Sunita Williams को लेकर आ रहे ड्रैगन स्पेसक्रॉफ्ट की लैडिंग को लेकर क्या है खतरे? सावधान हैं NASA वैज्ञानिक
Sunita Williams return to earth: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी Nasa की भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) और बुच विलमोरी (Butch Wilmory) की लंबे इंतजार के बाद धरती पर वापसी हो रही है। सुनीता विलियम्स समेत कुल चार अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर स्पेसएक्स का ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट नासा के अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर को छोड़ चुका है और अनडॉक का प्रोसेस शुरू हो चुका है।
वैज्ञानिकों के शेड्यूल के हिसाब से अगर सबकुछ सामान्य रहा तो सुनीता विलियम्स और अन्य एस्ट्रोनॉड को लेकर आ रहा स्पेसक्राफ्ट बुधवार की सुबह साढ़े तीन बजे फ्लोरिडा के पास पानी के स्थान पर करेगा। हालांकि नासा के वैज्ञानिक सफल लैंडिंग को लेकर काफी सतर्क हैं। आइए जानते हैं आखिर एयरक्राफ्ट की लैडिंग को लेकर क्या दिक्कतें आ सकती हैं और क्या खतरे हैं जिसके कारण लैडिंग का समय नजदीक आने से पहले वैज्ञानिकों की धड़कने बढ़ी हुई हैं?

ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट के लिए सबसे बड़ी चुनौती वाला पल ?
अंतरिक्ष छोड़कर पृथ्वी के वायुमंडल में स्पेसक्राफ्ट जब प्रवेश करता है तो सबसे बड़ा खतरा एयर प्रेशर के कारण एयरक्राफ्ट कैश होने का रहता है। याद रहे ये ही वो मुश्किल चरण था जब 1 फरवरी 2003 को कोलंबिया में भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला का अंतरिक्षयान क्रैश हो गया था जिसमें वो दुर्घटना का शिकार हुईं थीं।
ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट को क्या बरतनी होगी सावधानी?
स्पेसक्राफ्ट की पृथ्वी के वायुमंडल में रिएंट्री सबसे महत्वपूर्ण क्षण होता है। स्पेसक्राफ्ट को समझारी से करेक्ट एंगल और सधी हुई स्पीड के साथ एंट्री करना होता है। इसी चरण को रिएंट्री कहा जाता है। इस रिएंट्री करते समय ड्रैगल एयरक्राफ्ट को मानक के अनुसार स्पीड और एंगल पर ध्यान देना होगा अगर कोई भी गड़बड़ी हुई तो लेने के देने पड़ सकते हैं।
एयरक्राफ्ट अगर गलत रीएंट्री करता है तो?
स्पेसक्राफ्ट अगर गलत एंगल से रिएंट्री करता है तो वो क्रैश हो जाएगा या फिर पृथ्वी के वायुमंडल से टकरा कर वायुमंडल से उछलकर अंतरिक्ष में अनिश्चित काल के लिए किसी आर्बिट में प्रवेश कर वहीं फंसा रह सकता है। इसके अलावा स्पलैशडाउन के दौरान सही समय पर पैराशूट को तैनात करने में विफलता से कैप्सूल के नियोजित गति से अधिक गति से उतरने के कारण घातक प्रभाव का जोखिम बढ़ जाएगा।
अंतरिक्ष यात्रियों की कैसे होती है धरती पर वापसी, जानें हर चरण?
अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी यात्रा कई चरणों में सावधानीपूर्वक योजनाबद्ध की जाती है, जिसकी शुरुआत अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से उनके प्रस्थान से होती है। शुरुआत में, वे प्रेशर सूट पहनते है और हैच को सील करने के बाद किसी भी रिसाव यानी लीकेज की जांच की जाती है।
अनडॉक
इसके बाद, ड्रैगन अंतरिक्ष यान ISS से अनडॉक हो जाएगा, इस प्रक्रिया में सुरक्षा जांच, कनेक्शन लॉक खोलना और अंतरिक्ष यान की गति और दिशा को नियंत्रित करने वाले थ्रस्टर्स का उपयोग करके अलग करना जैसे कई चरण शामिल हैं। अनडॉक होने के बाद, अंतरिक्ष यान पर बारीकी से नज़र रखी जाती है, इससे पहले कि वह ISS से पूरी तरह से अलग होकर और पृथ्वी की ओर बढ़ता है।
डीऑर्बिट बर्न
अंतरिक्ष यान बुधवार को लगभग 2:41 बजे डीऑर्बिट बर्न शुरू करेगा। इस पैंतरेबाज़ी में अंतरिक्ष यान की कक्षा को कम करने के लिए इंजन को फायर करना शामिल है, जिससे यह पृथ्वी के करीब आ जाएगा।
पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेगा
जैसे ही यह 27,000 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेगा, अंतरिक्ष यान अपने पैराशूट को तैनात करेगा!
ड्रैगन पैराशूट खुलेगा
पहले 18,000 फीट की ऊंचाई पर दो ड्रैगन पैराशूट, उसके बाद 6,000 फीट की ऊंचाई पर मुख्य पैराशूट - इसके अवतरण को और धीमा करने के लिए।
स्पलैशडाउन
अंतिम चरण, जिसे स्पलैशडाउन या अंतरिक्ष यात्रियों की समुद्री लैंडिंग के रूप में जाना जाता है, फ्लोरिडा के तट पर निर्धारित है। हालांकि, यदि मौसम की स्थिति प्रतिकूल है, तो वैकल्पिक लैंडिंग स्थान का चयन किया जा सकता है। नियोजित लैंडिंग का समय वर्तमान में बुधवार को सुबह 3:27 बजे निर्धारित किया गया है।












Click it and Unblock the Notifications