Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

श्रीलंका की भारत के खिलाफ एक और चाल, अब पाकिस्तानी युद्धपोत को बुलाया, बांग्लादेश ने ठुकराया

पाकिस्तान से पहले श्रीलंका ने चीन के एक सैटेलाइट जहाज को हंबनटोटा पोर्ट पर आने की इजाजत दे दी थी, जिसको लेकर भारत ने सख्त ऐतराज जताया था।

कोलंबो, अगस्त 08: आर्थिक दिवालिएपन की स्थिति में भारत से भारी मदद मिलने के बाद श्रीलंका भारत के साथ ही खेल रहा है और चीन के बाद अब श्रीलंका ने पाकिस्तानी नौसेना के एक जहाज को अपने बंदरगाह पर रूकने की इजाजत दे दी है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीलंका ने कराची में पाकिस्तानी नौसेना में शामिल होने के लिए जा रहे चीन में बने मिसाइल युद्धपोत पीएनएस तैमूर को कोलंबो पोर्ट पर ठहरने की इजाजत दे दी है। इस युद्धपोत का निर्माण चीन के शंघाई में हुडोंग-झोंगहुआ शिपयार्ड में हुआ है और ये युद्धपोत कंबोडियन और मलेशियाई नौसेनाओं के साथ सैन्य अभ्यास करते हुए पाकिस्तान की अपनी पहली यात्रा पर है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन निर्मित इस पाकिस्तानी युद्धपोत के 12 से 15 अगस्त 2022 के बीच कोलंबो बंदरगाह पर ठहरने की उम्मीद है।

बांग्लादेश ने नहीं दी इजाजत

बांग्लादेश ने नहीं दी इजाजत

रिपोर्ट के मुताबिक, एक तरह जहां श्रीलंका ने पाकिस्तानी युद्धपोत को अपने कोलंबो बंदरगाह पर ठहरने की इजाजत दे दी है, वहीं, बांग्लादेश की शेख हसीना सरकार ने पाकिस्तानी जहाज को अपने चटोग्राम बंदरगाह पर ठहरने की इजाजत देने से इनकार कर दिया। पाकिस्तानी नेवी ने बांग्लादेश सरकार से 7 से 10 अगस्त के बीच चटोग्राम बंदरगाह पर पोर्ट कॉल करने की इजाजत मांगी थी, जो इस वक्त मलेशिया के लुमुट बंदरगाह पर पोर्ट कॉल के तहत रूका हुआ है। लेकिन, बांग्लादेश की तरफ से साफ इनकार कर दिया गया।

बांग्लादेश ने क्यों किया इनकार?

बांग्लादेश ने क्यों किया इनकार?

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, राजनयिक सूत्रों के अनुसार, शेख हसीना सरकार के भारत के साथ काफी अच्छे संबंध हैं और पाकिस्तान के साथ शेख हसीना सरकार की नहीं बनती है। शेख हसीना सरकार के कई मंत्री अलग अलग मौकों पर बांग्लादेश में कट्टरपंथी ताकतों को हवा देने का आरोप खुले तौर पर पाकिस्तान के ऊपर लगा चुके हैं। वहीं, बांग्लादेश की स्वतंत्रता में अहम भूमिका निभाने वाले शेख मुजीब-उर-रहमान की हत्या भी पाकिस्तान की सेना ने अगस्त महीने में ही की थी, लिहाजा बांग्लादेश अगस्त महीने को शोक का महीना मानता है। उनकी हत्या 15 अगस्त 1975 को पाकिस्तानी सेना और कट्टरपंथी संगठन जमात-ए-इस्लामी ने मिलकर कर दी थी, लिहाजा, शेख हसीना पाकिस्तान को पंसद नहीं करती हैं।

भारत सरकार से अच्छे हैं रिश्ते

भारत सरकार से अच्छे हैं रिश्ते

शेख हसीना सरकार, भारत की नरेंद्र मोदी सरकार के काफी करीब मानी जाती है और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है, कि उनके पिता और परिवार को पाकिस्तान के इशारे पर मौत के घाट उतारा गया था। कट्टरपंथी इस्लामी ताकतों ने साल 2000 में प्रधानमंत्री के रूप में और 2004 में अवामी लीग के अध्यक्ष के रूप में काम करने वाली शेख हसीना की हत्या की कोशिश भी कर चुकी है, लेकिन उनकी जान बच गई थी। वहीं, प्रधानमंत्री शेख हसीना सितंबर महीने के पहले हफ्ते में भारत की यात्रा करने वाली हैं, और पीएम मोदी के साथ खुलना उप-मंडल के रामपाल में संयुक्त रूप से विकसित 1320 मेगा वाट मैत्री सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट का शुभारंभ करेंगी।

कैसा युद्धपोत है PNS तैमूर?

कैसा युद्धपोत है PNS तैमूर?

आपको बता दें कि, PNS तैमूर चीन में निर्मित चार प्रकार के 054 A/P फ्रिगेट्स में से दूसरा युद्धपोत है, जिसे 23 जून 2022 को कमीशन किया गया था। इस वर्ग का प्रमुख जहाज PMNS तुगरिल है और इसे 24 जनवरी 2022 को कमीशन किया गया था। चीन आठ युआन क्लास -041 डीजल अटैक पनडुब्बियों का भी निर्माण पाकिस्तान के लिए कर रहा है, जिसे पाकिस्तानी नौसेना को 2028 कत सौंपे जाने की योजना है, जिसका उद्देश्य भारत को ऊंचे समुद्रों पर सैन्य रूप से प्रभावित करना है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+