यूजर्स डाटा चोरी होने की ख़बरों फ़ेसबुक के शेयर लुढ़के
करोड़ों यूजर्स का डाटा चोरी होने की ख़बरों का असर सोशल मीडिया फ़र्म फ़ेसबुक के शेयरों पर पड़ा. सोमवार को अमरीकी शेयर बाज़ारों के खुलते ही फ़ेसबुक के शेयरों में तेज़ गिरावट आई.
आरोप है कि साल 2016 में अमरीका के राष्ट्रपति चुनावों में डोनल्ड ट्रंप की मदद करने वाली कंपनी कैम्ब्रिज एनालिटिकल ने फ़ेसबुक के पाँच करोड़ से अधिक यूजर्स की निजी जानकारियां चुरा ली थीं.
न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में इन खबरों का जबर्दस्त असर हुआ और फ़ेसबुक का शेयर इंट्राडे कारोबार में लगभग आठ फ़ीसदी टूट गया. हालांकि बाद में कुछ संभलते हुए शेयर सात फ़ीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ.
हालाँकि फ़ेसबुक ने इन आरोपों की व्यापक जाँच कराने की बात कही है और तब तक कैम्ब्रिट एनालिटिकल को निलंबित कर दिया है.
अमरीका और कई यूरोपीय देशों की सरकारों ने इन खबरों पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
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ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे के प्रवक्ता ने इन आरोपों को बेहद गंभीर बताया है. उन्होंने कहा, "यह आवश्यक है कि लोगों को ये पक्का भरोसा हो कि उनकी निजी जानकारियां सुरक्षित रखी जाएंगी और इनका इस्तेमाल उचित तरीके से होगा."
अमरीकी सांसदों ने भी यूजर्स का डाटा चोरी होने के आरोपों पर चिंता जताई है और फ़ेसबुक से उचित कदम उठाने को कहा है.












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