श्रीलंका राष्ट्रपति चुनाव के पहले राउंड में किसी उम्मीदवार को बहुमत नहीं, भारत समर्थक नेता की जोरदार वापसी
Sri Lanka Presidential Election: श्रीलंका में शनिवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव के बाज आज वोटों की गिनती जारी है और एक वक्त जो ये मुकाबला एकतरफा लग रहा था, वो अब कांटे की टक्कर में बदल गया है। अनुरा कुमारा दिसानायके और सजिथ प्रेमदासा के बीच कड़ा मुकाबला हो रहा है।
मार्क्सवादी पार्टी JVP के गठबंधन नेशनल पीपुल्स पावर (NPP) के नेता अनुरा कुमारा दिसानायके ने रविवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति चुनाव में अपनी बढ़त मजबूत जरूर कर ली, लेकिन सजिथ प्रेमदासा ने मुकाबले में जोरदार वापसी की है।

पहले राउंड में किसी उम्मीदवार को बढ़त नहीं
श्रीलंका के चुनाव आयोग ने रविवार को राष्ट्रपति चुनाव जीतने के लिए आवश्यक 50% से ज्यादा वोट किसी भी उम्मीदवार को नहीं मिलने के बाद दूसरी वरीयता की गणना के आदेश दिए हैं। चुनाव आयोग के अध्यक्ष आर.एम.ए.एल. रथनायके ने कहा, कि अनुरा कुमारा दिसानायके और साजिथ प्रेमदासा ने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में अभी तक मैक्सिमम वोट हासिल किए हैं।
एनपीपी उम्मीदवार अनुरा कुमारा दिसानायके ने अब तक पोलोन्नारुवा, अनुराधापुरा, हंबनटोटा, रत्नापुरा, गाले और कोलंबो जिलों में जीत हासिल की है, जबकि एसजेबी उम्मीदवार साजिथ प्रेमदासा ने जाफना, वन्नी, त्रिंकोमाली और दिगमाडुल्ला जिलों में मतदान में शीर्ष स्थान हासिल किया है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि चूंकि किसी को भी 50% से ज्यादा वोट नहीं मिले हैं, इसलिए दूसरी वरीयता के वोटों की गणना की जाएगी और इन दोनों उम्मीदवारों के वोटों में जोड़ा जाएगा।
आपको बता दें, कि श्रीलंका राष्ट्रपति चुनाव में उसी उम्मीदवार को विजेता माना जाएगा, जिसे 50 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिलते हैं। वहीं, श्रीलंका राष्ट्रपति चुनाव में मतदाता वोट डालते समय अपनी पसंद के मुताबक के मुताबिक, पहली पसंद, दूसरी पसंद, तीसरी पसंद के आधार पर कई उम्मीदवारों को वोट डालता है। और चुनावी नतीजे में अगर किसी उम्मीदवार को पहली पसंद में 50 प्रतिशत से ज्यादा वोट नहीं मिले होते हैं, तो फिर काउंटिग इस बात की होती है, कि उसे कितने वोट दूसरी वरीयता के मिले हैं और फिर दूसरी वरीयता वाले वोट को भी जोड़ दिया जाता है।
डेली मिरर ऑनलाइन के मुताबिक, अभी तक के चुनावी नतीजों में अनुरा कुमारा दिसानायके को 45,634,915 (42.31%), वोट मिले हैं, जबकि सजिथ प्रेमदासा को 4,363,035 (32.76%) वोट मिले हैं। वहीं, मौजूदा राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे को 2,299,767 (17.27%) वोट मिले हैं।
यानि, किसी उम्मीदवार को 50 प्रतिशत से ज्यादा वोट हासिल नहीं हुए हैं और इसीलिए चुनाव आयोग ने सेकंड वरीयता वोटों के गणना के आदेश जारी किए हैं।

भारत समर्थक उम्मीदवार की जोरदार वापसी
सजिथ प्रेमदासा, जो भारत समर्थक हैं, वो वोटों की गणना शुरू होने के बाद काफी पीछे चल रहे थे, लेकिन दिन बीतने के साथ उन्होंने जोरदार वापसी की है। प्रेमदासा का झुकाव भारत की ओर ज्यादा है और उनकी SJB पार्टी चीन को लेकर काफी शंका रखती है, जबकि दिसानायके को बीजिंग के करीब माना जाता है। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, प्रेमदासा भारत, अमेरिका और चीन सहित सभी प्रमुख शक्तियों के साथ मजबूत संबंध विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे श्रीलंका एक "गुटनिरपेक्ष" राष्ट्र बन जाएगा।

अनुरा कुमारा दिसानायके जीते तो मुश्किल में होगा भारत?
श्रीलंका में प्रगतिशील राजनीति और नीति के लिए मुरगला केंद्र के विश्लेषक हरिंद्र बी दासनायके ने SCMP को बताया है, कि NPP के उदय ने दिल्ली को "चिंतित" कर दिया है। उन्होंने कहा, "भारत एनपीपी के संभावित नेतृत्व को लेकर सतर्क रहने के लिए बाध्य होगा, जबकि चीन इसे क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के अवसर के रूप में देखेगा।"
हालांकि, भारत ने जनता विमुक्ति पेरमुना (JVP) के प्रमुख दिसानायके से जुड़ने की कोशिश की है। फरवरी में विदेश मंत्री (ईएएम) एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने भारत में दिसानायके के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी।
अपनी ओर से, बीजिंग राष्ट्रपति चुनाव जीतने वाले किसी भी उम्मीदवार से जुड़ने की कोशिश करेगा। एससीएमपी से बात करते हुए, समरनायके ने कहा, कि चीन ने श्रीलंका में पैठ बना ली है और नेतृत्व परिवर्तन से अपनी "रणनीतिक पकड़" को प्रभावित नहीं होने देगा। लेकिन, भारत के सामने दिक्कत एक और रणनीतिक सहयोगी को खोने की हो सकती है, लेकिन इस वक्त भारत निश्चित तौर पर ऐसा नहीं चाहेगा।












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