नॉर्थ और साउथ कोरिया में तनाव की वजह से बढ़ा ओबामा का ब्लड प्रेशर
सियोल। साउथ कोरिया की नेवी ने विवादित समुद्री सीमा में घुसी उत्तर कोरिया की एक पेट्रोलिंग बोट पर चेतावनी के तहत गोलियां दागीं।

साउथ कोरिया की इस कार्रवाई से सिर्फ एक दिन पहले ही नॉर्थ कोरिया ने लंबी दूरी का रॉकेट टेस्ट किया था, जिससे तनाव बढा हुआ है। सियोल में रक्षा मंत्रालय ने कहा कि नॉर्थ कोरिया की शिप येलो सी लेवल को रविवार को पार किया।
रक्षा मंत्रालय के एक ऑफिसर ने कहा कि साउथ कोरियाई नेवी की ओर से चेतावनी के तहत फायरिंग के तुरंत बाद उस शिप से वापस जवाबी कार्रवाई की गई।
दोनों कोरियन कंट्रीज के बीच की वास्तविक समुद्री सीमा रेखा- नॉदर्न लिमिट लाइन-को प्योंगयांग मान्यता नहीं देता। उसका कहना है कि इस सीमा रेखा को अमेरिकी नेतत्ववाले संयुक्त राष्ट्र के बलों ने वर्ष 1950-53 के कोरियाई युद्ध के बाद एकपक्षीय तरीके से खींच दिया था।
दोनों ही पक्ष एक-दूसरे के द्वारा घुसपैठ किए जाने की शिकायतें करते रहे हैं। वर्ष 1999, 2002 और 2009 में दोनों के बीच सीमित नौसैन्य झड़पें होती रही हैं।
सोमवार की घुसपैठ जैसी घटना आम है और ये बमुश्किल ही गंभीर रूप लेती हैं। हालांकि रविवार के रॉकेट टेस्ट के बाद से साउथ कोरिया बेहद अलर्ट है।
सियोल का कहना है कि यह रॉकेट टेस्ट दरअसल बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण था। रविवार के इस टेस्ट और पिछले माह किए गए न्यूक्लियर टेस्ट के बाद से साउथ कोरियन प्रेसीडेंट पार्क गुन हे ने नॉर्थ कोरिया की ओर से किसी भी अन्य उकसावे को लेकर सतर्कता बढ़ाने का आहवान किया है।
वहीं अमेरिका इस पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन कैरी ने इस टेस्ट को उकसाने वाला कदम बताया था।
उन्होंने कहा था कि यह टेस्ट न सिर्फ कोरियन रीजन बल्कि अमेरिका के लिए भी खतरा है। अब दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव से राष्ट्रपति बराक ओबामा को भी परेशान कर दिया है।












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