ताइवान: जनरल को लेकर जा रहा हेलीकॉप्टर पहाड़ियों में क्रैश, सीनियर ऑफिसर समेत सात की मौत
ताइपे। एक हेलीकॉप्टर क्रैश में ताइवान के टॉप मिलिट्री ऑफिसर समेत सात लोगों की मौत हो गई है। रक्षा मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि यह घटना उस समय हुई जब हेलीकॉप्टर ने पहाड़ियों में क्रैश लैंडिंग की कोशिश की थी। ताइवान के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ जनरल शेन वाई मिंग के साथ सात लोगों के बारे में इस जानकारी की पुष्टि आधिकारिक तौर पर ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने की है। जनरल शेन, ताइवान एयर फोर्स के कमांडर रह चुके थे।

सैनिकों से मुलाकात करने जा रहे थे जनरल
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता शिह शुन वेन की ओर से कहा गया है कि जनरल शेन वाई मिंग और उनके साथ सात और लोग यूएच-60 एम ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर पर सवार थे। यह हेलीकॉप्टर राजधानी ताइपे के करीब स्थित पहाड़ियों में क्रैश हुआ है। 62 साल के जनरल को लेकर हेलीकॉप्टर रूटीन मिशन पर रवाना हुआ था। जनरल मिंग नॉर्थ-ईस्ट में स्थित वाइलान काउंटी में सैनिकों से मुलाकात करने के लिए जा रहे थे। यह मीटिंग नए वर्ष से पहले एक औपचारिक विजिट का हिस्सा थी।

चीन के खिलाफ तैयारियों को परखते थे जनरल
जनरल मिंग पर चीन के खिलाफ देश की रक्षा तैयारियों को दुरुस्त रखने का जिम्मा था। चीन कई बार ताइवान को धमकी दे चुका है कि अगर जरूरत पड़ी तो इस द्वीप को अपनी सीमा में मिलाने के लिए मिलिट्री का प्रयोग भी कर सकता है। टेक ऑफ करने के बस 10 मिनट बाद ही हेलीकॉप्टर रडार स्क्रीन से गायब हो गया और पहाड़ों में क्रैश हो गया। वुलाई इलाका ताइवान की राजधानी ताइपे के बाहर वह इलाका है जहां पर घना जंगल है।

जनरल भी थे एक असाधारण पायलट
डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल क्रैश की वजहें सामने आने में एक माह का समय लग सकता है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक जो दो पायलट इस हेलीकॉप्टर को उड़ा रहे थे वह काफी अनुभवी थे। 63 साल के शेन इसी वर्ष जुलाई में जनरल स्टाफ के पद पर नियुक्त हुए थे। वह ताइवान एयरफोर्स के कमांडर रह चुके हैं। शेन के करीबियों के मुताबिक बाकी फौजियों की तुलना में शेन काफी शांत ऑफिसर थे और एक असाधारण पायलट थे।

जनरल का ऐलान बना अमेरिका-चीन में तनाव की वजह
चीन की तरफ से बढ़ते खतरे को देखते हुए शेन ने पिछले वर्ष मार्च में अमेरिका से और ज्यादा फाइटर जेट्स मांगे थे। उन्होंने कहा था, 'हमनें अमेरिका से और ज्यादा फाइटर जेट्स खरीदने का अनुरोध किया है क्योंकि चीन लगातार अपनी सैन्य ताकत में इजाफा करता जा रहा है। हमें अपनी वायु रक्षा क्षमताओं में और इजाफा करना है और हमें इसके लिए और जेट्स चाहिए।' ताइवान के इस ऐलान के बाद अमेरिका और चीन के बीच तनाव और ज्यादा बढ़ गया था।












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