तालिबान का ज्यादातर अमेरिकी हथियारों को ठीक करने का दावा, देश में एयरफोर्स बनाने का ऐलान
तालिबान ने दावा किया है कि, उसने ज्यादातर अमेरिकी हथियारों की मरम्मद कर ली है और देश में फिर से एयरफोर्स का निर्माण किया जाएगा।
काबुल, नवंबर 07: काबुल पर कब्जा करने के बाद अब तालिबान ने ऐलान किया है कि, देश में खुद का एयरफोर्स होना अनिवार्य है, लिहाजा अब तालिबान ने देश में खुद का एयरफोर्स बनाने का फैसला किया है। देश में सत्ता संभालने के दो महीने के बाद तालिबान ने देश में वायुसेना बनाने और उसे मजबूत करने की बात कही है।

एयरफोर्स बनाने का दावा
मंगलवार को राजधानी काबुल में आईएसआईएस के आतंकियों ने सरदार दाऊद खान अस्पताल पर बड़ा हमला किया था, जिसमें कम से कम 23 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें तालिबान की तरफ से अस्पतालों की सुरक्षा के लिए तैनात यूएस ब्लैक हॉक समेत तीन हेलीकॉप्टरों ने काफी अहम भूमिका निभाई थी और आईएसआईएस आतंकियों को खत्म कर दिया था, जिसके बाद तालिबान ने अब कहा है कि, देश में एयरफोर्स को काफी मजबूत किया जाएगा, ताकि देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए। तालिबान की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि, ''हम पिछली सरकार की वायुलेना में जो प्रोफेशनल्स थे, उनका इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं और हम सुनिश्चित करना चाहते हैं कि, वो सभी हमारे पास वापस आ जाएं।

वायुसेना को किया जाएगा मजबूत
तालिबान के गृह मंत्रालय कारी सईद खोस्ती ने कहा कि, ''हमारी ये सबसे अच्छी नीति है और हम चाहते हैं कि पिछली सरकार के सभी एयरफोर्स प्रोफेशनल्स हमारे साथ काम करें और हमें उनकी जरूरत भी है और हम इसमें धीरे-धीरे कामयाब होते जा रहे हैं''। काबुल स्थित तालिबान के एक उच्च पदस्थ खुफिया अधिकारी ने जोर देकर कहा कि, देश में वायु सेना का होना "अनिवार्य" है। समाचार एजेंसी नोज ने तालिबान के एक सूत्र के हवाले से लिखा है कि, ''इसमें कोई संदेह नहीं है कि तालिबान शासन के पूरी तरह से स्थापित हो जाने के बाद जल्द ही एक पूर्ण वायु सेना का निर्माण किया जाएगा। यह अभी पूरी तरह से स्थापित नहीं हुआ है।"

अमेरिकन हेलीकॉप्टर्स किया था जब्त
तालिबान के काबुल के राष्ट्रपति भवन में घुसने से कुछ दिन पहले कंधार वायु सेना को जब्त कर लिया गया था और अमेरिकी ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों के साथ-साथ सोवियत निर्मित एमआई-17 को भी तालिबान ने अपने कब्जे में ले लिया था। जिसकी तस्वीर भी तालिबान की तरफ से जारी की गई थी। तालिबान के प्रवक्ता बिलाल करीमी ने कहा कि, "हम एक वायु सेना का निर्माण कर रहे हैं और जो पायलट हमारी वायुसेना में शामिल हो रहे हैं, हम उन्हें सामान्य माफी योजना के तहत माफ कर रहे हैं और हमने उन्हें वापस आने और फिर से सेना में शामिल होने और अपने देश की मदद करने के लिए कहा है।"

हाथ में हैं अमेरिका से मिले हथियार
तालिबानी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इनायतुल्लाह ख्वारिज़मी ने कहा कि, जिन विमानों को "छोटी मरम्मत" की आवश्यकता थी, उन्हें ठीक कर दिया गया है, और वैसे लोग, जो अहम पदों पर थे, उन्हें फिर से शामिल करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है कि, तालिबान ने जितने अमेरिकी हथियारों पर कब्जा किया था, उनमें से कितने हथियारों को ठीक कर लिया गया है और कितने उपकरण संचालित किए जा रहे हैं। अफगानिस्तान पुनर्निर्माण के लिए विशेष महानिरीक्षक द्वारा जून 2021 के आकलन के अनुसार, अफगान वायु सेना के पास 200 से अधिक एयरक्राफ्ट थे जिनमें 167 विमान शामिल थे।

अफगानिस्तान में वायुसेना की मौजूदा स्थिति
तालिबान ने खोस्त, कुंदुज, मजार-ए-शरीफ और हेरात के रणनीतिक प्रांतों सहित देश भर में नौ प्रमुख हवाई अड्डों पर कब्जा कर लिया था। वहीं, काबुल में हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी तालिबान की सतर्कता की वजह से ज्यादातर अमेरिकी हथियार नष्ट नहीं हो पाए थे, लिहाजा ये हथियार भी तालिबान के कब्जे में चले आए थे। हालांकि, अमेरिका ने अगस्त महीने में कहा था कि, उसने ज्यादातर हथियारों को खराब कर दिया है और वो तालिबान के लिए किसी काम के नहीं हैं, लेकिन बाद में तालिबान ने दावा किया था कि, ज्यादातर हथियार सही हैं। लिहाजा अभी भी कहना मुश्किल है कि, तालिबान के पास मौजूद अमेरिकी हथियारों में कितने हथियार ठीक हैं या खितने हथियार खराब हैं।












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