पाकिस्तान उतना ही बोए, जितना काट सके.. अफगान शरणार्थियों से क्रूरता पर तालिबान ने दी देख लेने की चेतावनी
Taliban on Afghanistan: पाकिस्तान, अफगानिस्तान के 17 लाख शरणार्थियों को क्रूरता के साथ देश से बाहर निकाल रहा है, जिसने तालिबान के खून को खौला दिया है। पाकिस्तान में अफगान शरणार्थियों को जबरदस्ती अफगानिस्तान सीमा के पार भेजा जा रहा है, जिसको लेकर तालिबान के रक्षा मंत्री मोहम्मद याकूब मुजाहिद ने पाकिस्तान को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है।
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अफगानिस्तान के शरणार्थियों के खिलाफ पाकिस्तान के चल रहे अभियान के बीच, एक कथित ऑडियो क्लिप सामने आया है, जिसमें तालिबान सरकार के कार्यवाहक रक्षा मंत्री मुल्ला मुहम्मद याकूब मुजाहिद ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी जारी की है।

तालिबान ने पाकिस्तान को दी चेतावनी
तालिबान के रक्षा मंत्री इस ऑडियो क्लिप में चेतावनी देते हुए कह रहे हैं, कि अगर पाकिस्तान 'एकतरफा कार्रवाई' जारी रखता है, तो फिर उसे अंजाम भुगतना होगा।
वहीं, अफगानिस्तान के प्रमुख अखबार टोलो न्यूज के मुताबिक, तालिबान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री, मौलवी मोहम्मद याकूब मुजाहिद ने अफगान शरणार्थियों के प्रति पाकिस्तान की कार्यवाहक सरकार के व्यवहार की आलोचना करते हुए कहा, कि अफगानों को निष्कासित करने का निर्णय एकतरफा लिया गया है और पाकिस्तान को ऐसे कार्यों के परिणामों पर विचार करना चाहिए।
टोलो न्यूज के मुताबिक, एक ऑडियो क्लिप में, तालिबान के रक्षा मंत्री ने पाकिस्तानी सरकार से "अफगानों के प्रति क्रूर न होने, उनकी निजी संपत्ति और परिसंपत्तियों को जब्त न करने" का आह्वान किया है।
ऑडियो क्लिप में मोहम्मद याकूब मुजाहिद को यह कहते हुए सुना जा सकता है, कि "वे (पाकिस्तान) किसी भी कानून या नियम के तहत ऐसा नहीं कर सकते। इस तरह की कार्रवाइयों पर सवाल उठाए जाएंगे।"
ऑडियो क्लिप में उन्होंने आगे कहा, कि "हम इसे रोकने के लिए अपनी पूरी क्षमता से कोशिश करेंगे और किसी को भी हमारे अफगान भाइयों की निजी संपत्ति को जब्त करने और चोरी करने की इजाजत नहीं देंगे।"
उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय, संयुक्त राष्ट्र और अन्य संगठनों से भी आग्रह किया है, कि वे पाकिस्तान पर "शरणार्थियों के प्रति मौजूदा स्थिति" को समाप्त करने के लिए दबाव डालें। उन्होंने कहा, कि "भले ही यह शरणार्थियों को उनके देश भेज रहा है, लेकिन उन्हें (शरणार्थियों) सम्मान के साथ देश भेजा जाना चाहिए।"

मुल्लाह याकूब ने दी चेतावनी
मुल्लाह याकूब ने चेतावनी देते हुए कहा, कि मौजूदा स्थिति अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच संबंधों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा रही है, "इसलिए, पाकिस्तानी शासन को जो कुछ भी वह कर रहा है, उसके परिणामों के बारे में सोचना चाहिए। इसे उतना ही बोना चाहिए, जितना वह काट सके।"
उन्होंने अफगान शरणार्थियों को लेकर पाकिस्तान के फैसले को एकतरफा बताते हुए कहा कि 'हमें यह बिल्कुल भी मंजूर नहीं है।'
आपको बता दें, कि पाकिस्तान का कहना है, कि वो उन 17 लाख अफगानों को देश से बाहर निकाल रहा है, जो अवैध तरीके से पाकिस्तान में रह रहे थे। पाकिस्तान ने इन शरणार्थियों पर आतंकी हमलों में शामिल होने का आरोप लगाया है। पाकिस्तान का कहना है, कि अफगानिस्तान के शरणार्थियों की वजह से देश में आतंकी हमलों में भारी इजाफा हुआ है।

लिहाजा, पाकिस्तान ने 31 अक्टूबर तक अफगान शरणार्थियों को देश से निकल जाने का फरमान सुनाया था। पाकिस्तान की कार्यवाहक सरकार ने आदेश जारी किया है, कि जो भी अफगान शरणार्थी एक नवंबर तक देश से बाहर नहीं निकलते, उन्हें गिरफ्तार कर देश से बाहर निकाल दिया जाएगा और उनकी संपत्ति को जब्त कर लिया जाएगा। लिहाजा, पाकिस्तान की उत्तर-पश्चिम सीमा पर अफगान शरणार्थियों की बाढ़ लग गई है, जो अफगानिस्तान में प्रवेश करना चाहते हैं।
अफगान शरणार्थियों का कहना है, सीमा छोड़ने से पहले पाकिस्तान की सेना और पुलिस अधिकारी दस्तावेजों के नाम पर वसूली कर रहे हैं और जो लोग पैसे नहीं दे पा रहे हैं, उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है और फिर टॉर्चर किया जा रहा है।
पाकिस्तानी अखबार ट्रिब्यून ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने बुधवार की समय सीमा समाप्त होने से कुछ घंटे पहले ही बिना दस्तावेज वाले विदेशियों को पकड़ना शुरू कर दिया था, जिनमें से ज्यादातर अफगानी थे। ट्रिब्यून ने कहा है, कि 10 लाख से ज्यादा शरणार्थियों को पाकिस्तान छोड़ना पड़ सकता है।












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