नूर शालोबार की दिनदहाड़े हत्या, पाकिस्तान में भारत विरोधी आतंकियों को कौन ठिकाने लगा रहा है?
पाकिस्तान में भारत के एक और दुश्मन का खात्मा हो गया है। अज्ञात बंदूकधारी ने खैबर पख्तूनख्वा में आतंकी कमांडर सैयद नूर शालोबार की गोली मारकर दिनदहाड़े हत्या कर दी।

Image: oneindia
पाकिस्तान में भारत के खिलाफ आतंक फैलाने वाले एक और आतंकी मारा गया है। अज्ञात बंदूकधारियों ने खैबर पख्तूनख्वा में आतंकी कमांडर सैयद नूर शालोबार की पर दिनदहाड़े गोलियों की बौछार कर दी। इससे आतंकी की मौके पर ही मौत हो गई। पाकिस्तान में 12 दिनों में भारत के खिलाफ आतंक फैलाने वाले तीसरे आतंकी की हत्या हुई है। इससे पहले, खालिद रजा और बशीर अहमद की भी पाकिस्तान में हत्या हो चुकी है।
पाकिस्तान के आतंकियों में खौफ
पाकिस्तान के कराची में 27 फरवरी को कश्मीर के आतंकी संगठन अल-बद्र का कमांडर सैयद खालिद रजा मारा गया था। और उससे पहले 20 फरवरी को रावलपिंडी में हिजबुल मुजाहिद्दीन के इम्तियाज आलम की हत्या कर दी गई थी। पाकिस्तान में एक के बाद एक ऐसी घटनाएं बढ़ने लगी हैं। भारत के खिलाफ आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के बाद पाकिस्तान में छिपे बैठे दहशतगर्दों में उल्टे दहशत भर गया है। यही वजह है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने आतंकियों की सुरक्षा बढ़ानी शुरू कर दी है। आतंकी सलाहुद्दीन को पाकिस्तान की सेना ने सुरक्षा के लिए बुलेट प्रूफ कार दी है ताकि कोई उसे गोलियों से निशाना न बना सके।
सिंधुदेश रिवॉल्यूशनरी आर्मी ने ली जिम्मेदारी
एक साल के भीतर पाकिस्तान में यह चौथे आतंकी की हत्या है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान में इन आतंकवादियों को मारने की जिम्मेदारी सिंधुदेश रिवॉल्यूशनरी आर्मी ने ली है। सिंधुदेश रिवॉल्युशनरी आर्मी ने सिंधुदेश की पूर्ण स्वतंत्रता तक विरोध करने का प्रण लिया हुआ है। SRA आमतौर पर बलूच विद्रोहियों से अलग अपने छोटे हमलों के लिए जाना जाता है। जैसे ट्रेन की पटरियों को उड़ा देना, मोबाइल संचार टावरों को नुकसान पहुंचाना और बिजली लाइनों पर बमबारी करना लेकिन कुछ सालों से ये संगठन बड़े घटनाक्रमों को अंजाम देने लगा है। SRA अगस्त 2020 में कराची में निकाली गई एक रैली पर हुए ग्रेनेड हमले में भी शामिल था जिसमें करीब 30 लोग घायल हुए थे।
BLA और SRA ने मिलाया हाथ
सिंधुदेश रिवॉल्युशनरी आर्मी ने बीते कुछ साल में इलाके में हुए कई धमाकों की जिम्मेदारी ली है। यह संगठन सिंध को पाकिस्तान से अलग करने की मांग करता है। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक सिंधुदेश रिवॉल्युशनरी आर्मी ने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी से हाथ मिला लिया है। उग्रवादी संगठन बीएलए भी बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग करने की मांग करता है। यह संगठन अक्सर अपने हमलों में पाकिस्तानी सेना को निशाना बनाता है और क्षेत्र में चीन की मौजूदगी का विरोध करता है। यह गठबंधन सिंधी संगठनों को युद्ध में प्रशिक्षण प्राप्त करने में मदद करता है, जबकि वे बलूच लड़ाकों को कराची और सिंध के अन्य हिस्सों में अपने अभियान चलाने के लिए रसद सहायता प्रदान करते हैं।
इससे पहले सिंधुदेश रिवॉल्युशनरी आर्मी तब अधिक चर्चा में आया था जब सितंबर 2022 में कराची में एक चीनी डेंटल क्लिनिक पर हमला किया गया था। इसमें रोनाल्ड रेमंड चाउ की मौत हो गई और डॉ रिचर्ड हू और उनकी पत्नी फेन टेयिन गंभीर रूप से घायल हो गए। हालांकि चीन ने तुरंत इनकार कर दिया कि ये लोग चीनी नागरिक नहीं थे, इस खबर ने दुनियाभर में सुर्खियां बटोरी थी। SRA संगठन को वैचारिक ताकत सिंध मुत्तहिदा मूवमेंट से मिलती है।












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