म्यांमार में पीएम मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार में स्टेट काउंसलर आंग सू की मुलाकात, साझा प्रेस कांफ्रेस में पीएम मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें
नेपिताउ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी म्यांमार के दौरे पर हैं और इस दौरान उन्होंने म्यांमार की स्टेट काउंसलर आंग सू की से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद दोनों ही देशों के बीच डेलिगेशन स्तर की बैठक हुई, जिसके बाद दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर करार हुआ। इस बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आंग सू की ने साझा प्रेस बयान दिया, जिसमे पीएम मोदी ने आंग सू की तारीफ करते हुए कहा कि शांति स्थापना के लिए आपने जो बेहतरीन प्रयास किए और हिम्मत दिखाई है उसके लिए मैं आपको बधाई देता हूं। हालांकि पीएम ने रोहिंग्या मुसलमानों का जिक्र नहीं किया, लेकिन उन्होंने यह शब्द बोले बिना ही इस मुद्दे पर अपनी बात कही।

पीएम मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें
- यहां इतनी गर्मजोशी से स्वागत हुआ है, मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मैं अपने घर में हूं। म्यांमार में शांति प्रक्रिया में भारत पूरा सहयोग करेगा।
- हम म्यांमार की चुनौतियों को समझते हैं। पड़ोसी होने के नाते सुरक्षा के मामले में हमारे हित एक जैसे हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि हम जमीनी, समुद्री सीमा पर सुरक्षा बनाए रखने के लिए मिलकर काम करें।
- रखाइन स्टेट में चरमपंथी हिंसा के चलते खासकर सिक्यॉरिटी फोर्सेज और मासूम जीवन की हानि को लेकर आपकी चिंताओं के हम भागीदार हैं। चाहे वह बड़ी शांति प्रक्रिया हो या किसी विशेष मुद्दे को सुलझाने की बात

ग्रेटिश वीजा देने का ऐलान
- हम आशा करते हैं कि सभी ऐसा हल निकलाने की दिशा में काम कर सकते हैं, जिससे म्यांमार की एकता और भौगौलिता अखंडता का सम्मान करते हुए सभी के लिए शांति, न्याय, सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्य सुनिश्चित हों
- म्यांमार के जो राजनयिक, अन्य अधिकारी, यूएन के प्रतिनिधि अधिकारी जो भारत के न्योते पर भारत आना चाहते हैं उन्हें ग्रेटिश वीजा दिया जाएगा
- म्यांमार के 40 नागरिकों को छोड़ने का निर्णय लिया है, जो इस समय भारत की जेलों में बंद है। ये लोग अब अपने परिवार वालों से मिल सकते हैं।

दोनों देशों के बीच संबंध को बेहतर करने पर जोर
- भविष्य में हमारे प्रोजेक्ट म्यांमार के हितों को देखते हुए बनाए जाएंगे, आज जो करार किए गए हैं यह दोनों देशों के बीच संबंध को बेहतर करेगा
- पड़ोसी देश होने के नाते दोनों ही देशों के लिए सुरक्षा का मुद्दा एक ही है, लिहाजा हमें इस ओर मिलकर काम करना चाहिए, मेरा मानना है कि भारत का लोकतांत्रिक अनुभव म्यांमार के लिए भी प्रासंगिक है
- उग्रवादी और चरमपंथी जिस तरह से हिंसा फैला रहे हैं, वह चिंता का विषय है, हम उम्मीद करते हैं कि इस मुद्दे पर जल्द से जल्द समाधान निकाला जाएगा
- हमने म्यांमार और भारत क बीच कनेक्टिविटी को बेहतर करने की दिशा में कदम उठाया है, जोकि दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा।












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