अंतरिक्ष में बड़ा हादसा: इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से टकराया स्पेस मलबा
स्पेस में भेजे जाने वाले सैटेलाइट या रॉकेट अकसर खराब होने के बाद पृथ्वी की कक्षा से बाहर भी फेंक दिए जाते हैं और फिर उपर ही जल जाते हैं। लेकिन, जिन मलबों का आकार बड़ा होता है वो बेकाबू होकर ऐसे ही घुमते रहते हैं।
वॉशिंगटन, मई 31: 50 सालों से ज्यादा वक्त से लगातार अलग अलग देशों द्वारा अंतरिक्ष में हजारों रॉकेट भेजे गये हैं, हजारों सैटेलाइट छोड़े गये हैं, अलग अलग स्पेस मशीन भेजे गये हैं और एक निश्चित अंतराल के बाद रॉकेट हो या सैटेलाइट, वो खराब हो जाते हैं और फिर बड़ी परेशानी को जन्म देते हैं। अंतरिक्ष स्पेस स्टेशन से ऐसा ही एक मलबा टकराया है, जिसकी वजह से एक बड़ी समस्या उत्पन्न हो सकती थी। अंतरिक्ष में बर्बाद हो चुके ऐसे सैटेलाइट या रॉकेट काफी तेजी से अनियंत्रित होकर घूमते रहते हैं, जिसकी वजह से इतना मलबा जमा होने लगा है कि ये पूरे सिस्टम के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
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स्पेस स्टेशन को खतरा
स्पेस में भेजे जाने वाले सैटेलाइट या रॉकेट अकसर खराब होने के बाद पृथ्वी की कक्षा से बाहर फेंक दिए जाते हैं और फिर उपर ही जल जाते हैं। लेकिन, जिन मलबों का आकार बड़ा होता है वो बेकाबू होकर ऐसे ही घुमते रहते हैं और अब रिपोर्ट्स से पता चला है कि अंतरिक्ष में और पृथ्वी की कक्षा में इतना मलबा आ गया है कि वो कभी भी किसी भी वर्किंग सैटेलाइट से टकरा सकते हैं और हमारे लिए बहुत बड़ी समस्या को जन्म दे सकते हैं। अंतरिक्ष स्पेस स्टेशन में अगर कुछ खराबी आ जाए तो उसे ठीक करना काफी ज्यादा मुश्किल होता है। आपको बता दें कि अमेरिकन स्पेस एजेंसी नासा ने अंतरिक्ष में स्पेस स्टेशन बनाया हुआ है, जिसका इस्तेमाल दुनिया के करीब करीब हर देश करते हैं और यहां से अंतरिक्ष संबंधित जानकारियां मिलती हैं।

स्पेस स्टेशन से टकराया मलबा
वैज्ञानिक स्पेस स्टेशन को लेकर कड़ी नजर रखते हैं और अगर कोई मलबा स्पेस स्टेशन की तरफ बढ़ता दिखाई देता है तो उसे रास्ते में ही खत्म कर दिया जाता है। लेकिन, कई सालों के बाद आखिरकार इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से अंतरिक्ष में बेकाबू मलबा टकरा ही गया। रिपोर्ट के मुताबिक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के जिस हिस्से से अंतरिक्ष मलबा टकराया है, उसका नाम कनाडार्म-2 है। मलबा टकराने के वजह से स्पेस स्टेशन के रोबोटिक आर्म के थर्मल ब्लैंकेट को काफी नुकसान पहुंचा है। लेकिन, अच्छी बात ये है कि थर्मल ब्लैंकेट को जो क्षति पहुंची है, वो अभी भी काम करने लायक है और उसमें नुकसान होने के बाद भी वो अभी तक काम कर रहा है।

वैज्ञानिकों को टेंशन
अंतरिक्ष में धीरे धीरे इतना मलबा जमा हो गया है कि अंतरिक्ष वैज्ञानिक अब चिंतित होने लगे हैं। पूरी दुनिया के स्पेस एजेंसीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अंतरिक्ष में 23 हजार पीस से ज्यादा मलबा जमा हो गया है, जो पृथ्वी की निचली कक्षा में हैं। इनमें से ज्यादातर स्पेस जंक किसी गेंद की तरह ही छोटा है, लेकिन इनकी स्पीड इतनी ज्यादा होती है कि एक गेंद अगर किसी सैटेलाइट से टकरा जाए तो भारी तबाही मच सकती है। अंतरिक्ष में हाईस्पीड से घुमने वाला एक गेंद सरीखा कचरा किसी सैटेलाइट सिस्टम को बर्बाद करने के लिए काफी है। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर कोई सैटेलाइट को नुकसान पहुंचता है तो उसे ठीक करना लगभग नामुमिकन है। वहीं, बहुत सारा अंतरिक्ष कचरा गेंद की आकार से भी छोटा है, जिन्हें ट्रैक नहीं किया जा सकता है और यही नुकसान पहुंचाते है। कनाडार्म-2 को आधिकारिक तौर पर स्पेस स्टेशन रिमोट मेनिपुलेटर सिस्टम यानि एसएसआरएमएस भी कहा जाता है, जिसे कनाडाई स्पेस एजेंसी ने डिजाइन किया हुआ है और ये पिछले 20 सालों से इंटरनेशनल स्पेस एजेंसी में काम कर रहा है।

मलबा टकराया, अब क्या होगा ?
वैज्ञानिकों के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती है कि टाइटेनियम से बने इस रोबोटिक आर्म को इंटरनेशनल स्पस स्टेशन से बाहर निकालना और फिर स्पेस स्टेशन की मरम्मत करना। स्पेस स्टेशन से मलबा टकराने की इस घटना को सबसे पहले 12 मई को निरिक्षण के दौरान नोटिस किया गया था। जिसके बाद अब नासा और सीएसए साथ मिलकर इस नुकसान की जांच कर रहे हैं। वहीं, सीएसए ने अपने ब्लॉग में कहा है कि नुकसान के बाद भी रोबोटिक आर्म अभी भी काम कर रहा है। लेकिन, स्पेस में जितना मलबा है, वो आने वाले भविष्य में स्पेस मिशन के लिए काफी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। पिछले साल ही इंटरनेशनल स्पेस एजेंसी से तीन बार अलग अलग मलबा टकराने वाला था लेकिन किसी तरह बचा जा सका था।












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