'बकवास बंद करिए', तालिबान ने पाकिस्तानी गृहमंत्री को हड़काया, AFG में हमले की कही थी बात
तहरीक-ए-तालिबान लगातार पाकिस्तान पर हमले कर रहा है और 2022 में टीटीपी ने करीब 300 पाकिस्तानी सैनिकों को मारा है। जिसके बाद पाकिस्तान और तालिबान के संबंध काफी खराब हो गये हैं।

Taliban on Pakistan: तालिबान को अफगानिस्तान पर फिर से कब्जा करने में अहम भूमिका निभाने की क्रेडिट लेने वाले पाकिस्तान को अब तालिबान दिन में तारे दिखा रहा है। तालिबान की तरफ से बार बार पाकिस्तान को धमकियां दी जा रही हैं और अब तालिबान ने पाकिस्तान के गृहमंत्री को 'बकवास बंद करने' की धमकी दी है। तालिबान ने कहा है, कि पाकिस्तान को अफगानिस्तान में एयर स्ट्राइक करने की धमकी देने जैसे आधारहीन बयान देने से बाज आना चाहिए।

तालिबान ने पाकिस्तान को हड़काया
दरअसल, दो दिन पहले पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री राणा सनाउल्लाह ने कहा था, कि पाकिस्तानी सेना तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के अफगानिस्तान में स्थित ठिकानों को निशाना बनाएगा, जिसके बाद तालिबान की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया दी गई है। तालिबान ने मंगलवार को पाकिस्तान से "आधारहीन बातचीत और उत्तेजक बयानों से बचने" के लिए कहा है। इससे पहले तालिबान के एक और वरिष्ठ नेता ने भारत पाकिस्तान युद्ध की उस तस्वीर को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था, जिसमें पाकिस्तानी सेना ने भारत के सामने सरेंडर किया था।

तालिबान के प्रवक्ता ने क्या कहा?
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किए गए एक बयान में कहा कि, "अफगानिस्तान का इस्लामी अमीरात, पाकिस्तान सहित अपने सभी पड़ोसी देशों के साथ शांतिपूर्ण संबंध चाहता है और इस लक्ष्य को हासिल करने के सभी तरीकों में विश्वास करता है।" बयान में मुजाहिद ने कहा कि, "यह खेदजनक है कि पाकिस्तानी अधिकारी अफगानिस्तान के बारे में 'गलत बयान' दे रहे हैं"। उन्होंने कहा कि, 'इस्लामिक अमीरात' पूरी कोशिश कर रहा है, कि पाकिस्तान या किसी अन्य देश के खिलाफ अफगानिस्तान की सरजमीं का इस्तेमाल न किया जाए। उन्होंने कहा कि, "हम इस लक्ष्य के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन पाकिस्तानी पक्ष की भी जिम्मेदारी है, कि वह स्थिति को हल करे, आधारहीन बातचीत और उत्तेजक विचारों से बचें, क्योंकि ऐसी बातचीत और अविश्वास किसी भी पक्ष के हित में नहीं है।"

तालिबान-पाकिस्तान में तनाव
तालिबानी प्रवक्ता का ये ताजा बयान, तालिबान द्वारा अफगानिस्तान में तहरीक तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) की मौजूदगी के बारे में पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री द्वारा की गई टिप्पणियों को खारिज करने के बाद आया है। इस्लामिक समूह ने कहा कि, वह देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए तैयार है। पिछले हफ्ते, पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री राणा सनाउल्लाह ने कहा था, कि पाकिस्तान अफगानिस्तान के अंदर टीटीपी के ठिकानों को निशाना बनाएगा। पाकिस्तान के मंत्री ने कहा था, कि "जब ये समस्याएं उत्पन्न होती हैं, तो हम सबसे पहले अपने इस्लामिक भाई राष्ट्र अफगानिस्तान से इन ठिकानों को खत्म करने और इन व्यक्तियों को हमें सौंपने के लिए कहते हैं, लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है, तो इस्लामाबाद इन ठिकानों को निशाना बनाएगा।" जिसके बाद तालिबान के नेतृत्व वाले रक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तानी मंत्री की इस टिप्पणी को "भड़काऊ और निराधार" करार दिया है।

'अच्छे संबंधों को होगा नुकसान'
तालिबान ने कहा कि इस तरह के आरोप दोनों पड़ोसियों के बीच अच्छे संबंधों को नुकसान पहुंचाते हैं। आपको बता दें कि, टीटीपी का तालिबान से गहरा संबद्ध है, जिसने पूरे पाकिस्तान में हमले करने की घोषणा की है। कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन टीटीपी ने पिछले साल नवंबर में सरकार के साथ अफगान तालिबान की मध्यस्थता वाले संघर्षविराम को खत्म करने की घोषणा के बाद से पाकिस्तान में हमले तेज कर दिए हैं। इस्लामाबाद स्थित एक थिंक-टैंक ने टीटीपी को पाकिस्तान के लिए सबसे बड़े खतरे के रूप में उभरने की ओर इशारा करते हुए कहा कि, साल 2022 पाकिस्तानी सेना के लिए सबसे घातक साबित हुआ है और करीब 300 पाकिस्तानी सेना के जवान और पुलिसवाले मारे गये हैं। शनिवार को जारी अपनी वार्षिक रिपोर्ट में, सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज (CRSS) ने कहा कि पाकिस्तान सुरक्षा बलों ने 2022 के दौरान हमलों में कम से कम 282 कर्मियों को खो दिया है।












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