड़ा 56,144 पर पहुंच गया है। ट्रंप की मानें तो अमेरिका में महामारी से मरने वालों को आंकड़ा 70,000 पर पहुंच सकता है।

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जर्मनी से ज्यादा होगी रकम
सोमवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'जर्मनी भी उसी तरह की बातें कर रहा है जैसी हम कर रहे हैं और हम उससे ज्यादा रकम मांगेगे जो जर्मनी चाहता है।' जर्मनी ने पिछले दिनों चीन से बतौर मुआवजा 130 बिलियन यूरो की मांग की है। ट्रंप से जर्मनी की तरफ से चीन को भेजे गए बिल के बारे में सवाल पूछा गया था। ट्रंप से मीडिया ने पूछा, 'आपका प्रशासन भी क्या इसी तरह का कोई कदम उठाने वाला है?' इस पर उन्होंने जवाब दिया, 'हां हम भी ऐसा कर सकते हैं और हमारे पास ऐसा करने के कई रास्ते हैं जो उनसे बहुत ज्यादा आसान हैं।' ट्रंप के मुताबिक अभी तक उन्होंने कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है मगर वह इस पर सोच रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि पूरी दुनिया को बड़ा नुकसान हुआ है। यह नुकसान सिर्फ अमेरिका का ही नहीं है बल्कि पूरी दुनिया का है। उन्होंने कहा, 'कई ऐसे रास्ते हैं जिनकी मदद से चीन को वायरस फैलने के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। बहुत ही गंभीर जांच हम कर रहे हैं। हम चीन से खुश नहीं हैं।'
चीन के विरोध में उठते सुर
जानलेवा वायरस कोविड-19 जो दिसंबर 2019 में चीन के वुहान से निकला था, अब तक पूरी दुनिया मे दो लाख लोगों की जान ले चुका है तो करीब 30 लाख लोग इससे संक्रमित हैं। अमेरिका, यूरोप के बाद दुनिया का दूसरा हिस्सा है जिस पर वायरस का सबसे बुरा असर पड़ा है। भारत मे भी अब तक 886 लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका के अलावा, यूनाइटेड किंगडम (यूके), जर्मनी और फ्रांस के नेता मान रहे हैं कि वायरस से इतने लोगों की जान नहीं जाती अगर चीन ने कुछ पारदर्शिता दिखाई होती। कई वर्ल्ड लीडर्स ने चीन पर आरोप लगाए हैं कि उसने शुरुआत में ही वायरस के बारे में कोई जानकारी नहीं साझा की और इसका खामियाजा दुनिया को भुगतना पड़ रहा है। उनका मानना है कि अगर चीन चाहता तो इतने बड़े स्तर पर हुईं मौतों को बचाया जा सकता है।












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