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Sunny Balwani: पाकिस्तान से भाग भारत आया, अमेरिका में हॉलीवुड हीरोइन को फंसाया, जानें कौन है ये चालबाज?

सनी बलवानी कई मायनों में एक रहस्यमयी शख्सियत है। कोई नहीं जानता कि सनी ने कब और क्यों रमेश से अपना नाम बदलकर सनी रख लिया।

sunny balwani

Image: Twitter

थेरानोस कंपनी के पूर्व CEO सनी बलवानी को ब्लड चेक स्टार्टअप धोखाधड़ी में उनकी संलिप्ता के लिए बुधवार को 13 साल की जेल की सजा सुनाई गई। इस धोखाधड़ी में सनी बलवानी की पूर्व गर्लफ्रेंड और थेरोनोस कंपनी की संस्थापक एलिजाबेथ होम्स को भी अदालत 11 साल की सजा सुना चुकी है। होम्स को अदालत ने पिछले महीने ही सजा सुनाई है। 57 वर्षीय रमेश 'सनी' बलवानी को कैलिफोर्निया कोर्ट ने 12 साल 11 माह तक संघीय जेल में रखने का आदेश दिया। कोर्ट ने सनी बलवानी को सरेंडर करने के लिए 15 मार्च 2023 तक का वक्त दिया गया है।

एलिजाबेथ होम्स को भी मिल चुकी है सजा

एलिजाबेथ होम्स को भी मिल चुकी है सजा

सनी बलवानी को 155 माह जेल में रहने के अलावा रिहाई के बाद तीन साल तक निगरानी में रखा जाएगा। अदालत ने पाया कि बलवानी ने थेरानोस की भ्रामक ब्लड टेस्टिंग रिपोर्ट के जरिए मरीजों की जान को खतरे में डाला और निवेशकों के साथ लाखों डॉलर की धोखाधड़ी की। बार-बार टेक्नोलिजी से जुड़ी खामियों के बावजूद रमेश बलवानी और उनकी पूर्व गर्लफ्रेंड एलिजाबेथ होम्स ने अपने निवेशकों और पीड़ितों को धोखा देना जारी रखा। गवाही के दौरान एलिजाबेथ होम्स ने दावा किया है कि उसके पूर्व प्रेमी बलवानी ने उनके साथ दुर्व्यहार किया था और उसे निवेशकों से झूठ बोलने के लिए प्रेरित किया था।

क्या था पूरा मामला?

क्या था पूरा मामला?

दरअसल सनी बलवानी और एलिजाबेथ की कंपनी थेरानोस ने दावा किया कि उन्होंने ऐसी मशीन बनाई जिसके द्वारा एक बूंद खून से सभी टेस्ट हो सकते हैं और इससे कई सारी बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। इस मशीन को कहीं भी आसानी से ला जाया जा सकता है। कंपनी के इस दावे के बाद उसमें निवेशकों की भीड़ लग गई। लेकिन जब ये दावा गलत साबित हुआ तो यह अदालत पहुंच गया। अदालत ने कहा कि थेरानोस ने अपनी गलत और भ्रामक ब्लड टेस्टिंग रिपोर्ट के जरिए न केवल मरीजों की जिंदगी को खतरे में डाला बल्कि निवेशकों के साथ लाखों डॉलर की धोखाधड़ी की है।

पाकिस्तान से भारत और फिर अमेरिका जा बसा परिवार

पाकिस्तान से भारत और फिर अमेरिका जा बसा परिवार

सनी बलवानी का जन्म 1965 नें पाकिस्तान के सिंध में हुआ था। कुछ समय के लिए सनी की पढ़ाई लाहौर के प्रतिष्ठित बोर्डिंग स्कूल एचिसन कॉलेज में हुई। इसके बाद एक हिन्दू होने के कारण रहने में हो रही मुश्किलों की वजह से उनका पूरा परिवार भारत चला आया। अस्सी के दशक में उनका पूरा परिवार भारत से अमेरिका चला आया। यहां सनी बलवानी ने 1987 में टेक्सास यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया और कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की, लेकिन डिग्री लेने से पहले ही उसने कॉलेज छोड़ दिया। इसके दस साल बाद सनी ने 1997 में इंफॉर्मेशन सिस्टम में ग्रैजुएशन की डिग्री हासिल की।

