अफगानिस्तान में क्रूर इस्लामी राज, तालिबान ने स्टेडियम में काटे लोगों के हाथ, बरसाए कोड़े

तालिबान ने अफगानिस्तान में क्रूर शरिया कानून लागू कर दिया है और लड़कियों की शिक्षा पर पूरी पाबंदी लगा दी है। वहीं, अब लोगों के अंगभंग किए जाने लगे हैं।

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Afghanistan News: अफगानिस्तान में क्रूर इस्लामिक राज की वापसी हो गई है और तालिबान ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से किए अपने तमाम वादों को तोड़ दिया है। तालिबान ने खतरनाक शरिया कानून के तहत अफगान लोगों को सजा देना शुरू कर दिया है और ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान ने एक खुले स्टेडियम में लोगों के हाथ काटे हैं और कई दोषियों के ऊपर कोड़े बरसाए गये हैं।

तालिबान का क्रूर शासन

तालिबान का क्रूर शासन

अफगानिस्तान से आई एक नई रिपोर्ट में कहा गया है, कि तालिबान ने डकैती और पुरूषों से रेप के आरोपियों के खिलाफ खतरनाक शरिया कानून के तहत सजा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, 9 आरोपियों को कंधार के अहमद शाही स्टेडियम में सार्वजनिक रूप से कोड़े मारे गये हैं। टोलो न्यूज के मुताबिक, प्रांतीय गवर्नर के प्रवक्ता हाजी जैद ने कहा है, कि दोषियों को 35 से 39 बार कोड़े मारे गए हैं और इस दौरान अधिकारी और स्थानीय निवासी मौजूद थे। टोलो न्यूज के मुताबिक, तालिबान के सुप्रीम कोर्ट ने एक बयान में कहा है, कि मंगलवार को कंधार के अहमद शाही स्टेडियम में डकैती और 'पुरूषों से रेप' के आरोप में नौ लोगों को सजा दी गई है।"

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    चार लोगों के काटे गये हाथ

    चार लोगों के काटे गये हाथ

    अफगानिस्तान के पूर्व पॉलिसी एडवाइजर, शबनम नसीमी ने अपने एक बयान में कहा है, कि तालिबान ने कंधार के एक फुटबॉल स्टेडियम में चार लोगों के हाथ भी काटे हैं। उन्होंने कहा है, कि "तालिबान ने कथित तौर पर आज कंधार के एक फुटबॉल स्टेडियम में दर्शकों के सामने चोरी के आरोपी 4 लोगों के हाथ काट दिए हैं"। उन्होंने कहा है, कि तालिबान ने आरोपियों के हाथ काटने से पहले ना ही उनके ऊपर मुकदमा चलाया और ना ही कोई जांच की, बस उनके खिलाफ हाथ काटने का फैसला सुना दिया गया। इस दौरान किसी भी तरह की कोई कानून प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। उन्होंने कहा है, कि अफगानिस्तान में बगैर किसी सुनवाई लोगों को मारा जा रहा है, पीटा जा रहा है और मानवाधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है।

    अफगानिस्तान में जंगल राज!

    अफगानिस्तान में जंगल राज!

    पिछले साल दिसंबर में भी तालिबान ने सार्वजनिक रूप से एक व्यक्ति को मार डाला था और उसके बाद से ही आशंका थी, कि तालिबान ने अफगानिस्तान में जंगल राज की स्थापना कर डाली है। वहीं, यूनाइटेड नेशंस ने लोगों को कोड़े मारने की घटना की निंदा की है और तालिबान से फौरन ऐसे कठोर घटनाओं को रोकने का आह्वान किया है। यूनाइटेड नेशंस ने कहा है, कि 'हम आह्वान करते हैं, कि सजा देने से पहले आरोपियों को पूरी कानूनी मदद दी जाएगा और ऐसे कानून बनाए जाएं, जो मानवाधिकार के अनुकूल हों। अंगभंग और मृत्युदंड जैसे सजा पर रोक लगाई जाए।'

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