The Silent Bunker: सीजफायर के बाद अब क्या मजबूरी जो बंकर में रह रहे सुप्रीम लीडर खामेनेई? किस बात का डर?

The Silent Bunker: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई को पिछले एक हफते से सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। इसके बाद लोगों के बीच कई तरह कि बातों का सिलसिला शुरू हुआ, कि क्या ईरानी के सुप्रीम लीडर सुरक्षित हैं या फिर इजरायल के डर से छिपे हुए हैं?

ईरानी अधिकारियों ने दी बड़ी जानकारी

इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर हुए अब तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन इस दौरान ईरानी लोगों और दुनिया के तमाम लोगों की जुबान पर सिर्फ एक ही सवाल है।कहां हैं ईरान के सुप्रीम लीडर?

The Silent Bunker

सत्ता परिवर्तन की उठ रही मांग

अयातुल्ला अली खामेनेई यह पद 1989 से अब तक संभाल रहें हैं। ईरान- इजरायल युद्ध के बीच अयातुल्ला अली खामेनेई के बढ़ते खतरों को देखते हुए बेहद सुरक्षित जगह पर भेज दिया गया है। तेहरान के अधिकारियों ने यूके टेलीग्राफ को यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि खामेनेई की सुरक्षा अब एक गुप्त और स्पेशल यूनिट की ओर से की जा रही है। इसमें शामिल बॉडीगार्ड की सख्ती से जांच की जाती है। खमेनेई के लिए यह कदम तब उठाया गया जब खामेनेई के खिलाफ आंतरिक खतरों और शासन परिवर्तन का मुद्दा तेज हैं।

बंकर में छिपे हैं खामेनेई?

इजरायल से हो रहे युद्ध और देश में मौजूद असाधारण संकटों के बाद यह सवाल उठा लाजमी भी है की देश का सुप्रीम लीडर कहां है। इन सबके दौरान ईरानी अधिकारियों का कहना है कि खामेनेई को एक सुरक्षित बंकर 'लाविजान' में भेज दिया गया था, वे अब तक उसी बंकर में हैं। जहां वे किसी भी तरह का इलैक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन नहीं कर रहे हैं। अब तक खामेनेई कोई भी बयान या रिकॉर्ड किए गए संदेश भी जारी नहीं किए हैं।

अमेरिकी हमलों से डरे खामेनेई?

22 जून को अमेरिका द्वारा अपने बी-2 बॉम्बर से ईरान के परमाणु स्थलों पर हमला करने के बाद, ईरान ने सोमवार रात करीब 10 बजे के आसपास कतर में अमेरिका के अल-उदीद एयर बेस पर जवाबी हमला किया। जिसके कारण कई खाड़ी देशों में हवाई क्षेत्र बंद हो गए। इसके बाद से ही ईरान को अपने सुप्रीम लीडर की सुरक्षा की चिंता सताने लगी जिसको देखते हुए ईरान खामनेई को बंकर में छिपा दिया गया था।

बंकर से कब बाहर आएंगे अली खामेनेई?

फिलहाल ईरानी हलकों में जो चर्चा चल रही है, उसके मुताबिक 28 जून (शनिवार) तक अगर सब कुछ स्थिर रहता है और कोई खतरा नहीं होता तो, ईरानी सेना अली खामेनेई को बंकर से बाहर आने के लिए ग्रीन सिग्नल दे सकती हैं। दरअसल, ईरान ने ऐलान किया है कि 28 जून को इजराइली हमले में मारे गए कमांडर और वैज्ञानिकों का वो अंतिम संस्कार करेगा। ऐसे में इस बात की संभावनाएं है कि ईरान के इन शहीद सैनिकों के जनाजा-ए-नमाज में खामेनेई भी शामिल हों। देखना होगा कि वे खुद जनाजे में शामिल होते हैं या डिजिटल माध्यम से इससे जुड़ेंगे।

क्या है सच्चाई, कहां रह रहे हैं खामनेई, यह अब भी एक सवाल बना हुआ है?

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