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flashback 2022: पढ़ें इस साल की 10 बड़ी खबरें जिन्हें दुनिया कभी भुला नहीं सकेंगी

साल 2022 की कुछ ऐसी ही घटनाओं के बारे में हम आपको बताएंगे जिनके कारण इस वर्ष को हमेशा याद किया जाएगा।

flashback 2022

2023 के आने में अब कुछ दिन ही बचे हैं। साल 2022 की कुछ तारीखों के हिस्से ऐसी कहानियां जुड़ गई हैं जो तब तक याद की जाएंगी जब तक इन धरती पर मानव जाति का अस्तित्व है। आइये जानते साल 2022 की उन दस बड़ी खबरों को जो बेहद लंबे वक्त तक लोगों की जेहन में बनी रहेंगी और जिन्हें दुनिया कभी भुला नहीं पाएंगी।

10. पाकिस्तान में विनाशकारी बाढ़

10. पाकिस्तान में विनाशकारी बाढ़

साल 2022 में ग्लोबल वार्मिंग का कहर पाकिस्तान में जमकर टूटा। पाकिस्तान की एक तिहाई भूमि जलमग्न हो गई। इस सैलाब की वजह से तकरीबन 3 करोड़ से अधिक लोगों की जिन्दगी मुतास्सिर हुई। लोगों की जान के नुकसान के अलावा पाकिस्तान को सड़कों, पुलों और इमारतों जैसे बुनियादी ढांचें को लेकर भी भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। यूनाइटेड नेशंस की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ पाकिस्तान में 80 लाख लोग अभी भी सैलाब के पानी में फंसे हुए हैं। तकरीबन 6 लाख से अधिक बच्चों को पोलियो वैक्सीन नहीं मिल पाई है। पीने के लिए साफ पानी नहीं मिलने की वजह से बच्चे डायरिया और दूसरी बड़ी बीमारियों का खतरा झेल रहे हैं।

9. शिंजो आबे की हत्या

9. शिंजो आबे की हत्या

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की गोली लगने से मौत हो गई। नारा शहर में उन पर एक शख्स ने पीछे से गोली चला दी थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। शिंजो आबे पर जब ये हमला हुआ तब वो एक छोटी जनसभा को संबोधित कर रहे थे। गोली लगने के बाद उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिसके चलते उनकी मौत हो गई।

8. श्रीलंका आर्थिक संकट

8. श्रीलंका आर्थिक संकट


2022 में जब महंगाई आसामान छूने लगी, चीन से लिए कर्ज में श्रीलंका डूबने लगा, विदेशी मुद्रा भंडार खाली हो गया तब जाकर जनता ने विद्रोह कर दिया, महिंदा राजपक्षे को आखिरकार अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी। आर्थिक संकट के कारण जुलाई के पहले हफ्ते में जन आंदोलन शुरू हो गया। 9 जुलाई को आम जनता ने राष्ट्रपति आवास और प्रधानमंत्री आवास पर कब्जा जमा लिया। जिसके बाद महिंदा राजपक्षे के भाई और राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे को भी अपना सरकारी घर छोड़कर देश से बाहर भागना पड़ा।

7. NASA ने जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप को लांच किया

7. NASA ने जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप को लांच किया

अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। हालांकि ये लॉन्चिंग साल 2021 के आखिरी महीने की 25 तारीख को हुई थी, लेकिन इससे तस्वीरों का मिलना साल 2022 में शुरू हुआ। इस साल JWST ने कई सारी ब्रह्मांड की तस्वीरें भेजी हैं जो काफी चौंकाने वाली रहीं। JWST ने शनि ग्रह के सबसे बड़े चांद टाइटन की भी तस्वीरें भेजी हैं। इस स्पेस टेलिस्कोप के जरिए ब्रह्मांड में मौजूद आकाशगंगाओं, एस्टेरॉयड, ब्लैक होल्स, एलियन ग्रह और दूसरे ग्रहों की खोज में मदद मिलेगी। JWST को बनाने में 10 हजार वैज्ञानिकों ने काम किया।

6. चीन में शी जिनपिंग की तीसरी बार ताजपोशी

6. चीन में शी जिनपिंग की तीसरी बार ताजपोशी

लगातार तीसरी बार गद्दी संभालने के बाद शी जिनपिंग चीन के इतिहास के सबसे ताकतवर नेताओं में से एक बन गए। जिनपिंग आधुनिक चीन के संस्थापक माओत्से तुंग के बाद चीन के सबसे शक्तिशाली शासक बन चुके हैं। चीन में शी जिनपिंग के विरोध में जबरदस्त और ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन भी हुए लेकिन राष्ट्रपति ने इसे शांत करा दिया। शी जिनपिंग के एक दशक के शासन के दौरान चीन ने दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना का निर्माण किया। दुनिया की सबसे बड़ी स्थायी सेना को नया और आधुनिक रूप दिया। शी जिनपिंग का तीसरी बार राष्ट्रपति बनना भारत सहित दुनिया के लिए असाधारण परिणाम देगा ऐसी आशंकाएं जताई जा रही हैं।

