अमेरिका के इस 'सबसे बड़े नॉन-न्यूक्लियर बम' के बारे में 6 खास बातें
इसके बनाए जाने के बाद रूस ने भी तुरंत 'फादर ऑफ आल बम' का निर्माण किया। कहा जाता है कि ये हम MOAB से चार गुना विनाशकारी है।
वाशिंगटन। इस्लामिक स्टेट (ISIS) के आतंकियों को निशाना बनाते हुए अमेरिका ने अफगानिस्तान पर सबसे बड़े नॉन-न्यूक्लियर बम से हमला किया है। मदर ऑफ ऑल बम कहे जाने वाले GBU-43 की विनाशक क्षमता का अंदाजा इसके नाम से ही लगाया जा सकता है।

पढ़िए, इस बम के बारे में छह खास बातें
1. GBU-43 मैसिव ऑर्डनेंस एयर ब्लास्ट (MOAB) 21600 पाउंड (9797 किलो) का जीपीएस आधारित विस्फोटक है।
2. ऐसा पहली बार हुआ है कि अमेरिका ने MOAB का इस्तेमाल किसी युद्ध अभियान में किया है।
3. यह बम अमेरिकी सेना के अलबर्ट वेयमॉर्ट्स ने बनाया है। इसका पहली बार टेस्ट 2003 में किया गया था।
4. टेस्टिंग के बाद इस बम का निर्माण इराक युद्ध के समय 2003 में किया गया। हालांकि इसका इस्तेमाल नहीं हुआ था।
5. इसके बनाए जाने के बाद रूस ने भी तुरंत 'फादर ऑफ आल बम' का निर्माण किया। कहा जाता है कि ये हम MOAB से चार गुना विनाशकारी है।
6. इस सबसे बड़े नॉन-न्यूक्लियर बम की लंबाई 30 फीट है।












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