• search

समोसे के भारत पहुंचने की कहानी

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts
    समोसा
    Thinkstock
    समोसा

    आप समोसे को भले ही 'स्ट्रीट फूड' मानें लेकिन ये सिर्फ स्ट्रीट फूड नहीं है, उससे बहुत बढ़कर है.

    समोसा इस बात का सबूत है कि ग्लोबलाइजेशन कोई नई चीज़ नहीं है, समोसा खाने के बाद आपको समझ जाना चाहिए कि किसी चीज़ की पहचान देश की सीमा से तय नहीं होती है.

    ज्यादातर लोग मानते हैं कि समोसा एक भारतीय नमकीन पकवान है लेकिन इससे जुड़ा इतिहास कुछ और ही कहता है.

    दरअसल, समोसा मीलों दूर ईरान के प्राचीन साम्राज्य से आया है.

    कुछ भी हो जाए, भारतवासी खाना नहीं छोड़ेंगे!

    समोसे का ज़िक्र पहली बार?

    समोसा
    Thinkstock
    समोसा

    कोई नहीं जानता कि इसे पहली बार तिकोना कब बनाया गया लेकिन इतना जरूर पता है कि इसका नाम समोसा फारसी भाषा के 'संबुश्क:' से निकला है.

    समोसे का पहली बार ज़िक्र 11वीं सदी में फारसी इतिहासकार अबुल-फज़ल बेहाक़ी की लेखनी में मिलता है.

    उन्होंने ग़ज़नवी साम्राज्य के शाही दरबार में पेश की जाने वाली 'नमकीन' चीज़ का ज़िक्र किया है जिसमें कीमा और सूखे मेवे भरे होते थे.

    इसे तब तक पकाया जाता था जब तक कि ये खस्ता न हो जाए लेकिन लगातार भारत आने वाले प्रवासियों की खेप ने समोसे का रूप-रंग बदल दिया.

    समोसा भारत में मध्य एशिया की पहाड़ियों से गुज़रते हुए पहुंचा जिस क्षेत्र को आज अफ़ग़ानिस्तान कहते हैं.

    बाहर से आने वाले इन प्रवासियों ने भारत में काफ़ी कुछ बदला और साथ ही साथ समोसे के स्वरूप में भी काफ़ी बदलाव आया.

    हिंदूकुश से भारतीय उपमहाद्वीप का सफ़र

    समोसा
    Thinkstock
    समोसा

    लेकिन समय के साथ जैसे ही समोसा ताज़िकिस्तान और उज़्बेकिस्तान पहुंचा इसमें बहुत बदलाव आया. और जैसा कि भारतीय खानों के विशेषज्ञ पुष्पेश पंत बताते हैं यह 'किसानों का पकवान' बन गया.

    अब यह एक ज़्यादा कैलोरी वाला पकवान बन गया है.

    ख़ास तरह का इसका रूप तब भी कायम था और इसे तल कर ही बनाया जाता था लेकिन इसके अंदर इस्तेमाल होने वाले सूखे मेवे और फल की जगह बकरे या भेड़ के मीट ने ले ली थी जिसे कटे हुए प्याज और नमक के साथ मिला कर बनाया जाता था.

    सदियों के बाद समोसे ने हिंदूकुश के बर्फ़ीले दर्रों से होते हुए भारतीय उपमहाद्वीप तक का सफ़र तय किया.

    मांस की जगह सब्जियों ने ले ली

    समोसा
    Thinkstock
    समोसा

    प्रोफ़ेसर पंत का कहना है, "मेरा मानना है कि समोसा आपको बताता है कि कैसे इस तरह के पकवान हम तक पहुंचे हैं और कैसे भारत ने उन्हें अपनी जरूरत के हिसाब से पूरी तरह से बदलकर अपना बना लिया है."

    भारत में समोसे को यहां के स्वाद के हिसाब से अपनाए जाने के बाद यह दुनिया का पहला 'फ़ास्ट फूड' बन गया.

