Titanic sub tragedy: टाइटैनिक देखने गई पनडुब्बी कैसे डूबी? ग्राफिकल वीडियो से समझिए.. बॉडीज भी नहीं मिलेंगी
Titanic Submersible: मशहूर से मनहूस की श्रेणी में आ चुके टाइटैनिक का मलबा देखने गई पनडुब्बी का भी वही हाल हुआ, जो दशकों पहले टाइटैनिक का हुआ था। टाइटैनिक की ही तरह उसका मलबा देखने गई पनडुब्बी ने भी जलसमाधि ले ली है। इस हादसे में पनडुब्बी में सवार सभी लोगों की मौत हो गई है, जिसकी अब पुष्टि कर दी गई है।
वहीं, यूएस कोस्ट गार्ड ने कहा है, कि टाइटैनिक सबमर्सिबल, जिसका नाम टाइटन है, उसके पांच चालक दल के सदस्यों के शव "विशाल" महासागर से कभी भी बरामद नहीं किए जा सकते हैं। यानि, मृतकों के शव अभी कभी बरामद नहीं किए जा सकते हैं और अनंद महासागर में उनके शव हमेशा के लिए विलीन हो गये हैं।

समुद्र में टूट गई पनडुब्बी
यूएस कोस्ट गार्ड की तरफ से यह घोषणा टाइटैनिक से 500 मीटर की दूरी पर पनडुब्बी के टूटे हुए टुकड़े पाए जाने के बाद की गई है। ओशनगेट एक्सपीडिशन द्वारा संचालित टाइटन की खोज का विनाशकारी अंत तब हुआ, जब पनडुब्बी के टूटे हुए टुकड़े समुद्र तल पर पाए गए।
यूएस कोस्ट गार्ड के रियर एडमिरल जॉन माउगर के अनुसार, पानी में संभावित एसओएस ध्वनियों का पता चलने से पहले ही चालक दल के सदस्यों की मृत्यु हो गई थी। उनका मानना है, कि पनडुब्बी टाइटन के विस्फोट के बाद जो आवाज निकली है, सोनार ने उसे डिटेक्ट किया होगा। ऐसा माना जा रहा है, कि भले ही उनकी तलाश में पिछले कई घंटों से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा हो, लेकिन उनकी मौत काफी टाइटैनिक का मलबा देखने के तत्काल बाद हो चुकी होगी।
कभी नहीं मिल पाएंगे मृतकों के शरीर
चालक दल के पांच सदस्यों की पहचान ब्रिटिश अरबपति हामिश हार्डिंग, ओशनगेट के सीईओ स्टॉकटन रश, फ्रांसीसी नौसेना के अनुभवी पीएच नार्जियोलेट और पाकिस्तान के अरबपति कारोबारी शहजादा दाऊद और उनके बेटे सुलेमान दाऊद के रूप में की गई है। दुर्भाग्य से, विशेषज्ञों ने कहा है, कि समुद्र तल के कठोर वातावरण के कारण उनके शरीर के किसी भी अवशेष के बरामद होने की उम्मीद नहीं है।
गहरे समुद्र विशेषज्ञ पॉल हैंकिन ने मृतकों के शरीर को खोजने पुनर्प्राप्ति प्रयासों में आने वाली चुनौतियों को रेखांकित करते हुए कहा, कि "वहां का वातावरण अविश्वसनीय रूप से अक्षम्य है... मेरे पास इस समय इसकी संभावनाओं का कोई जवाब नहीं है।" उन्होंने कहा, कि, लैंडिंग फ्रेम, रियर कवर और प्रेशर में टूटे टुकड़ों सहित मलबे की खोज, प्रेशर चैंबर के भयावह नुकसान का संकेत देती है।

वीडियो से समझिए कैसे डूबी पनडुब्बी?
टाइटैनिक के मलबे को दिखाने का काम करने वाली कंपनी ओशनगेट ने एक नोट जारी करते हुए पनडुब्बी में सवार सभी यात्रियों की मौत की पुष्टि कर दी है। कंपनी की तरफ से मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई गई है। वहीं, कंपनी ने मृतकों के परिवारों के प्रति गोपनीयता बरतने का भी अनुरोध किया है।
Bitter Truth News ने एक वीडियो जारी करते हुए समझाया है, कि आखिर ये पनडुब्बी कैसे डूबी होगी।
इस वीडियो के मुताबिक, टाइटैनिक जहाज का मलबा समुद्र तल में 12 हजार फीट यानि करीब 3 हजार 657 मीटर पड़ा हुआ है और उसे देखने के लिए यात्रियों के साथ टाइटन पनडुब्बी समुद्र में उतरती है। धीरे धीरे ये पनडुब्बी समुद्र की अनंत गहराइयों में उतरती जाती है। एक हजार फीट, 2 हजार फीट, 3 हजार फीट... ऐसा करते हुए पनडुब्बी पानी के अत्यधिक प्रेशर के बीच समुद्र में अंदर उतरती जाती है और धीरे धीरे 12 हजार फीट, यानि समुद्र में साढ़े 3 किलोमीटर नीचे तक ये पनडुब्बी पहुंच जाती है, जहां टाइटैनिक जहाज का मलबा दशकों पहले डूबकर समुद्र की अनंत गहराइयों में पर पड़ा हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जब टाइटन पनडुब्बी हादसे का शिकार बनी, वो समुद्र तल से करीब 12 हजार 500 फीट यानि 3810 मीटर नीचे थे। एक्सपर्ट्स का कहना है, कि समुद्र के अंदर तीव्र दबाव की वजह से पनडुब्बी फट गई होगी।












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