श्रीलंका को भारत से एक और बड़ी मदद, 'अडानी एयरपोर्ट' पर तेल भर सकेंगी श्रीलंकन एयरलाइन कंपनियां
श्रीलंका एयरलाइंस चेन्नई हवाई अड्डे के बजाय तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे को प्राथमिकता दे रही है। चेन्नई हवाई अड्डे की तुलना में यहां ईंधन की कीमतें कम हैं।
तिरुवनंतपुरम/कोलंबो, 31 मई : श्रीलंका इस समय आर्थिक संकट के सबसे बुरे दौरे से गुजर रहा है। यहां की जनता ईंधन और अन्य खाद्य सामग्री की कमियों से जूझ रही है। इन सबके बीच वहां की राष्ट्रीय एयरलाइंस भारत में केरल के तिरुवनंतपुरम हवाईअड्डे पर ईंधन भर रही है। व्यापार के दृष्टिकोण से देखें तो श्रीलंका का आर्थिक संकट भारत के लिए वरदान बन गया है। क्योंकि केरल के तिरुवनंतपुरम में कोलंबो से अन्य देशों के लिए उड़ान भरने वाली एयरलाइंस भारतीय एयरपोर्ट पर लैंडिग कर ईंधन भरती है। इससे भारत को राजस्व प्राप्त हो रहा है। बता दें कि, तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे, जिसका प्रबंधन अडानी एयरपोर्ट्स करती है।

तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डा कोलंबो से है नजदीक
सूत्रों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के लिए उनकी लंबी दूरी की उड़ानों में से कई ने पहले ही सेवा का उपयोग किया है। कोलंबो से यहां तक की उड़ान का समय लगभग 35 मिनट है, और यह वहां से निकटतम हवाई अड्डा है। सूत्र ने बताया कि श्रीलंका एयरलाइंस चेन्नई हवाई अड्डे के बजाय तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे को प्राथमिकता दे रही है। चेन्नई हवाई अड्डे की तुलना में यहां ईंधन की कीमतें कम हैं। वर्तमान में, भारत पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन तिरुवनंतपुरम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को ईंधन वितरित कर रहे हैं।
अडानी को होगा बड़ा फायदा
तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे, जिसका प्रबंधन अडानी हवाईअड्डों द्वारा किया जाता है। विमान की पार्किंग और लैंडिग के लिए भुगतान से मिलने वाले शुल्क से भारी वित्तीय लाभ प्राप्त हो रहा है। इसके अलावा, ईंधन कर से केंद्र और राज्य सरकारों के राजस्व में वृद्धि हो रही है। हालांकि, जब फ्लाइट ईंधन भरने के लिए आती हैं, तो यात्रियों को उसमें चढ़ने की अनुमति नहीं होती है। लेकिन एयरलाइंस को केबिन क्रू बदलने की इजाजत है।
राजस्व में हो रही वृद्धि
बता दें कि, लंबी दूरी की उड़ानें एक बार में 100 टन से अधिक ईंधन भरती हैं। हाल ही में, श्रीलंकाई एयरलाइंस की कई फ्लाइट्स, जो कोलंबो से ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न जा रही थी, ईंधन भरने के लिए तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर उतरी। कोलंबो से फ्रैंकफर्ट, जर्मनी के लिए एक अन्य विमान ने भी तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे से ईंधन भरा था। यह पहले ही सूचित किया जा चुका है कि 1 और 2 जून को मेलबर्न और फ्रैंकफर्ट के लिए चार और विमान तिरुवनंतपुरम से ईंधन भरकर अपने गंतव्य को रवाना होगी। बता दें कि, वर्तमान में, भारत पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन तिरुवनंतपुरम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को ईंधन वितरित कर रहे हैं।












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