सीरिया में बड़ा बदलाव: बशर अल-असद ने इस्तीफा देकर देश छोड़ा, रूस ने की पुष्टि
Moscow: रूस के विदेश मंत्रालय ने रविवार को बयान जारी कर कहा है कि सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और सत्ता सौंपने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से देश छोड़ दिया है। मंत्रालय ने इस बारे में और कोई जानकारी साझा नहीं की है कि असद अब कहां हैं। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि रूस ने असद की विदाई से संबंधित वार्ताओं में कोई हिस्सा नहीं लिया है।
रूस ने यह भी बताया कि उसने अपने सीरिया में स्थित सैन्य ठिकानों को उच्च सतर्कता पर रखा है, हालांकि वर्तमान समय में इन ठिकानों को कोई गंभीर खतरा नहीं है। इसके साथ ही रूस ने यह भी कहा कि वह सभी सीरियाई विपक्षी गुटों के संपर्क में है और सभी पक्षों से अपील की है कि वे हिंसा से बचें और शांति बनाए रखें।

असद शासन के समाप्त होने का ऐलान
सीरिया की राजधानी दमिश्क में विद्रोहियों के घुसने और राष्ट्रपति बशर अल-असद के देश छोड़ने के बाद सत्ता विद्रोही गुटों के हाथ में आ गई है। सेना के सरेंडर के साथ ही सीरिया में असद परिवार के 50 साल के शासन का अंत हो गया है। सीरियाई विपक्षी युद्ध निगरानी संस्था के प्रमुख ने असद के देश छोड़ने की पुष्टि की है। इसके बाद सीरियाई सेना कमांड ने भी असद शासन के समाप्त होने का ऐलान किया है। विद्रोही गुटों ने इसे सीरिया के लोगों की बड़ी जीत बताया है।
अबू मोहम्मद अल जुलानी सीरिया में सबसे अहम चेहरा
सीरियाई राज्य टीवी से भी विद्रोही गुट हयात तहरीर अल-शाम (HTS) ने एक संदेश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि बशर अल-असद सरकार को उखाड़ फेंका गया है और सभी बंदियों को रिहा कर दिया गया है। संदेश में यह भी कहा गया है कि अब सीरिया में असद की सरकार नहीं है और दमिश्क अब स्वतंत्र है। विद्रोही गुट HTS के प्रमुख अबू मोहम्मद अल जुलानी फिलहाल सीरिया में सबसे अहम चेहरा बन गए हैं, और जुलानी की अगुवाई में ही असद का तख्तापलट हुआ है।
सत्ता ट्रांसफर की घोषणा
दमिश्क पर कब्जे के बाद अबू जुलानी के नेतृत्व वाले विद्रोही गुट HTS ने कहा है कि बशर अल-असद के देश छोड़ने के बाद सार्वजनिक संस्थानों की बागडोर अब प्रधानमंत्री गाजी जलाली संभालेंगे। HTS ने अपने टेलीग्राम चैनल पर यह भी कहा कि फिलहाल सैन्य बलों को दमिश्क के सार्वजनिक संस्थानों के करीब जाने से रोका गया है।
सीरिया के प्रधानमंत्री गाजी जलाली ने भी बयान जारी करते हुए शासन की बागडोर शांतिपूर्ण तरीके से विपक्ष को सौंपने की बात कही है। उन्होंने कहा कि "मैं अपने देश से प्यार करता हूं और कहीं नहीं गया हूं।" जलाली ने सीरियाई नागरिकों से अपील की कि वे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं और सब मिलकर देश के विकास की दिशा में आगे बढ़ें।
सीरिया में भारी उथलपुथल
सीरिया में इस समय भारी अराजकता और उपद्रव की स्थिति है। असद के देश छोड़ने की खबरों के बावजूद उनके बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है, और इस कारण कई अफवाहें फैल रही हैं। दमिश्क हवाई अड्डे को खाली कर दिया गया है और सभी उड़ानें रोक दी गई हैं, जिसके कारण सीरिया का दूसरे देशों से संपर्क टूट गया है।
विद्रोही गुटों ने दमिश्क की सैदनाया सैन्य जेल में घुसकर वहां से कैदियों को रिहा कर लिया है, जिससे अराजकता और बढ़ गई है। सीरियाई सेना फिलहाल कहीं नजर नहीं आ रही है और विद्रोही गुटों ने अधिकांश सड़कों पर अपना कब्जा जमा लिया है।
असद विरोधी कई शहरों से जश्न की तस्वीरें सामने आ रही हैं, लेकिन जिहादी गुट हयात तहरीर अल-शाम और इसके कट्टरपंथी नेता अबू मोहम्मद अल जुलानी के विचारों को लेकर अल्पसंख्यकों और लिबरल लोगों में भारी डर और दहशत है।
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