अरब लीग में 12 सालों के बाद लौटा सीरिया, बसर अल असद के 'गुनाहों' को माफ करने को तैयार प्रिंस सलमान
सीरिया के राष्ट्रपति ने 12 साल पहले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एक्शन के आदेश दिए थे, जिसके बाद सीरिया में गृहयुद्ध की आग लग गई थी, जिसमें कई लाख लोग मारे गये।

Syria back In Arab League: सऊदी अरब के प्रभाव वाले अरब लीग में 12 सालों के बाद सीरिया की वापसी हो गई है और अरब लीग के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों ने 10 साल से ज्यादा समय पहले सीरिया के निलंबन के बाद, इसकी सदस्यता को फिर से बहाल करने पर सहमति जता दी है।
सीरिया को अरब लीग में फिर से शामिल करने को लेकर अरब लीग के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों ने रविवार को काहिरा में, अरब लीग के मुख्यालय में मतदान किया, जिसमें बहुमत से सीरिया की वापसी पर मुहर लगा दी गई।
होने वाला है अरब लीग सम्मेलन
अरब लीग शिखर सम्मेलन 19 मई को सऊदी अरब में होने वाला है और माना जा रहा है, कि सीरिया को इसमें काफी हड़बड़ाहट के साथ सम्मेलन से पहले शामिल कर लिया गया है। हाल के हफ्तों में दमिश्क के साथ तेजी से संबंध सुधारने की कोशिश की गई है।
आपको बता दें, कि साल 2011 में सीरिया को उस वक्त अरब लीग से बाहर कर दिया गया था, जब सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद ने मार्च 2011 में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई का आदेश दिया था। राष्ट्रपति असद के इस फैसले के बाद सीरिया में गृहयुद्ध शुरू हो गया और करीब 5 लाख लोग मारे गये और करीब सवा 2 करोड़ लोग विस्थापित होने पर मजबूर हुए।
लिहाजा, सीरिया को अरब लीग की सदस्यता रद्द कर दी गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, सीरिया को शामिल करने को लेकर मिस्र की राजधानी काहिरा में अरब लीग के सदस्य देशों के बीच एक बैठक हुई थी।
वहीं, एसोसिएटेड प्रेस समाचार एजेंसी के मुताबिक, बैठक में जॉर्डन के शीर्ष राजनयिक ने कहा, कि जैसा कि अल-असद ने सीरियाई क्षेत्र पर अपने नियंत्रण को मजबूत किया है, अरब राज्य संकट को हल करने में "अरब के नेतृत्व वाले राजनीतिक रास्ते" की दिशा में काम करते हुए संबंधों को सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं।
सीरिया को अरब लीग में लाने की इस प्रक्रिया को "जॉर्डन पहल" करार दिया गया है।
अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल घेत ने रविवार को कहा, कि राष्ट्रपति अल-असद इस महीने के अंत में "अगर वह चाहें तो" अरब लीग शिखर सम्मेलन में भाग ले सकते हैं।
वहीं, इस सवाल के जवाब में, कि क्या अल-असद सऊदी अरब में शिखर सम्मेलन में भाग ले सकते हैं, अबुल घेत ने काहिरा में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, कि "यदि वह चाहें, क्योंकि आज शाम से सीरिया, अरब लीग का पूर्ण सदस्य बन गया है, और कल सुबह से उन्हें किसी भी सीट पर कब्जा करने का अधिकार है"।

प्रिंस सलमान भेजेंगे सीरिया को न्योता?
हालांकि, अमूमन होता ये है, कि मेजबान देश की तरफ से सदस्य देशों को शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए न्योता भेजा जाता है, लिहाजा सवाल उठ रहे हैं, कि क्या प्रिंस सलमान, सीरिया के राष्ट्रपति के 'गुनाह' माफ कर पाएंगे?
अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल घेत ने कहा, कि "मेजबान देश सम्मेलन में शामिल होने का आमंत्रण भेजते हैं और जब मेजबान देश आमंत्रण भेजेंगे, को वो निश्चित तौर पर भाग ले पाएंगे।"
वहीं, सीरिया ने एक बयान में अरब लीग से सभी सदस्य देशों के प्रति पारस्परिक सम्मान दिखाने का आह्वान किया है। आपको बता दें, कि अरब वर्ल्ड में चीन के कदम बढ़ाने के बाद तेजी से परिवर्तन हुए हैं और सऊदी अरब के साथ ईरान के रिश्ते बहाल हो गये हैं और अब सीरिया की अरब लीग में वापसी हो गई है।
क्या है अरब लीग?
अरब लीग, अरब देशों का एक क्षेत्रीय संगठन है, जो उत्तरी अफ्रीका, पश्चिमी अफ्रीका, पूर्वी अफ्रीका और पश्चिमी एशिया में स्थित है। 22 मार्च 1945 को काहिरा में अरब लीग का गठन किया गया था, जिसमें शुरू में छह सदस्य थे। मिस्र, इराक, ट्रांसजॉर्डन (1949 में जॉर्डन का नाम बदला गया), लेबनान, सऊदी अरब और सीरिया। वहीं, 5 मई 1945 को यमन भी इस ग्रुप में शामिल हो गया।
वर्तमान में, अरब लीग में 22 सदस्य हैं। सीरिया की भागीदारी को 16 नवंबर 2011 से 7 मई 2023 तक निलंबित कर दिया गया था और अब इसे फिर से बहाल कर दिया गया है।
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अरब लीग का मुख्य लक्ष्य "सदस्य राज्यों के बीच संबंधों को करीब लाना और उनके बीच सहयोग का समन्वय करना, उनकी स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा करना और सामान्य रूप से अरब देशों के मामलों और हितों पर विचार करना" है। हालांकि, अरब लीग को सदस्य देशों से ही काफी कम समर्थन मिला है, लिहाजा ये संगठन ज्यादा कामयाबी हासिल नहीं कर पाया है।












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