5. एलन मस्क का हुआ ट्विटर

5. एलन मस्क का हुआ ट्विटर

27 अक्टूर को टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ट्विटर के नए मालिक बन गए। यह डील 44 बिलियन अमेरिकी डॉलर में पूरी हुई। एलन मस्क के मालिक बनने के बाद ही ट्विटर के CEO पराग अग्रवाल और CFO नेड सेगल को कंपनी से टर्मिनेट कर दिया गया। इससे पहले एलन मस्क ने स्पैम और फेक अकाउंट के कारण डील को होल्ड पर डाल दिया था और उसके बाद डील रद्द करने का ऐलान कर दिया। मस्क के इस फैसले के खिलाफ ट्विटर ने कोर्ट में अर्जी दी और फिर अक्टूबर में मस्क डील फिर से पूरी करने को तैयार हो गए।

4. UK के प्रधानमंत्री बने ऋषि सुनक

4. UK के प्रधानमंत्री बने ऋषि सुनक

भारतीय मूल के कंजर्वेटिव पार्टी के नेता ऋषि सुनक यूके के पहले हिंदू और अश्वेत प्रधानमंत्री बने। ऋषि सुनक ने टोरी लीडरशिप चुनाव में पेनी मोरडॉन्ट को पीछे छोड़ते हुए प्रधानमंत्री की कुर्सी पर कब्जा किया। भारत को अपना उपनिवेश बनाकर 200 साल तक राज करने वाले अंग्रेजों के देश में किसी भारतीय मूल के शख्स का पीएम बनना बेहद अनोखी बात मानी गई। ऋषि सुनक बोरिस सरकार में काफी लोकप्रिय मंत्री रहे थे। उनकी लोकप्रियता देख बोरिस जॉनसन भी कई बार हैरान रह जाते थे। कोरोना काल में जब भी सरकार की कोई प्रेस ब्रीफिंग होती थी तो अक्सर वे भी नजर आते थे। कोरोना काल में यूके की आर्थिक स्थिति को ठीक रखने के पीछे भी ऋषि सुनक की तारीफ की जाती हैं।

3. क्वीन एलिजाबेथ का निधन

3. क्वीन एलिजाबेथ का निधन


ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का 8 सितंबर 2022 को 96 साल की उम्र में निधन हो गया। क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय एक लंबे अर्से से बीमार चल रही थीं। ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद उनके बेटे प्रिंस चार्ल्स को ब्रिटेन का नया राजा बनाया गया है। किंग चार्ल्स तृतीय शाही परिवार में महारानी के बाद राजगद्दी पर बैठने वाले दूसरे सदस्य हैं। किंग चार्ल्स का जन्म 14 नवंबर 1948 को को बकिंघन पैलेस में हुआ था। किंग चार्ल्स प्रिंस फिलिफ और एलिजाबेथ द्वितीय के बड़े बेटे हैं।

2. ईरान विरोध प्रदर्शन

2. ईरान विरोध प्रदर्शन


ईरान में 3 महीने से भी अधिक समय से विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है लेकिन प्रदर्शनकारी डटे हुए हैं। हाल के कुछ दशकों में यह पहली बार है जब ईरानी सत्ता को आम जनता के इतने कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है। ईरान में ये प्रदर्शन महसा अमीनी की मौत के बाद शुरू हुए। 22 वर्षीय महसा अमीनी को 13 सितंबर को मोरेलिटी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन पर हिजाब नियमों के उल्लंघन के आरोप था। ऐसा माना जा रहा है कि ईरानी पुलिस ने महसा पर ज्यादती की थी जिससे उसकी मौत हुई।

1. रूस-यूक्रेन युद्ध

1. रूस-यूक्रेन युद्ध

24 फरवरी को रूस ने यूक्रेन के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया। इस जंग के प्रारंभ होने से पूर्व रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर हमले की किसी भी योजना से इन्‍कार किया था। उन्‍होंने कहा था कि यह महज एक सैन्‍य अभ्‍यास है। लेकिन रूस ने पश्चिमी देशों की आशंकाओं को सच साबित कर दिया। दरअसल, रूस लंबे वक्‍त से यूक्रेन के पूर्वी हिस्से में जनसंहार का आरोप लगाकर युद्ध के लिए माहौल तैयार कर रहा था। अब कुछ ही दिनों में ये युद्ध अपने 11वें महीने में प्रवेश कर जाएगा। यह युद्ध दोनों ही देशों के लिए विनाशकारी साबित हुआ है। दोनों देशों के हजारों सैनिकों को इस युद्ध में प्राण गंवाने पड़े हैं। न सिर्फ रूस और यूक्रेन बल्कि हर एक मानव पर इस युद्ध का प्रभाव पड़ा है। तेल की कीमतों में तब्दीली आई है और खाद्य संकट भी बढ़ा है। इस युद्ध के कारण दुनिया पर परमाणु युद्ध का खतरा मंडरा रहा है।

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