ऐसे शुरू हुआ करियर

सनी बलवानी ने करियर की शुरुआत में लोटस सॉफ्टवेयर और माइक्रोसॉफ्ट के लिए काम किया। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट में सनी ने कंपनी के प्रोडक्ट दूसरी फर्मों को बेचे। माइक्रोसॉफ्ट में काम करने के दौरान ही सनी की मुलाकात जापानी कलाकार केइको फुजीमोटो से हुई, जिनसे उन्होंने शादी की थी। लेकिन यह रिश्ता अधिक समय तक नहीं टिका और 2002 में उनका तलाक हो गया। सनी बलवानी ने 1999 में CommerceBid.com नामक स्टार्टअप शुरू किया था। साल 2000 की शुरुआत में जब यह स्टार्टअप अपने चरम पर था, तभी सनी ने कंपनी में अपने सारे शेयर बेच डाले। और डॉट-कॉम बुलबुला फटने से पहले वह 40 मिलियन डॉलर के साथ बाहर निकल गए।

बेहद रहस्यमयी शख्स है सनी बलवानी

इसके बाद सनी बलवानी ने एक बार फिर से स्कूल का रूख किया और 2003 में कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी बर्कले से मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन हासिल किया। इसके बाद सनी ने स्टैनफोर्ड में भी चार साल बिताए लेकिन 2008 में बाहर हो गए। सनी बलवानी कई मायनों में एक रहस्यमयी शख्सियत है। कोई नहीं जानता कि सनी ने कब और क्यों रमेश से अपना नाम बदलकर सनी रख लिया। न्यूयॉर्क टाइम्स की जांच के अनुसार 2002 में जब सनी ने अपनी जापानी पत्नी से तलाक लिया था तब उस कागज पर नाम रमेश ही लिखा हुआ था। वहीं, 2012 तक थेरानोस कंपनी में वह सनी के रूप में काम कर रहा था।

एलिजाबेथ संग रिश्ते की नहीं लगने दी भनक

एलिजाबेथ संग रिश्ते की नहीं लगने दी भनक

सनी बलवानी 2009 में थेरानोस में सीओओ के रूप में कंपनी में एंट्री की थी। इस दौरान वह इस कंपनी के संस्थापक एलिजाबेथ होम्स को डेट कर रहा था। लेकिन इस बात की भनक न तो कंपनी के किसी कर्मचारी को थी और न ही किसी निवेशकों को इसके बारे कुछ मालूम था। बैड ब्लड: सीक्रेट्स एंड लाइज इन ए सिलिकॉन वैली स्टार्टअप के खोजी रिपोर्टर जॉन कैरीरोउ ने थेरानोस घोटाले को ब्रेक किया था। जॉन ने खुलासा किया कि बलवानी और होम्स का रिलेशन 2002 में ही चीन में शुरू हुआ। इस वक्त एलिजाबेथ महज 18 साल की थी। इस दौरान सनी की उम्र 37 साल थी।

2017 में रिश्ते का हुआ खुलासा

2017 में रिश्ते का हुआ खुलासा

जॉन के मुताबिक 2002 से 2005 तक दोनों लिवइन में साथ रह रहे थे। हालांकि दोनों ने ही अपने रिश्ते को 2017 तक सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया था। होम्स ने कहा कि उसने बलवानी के साथ अपने संबंधों को निवेशकों से गुप्त रखा था और उनका ब्रेकअप 2016 में हो गया था। लैब्रोरेट्री साइंस में कोई पृष्ठभूमि नहीं होने के बावजूद सनी बलवानी 2009 में थेरानोस में शामिल हो गए। कंपनी के एक पूर्व कर्मचारी ने दावा किया कि कार्यालय में बलवानी का उपनाम "द एनफोर्सर" था। इस बीच, थेरानोस के पूर्व उपाध्यक्ष एंथोनी नुगेंट ने गवाही दी कि, बलवानी के नेतृत्व में "जगह का माहौल दिन प्रतिदिन बदतर होता चला गया"।

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