    समोसे में धनिया, काली मिर्च, जीरा, अदरक और पता नहीं क्या-क्या डालकर अंतहीन बदलाव किया जाता रहा है.

    इसमें भरी जानी वाली चीज़ भी बदल गई. मांस की जगह सब्जियों ने ले ली.

    भारत में अभी जो समोसा खाया जा रहा है, उसकी एक और ही अलग कहानी है.

    पुर्तगाली लाए समोसे में आलू

    समोसा
    Thinkstock
    समोसा

    अभी भारत में आलू के साथ मिर्च और स्वादिष्ट मसाले भरकर समोसे बनाए जाते हैं. सोलहवीं सदी में पुर्तगालियों के आलू लाने के बाद समोसे में इसका इस्तेमाल शुरू हुआ.

    तब से समोसे में बदलाव होता जा रहा है. भारत में आप जहां कहीं भी जाएंगे यह आपको अलग ही रूप में मौजूद मिलेगा.

    अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग तरह के समोसे मिलते हैं. यहां तक कि एक ही बाज़ार में अलग-अलग दुकानों पर मिलने वाले समोसे के स्वाद में भी अंतर होता है.

    कभी-कभी यह इतना बड़ा होता है कि लगता है कि पूरा खाना एक समोसे में ही निपट जाएगा.

    तुग़लक़ के दरबार में समोसे का ज़िक्र

    समोसा
    AFP
    समोसा

    समय के साथ समोसा शादियों में होने वाले भोज और पार्टियों का हिस्सा तक बन गया.

    मोरक्कन यात्री इब्न बतूता ने मोहम्मद बिन तुग़लक़ के दरबार में होने वाले भव्य भोज में परोसे गए समोसे का जिक्र किया है.

    उन्होंने समोसे का वर्णन करते हुए लिखा है कि कीमा और मटर भरा हुआ पतली परत वाली पैस्टी थी.

    पंजाब में अक्सर पनीर भरा समोसा मिलता है, वहीं दिल्ली में कई जगह उसमें काजू किशमिश डाले जाते हैं.

    इन दिनों मिलने वाले सभी समोसे स्वादिष्ट हों, ऐसा भी नहीं है.

    मावे भरा मीठा समोसा

    समोसा
    AFP
    समोसा

    बंगाली लोग समोसे जैसी मिठाई 'लबंग लतिका' बहुत पसंद करते हैं जो कि मावे भरा मीठा समोसा होता है. दिल्ली के एक रेस्तरां में चॉकलेट भरा हुआ समोसा मिलता है.

    समोसा बनाने के तरीके भी अलग-अलग होते हैं.

    जो आम तौर पर समोसा है, वो अब भी भूरे रंग का होने तक तल कर ही बनाया जाता है लेकिन कभी-कभी आप कम कैलोरी वाले बेक्ड समोसे भी खा सकते हैं.

    प्रोफेसर पुष्पेश पंत बताते हैं कि कुछ शेफ भाप से समोसे पकाने का भी प्रयोग करते हैं लेकिन यह एक भूल है, प्रोफ़ेसर पंत कहते हैं कि समोसे को जब तक तेल में न तला जाए उसमें स्वाद आता ही नहीं है.

    ब्रिटिश भी समोसा खूब चाव से खाते हैं

    समोसा
    AFP
    समोसा

    और हां, यह भी बहुत साफ़ है कि समोसा का सफर भारत में ही सिर्फ ख़त्म नहीं होता है.

    ब्रिटेन के लोग भी समोसा खूब चाव से खाते हैं और भारतीय प्रवासी पिछली कुछ सदियों में दुनिया में जहां कहीं भी गए अपने साथ समोसा ले गए.

    इस तरह से ईरानी राजाओं के इस शाही पकवान का आज सभी देशों में लुत्फ उठाया जा रहा है.

    एक बात तो तय है कि समोसा दुनिया के किसी कोने में भी बनेगा और उसमें जो कुछ भी भरा जाए उसमें आपको भारतीयता का एहसास होगा.

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    BBC Hindi
    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    The story of Samosa's arrival in India.

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X