Syria US Airstrike: IS के ठिकानों पर कहर बनकर बरसे अमेरिकी फाइटर जेट, ट्रंप बोले– दुश्मनों को चुनकर मारा
Syria US Airstrike: सीरिया में एक बार फिर युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। अमेरिका ने इस्लामिक स्टेट यानी IS के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई करते हुए मध्य सीरिया में दर्जनों ठिकानों पर जबरदस्त हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी प्रशासन ने साफ कहा है कि यह हमला वहां तैनात अमेरिकी सैनिकों पर हुए घातक हमले का सीधा जवाब है। इस कार्रवाई को अमेरिका ने 'ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक' (Operation Hawkeye Strike) नाम दिया है।
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ (Pete Hegseth ) ने बताया कि इस ऑपरेशन का मकसद आईएस के लड़ाकों, उनके नेटवर्क, हथियारों के अड्डों और ठिकानों को पूरी तरह तबाह करना था। उन्होंने कहा कि यह किसी नई जंग की शुरुआत नहीं है, बल्कि दुश्मनों से बदला लेने का ऐलान है। हेगसेथ के मुताबिक इस ऑपरेशन में बड़ी संख्या में IS के आतंकियों को मार गिराया गया है और आगे भी कार्रवाई जारी रह सकती है।

अमेरिका ने फाइटर जेट से लेकर हेलिकॉप्टर तक इस्तेमाल
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक इन हमलों में एफ 15 ईगल फाइटर जेट, ए 10 थंडरबोल्ट ग्राउंड अटैक एयरक्राफ्ट और एएच 64 अपाचे हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा तोपखाने से भी हमला किया गया। मध्य सीरिया के कई इलाकों को निशाना बनाया गया, जहां आईएस के ठिकाने सक्रिय बताए जा रहे थे। अमेरिका का कहना है कि इस अभियान में जॉर्डन के विमान भी शामिल थे।
US President Donald J Trump posts, "Because of ISIS’s vicious killing of brave American Patriots in Syria, whose beautiful souls I welcomed home to American soil earlier this week in a very dignified ceremony, I am hereby announcing that the United States is inflicting very… pic.twitter.com/mpc1NpZ9Bt
— ANI (@ANI) December 19, 2025
डोनाल्ड ट्रंप का सख्त संदेश- आतंकियों को बख्शा नहीं जाएगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका आईएस के गढ़ों पर बहुत जोरदार हमला कर रहा है और आतंकियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। व्हाइट हाउस ने कहा कि राष्ट्रपति ने पहले ही साफ कर दिया था कि अमेरिकी सैनिकों की हत्या का जवाब जरूर दिया जाएगा और अब वही किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम दुश्मनों को चुन-चुनकर मार रहे हैं।
आखिर किस हमले के बाद भड़का अमेरिका?
यह पूरी सैन्य कार्रवाई 13 दिसंबर 2025 को सीरिया के ऐतिहासिक शहर पॉलमायरा के पास हुए हमले के बाद की गई है। इस हमले में दो अमेरिकी सैनिक और एक अमेरिकी नागरिक अनुवादक की मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य सैनिक घायल हुए थे। अमेरिकी सेना के मुताबिक हमलावर ने अमेरिकी और सीरियाई बलों के काफिले को निशाना बनाया था, जिसे बाद में मार गिराया गया।
अमेरिकी सेना ने मारे गए सैनिकों की पहचान भी सार्वजनिक की है। इनमें आयोवा नेशनल गार्ड के सदस्य सार्जेंट एडगर ब्रायन टोरेस टोवर और सार्जेंट विलियम नाथानियल हॉवर्ड शामिल थे। दोनों की उम्र 30 साल से कम थी। इस हमले में मारे गए नागरिक अनुवादक की पहचान मिशिगन निवासी अयाद मंसूर सकात के रूप में हुई है।
हमलावर को लेकर चौंकाने वाला खुलासा
सीरियाई गृह मंत्रालय ने दावा किया है कि हमला करने वाला व्यक्ति सीरिया की सुरक्षा बलों से जुड़ा था और उस पर आईएस के प्रति सहानुभूति रखने का शक था। इस बयान ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है।
आगे और हमलों के संकेत
अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई यहीं खत्म नहीं होगी। पेंटागन ने साफ किया है कि जरूरत पड़ने पर आगे भी आईएस के खिलाफ सख्त सैन्य कदम उठाए जाएंगे। अमेरिका का कहना है कि उसका मकसद सीरिया में आईएस की दोबारा पकड़ मजबूत होने से रोकना है।
सीरिया में यह हमला एक बार फिर दिखाता है कि आईएस भले ही कमजोर पड़ा हो, लेकिन अमेरिका उसे पूरी तरह खत्म करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।












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