चीन किसी भी वक्त ताइवान पर कर देगा हमला? बॉर्डर के पास दिखे 21 लड़ाकू विमान और जहाज, अब क्या करेगा अमेरिका
ऐसा लगता है कि,वह सैन्य अभ्यास की आड़ में ताइवान को हड़पने की फिराक में है। ये बात इसलिए कही जा रही है क्योंकि ताइवान ने अपने सीमा के पास चीन के 21 लड़ाकू विमान और 5 नौसैनिक जहाज ट्रैक किए हैं।
ताइपे/बीजिंग, 20 अगस्त : ड्रैगन के तेवर देखकर तो ऐसा लगता है कि,वह सैन्य अभ्यास की आड़ में ताइवान को हड़पने की फिराक में है। ये बात इसलिए कही जा रही है क्योंकि ताइवान ने अपने सीमा के पास चीन के 21 लड़ाकू विमान और 5 नौसैनिक जहाज ट्रैक किए हैं। खबर है कि, चीनी लड़ाकू विमानों और उनके नेवी जहाजों (Navy Ships) ने ताइवान जलडमरूमध्य मध्य रेखा (Taiwan Strait Median Line) को भी पार किया है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि शुक्रवार शाम 5 बजे उन्होंने चीनी लड़ाकू विमानों और नौसैनिक जहाजों को ट्रैक किया।
Recommended Video

बॉर्डर पर तनाव का माहौल
ताइवान के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, शुक्रवार शाम 5 बजे तक ताइवान के अधिकांश इलाके में चीनी सेना के 17 विमान और पांच जहाजों को ट्रैक किया गया था। विमान चार शीआन जेएच -7 लड़ाकू-बमवर्षक, दो सुखोई एसयू -30 लड़ाकू और दो शेनयांग जे -11 जेट थे। इससे ताइवान थर्रा गया है।

किसी भी वक्त हो सकता है हमला
बता दें कि, हालात बिगड़ते जा रहे हैं, चीन इस वक्त पूरे मूड में है। वह ताइवान पर हमला करके अमेरिका को बताना चाहता है कि वह ताइवान की रक्षा नहीं कर सकता है। इससे चीन एक तीर से दो निशाना लगाने की फिराक में है। एक तो वह ताइवान पर कब्जा भी कर लेगा और अमेरिका का ताइवान की रक्षा करने का वचन को भी झूठा साबित देगा।

चीन करेगा हमला तो ताइवान भी तैयार
जानकारी के मुताबिक, चीन के JH-7 और Su-30 फाइटर जेट ने ताइवान के उत्तरी छोर पर median line को पार किया, जबकि दो J-11 लड़ाकू विमानों ने दक्षिणी छोर की रेखा को पार किया। वहीं, ताइवान के मंत्रालय ने कहा कि उसने कॉम्बैट एयर पेट्रोल्स (सीएपी), नौसेना के जहाजों और वायु रक्षा मिसाइल प्रणालियों को चीनी गतिविधियों की निगरानी और उसका जवाब देने के लिए तैयार रखा है।

नैन्सी के ताइवान दौरे के बाद से मामला बिगड़ गया
बता दें कि, अमेरिका की हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद चीन ताइवान के लेकर ज्यादा ही आक्रामक होता जा रहा है। वह नैन्सी की आड़ में ताइवान को हासिल कर अपना हित साधना चाहता है। अमेरिका ने कहा था कि, वह ताइवान के साथ खड़ा है। अब अगर चीन ताइवान पर हमला कर देता है तो अमेरिका क्या ताइवान का साथ देगा। क्या एशियाई द्वीप पर अशांति के संकेत दिखने शुरू हो गए हैं।

युद्ध हुआ तो क्या होगा?
अगर चीन ताइवान पर आक्रमण करता है तो अमेरिका चीन के खिलाफ खड़ा हो जाएगा। इससे एशिया महाद्वीप में एक बड़ा संकट शुरू हो जाएगा। ऐसी स्थिति में भारत,अमेरिका समेत अन्य ताकतवर देशों को चाहिए कि वह आगे आकर चीन को समझाए। क्योंकि समय रहते मामला सुलझ जाए तो मुमकिन है कि आगे चीन और ताइवान के बीच बातचीत से कोई रास्ता निकल आए।












Click it and Unblock the Notifications