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आतंकी गुरपतवंत सिंह ने जारी किया भारत का नया नक्शा, यूपी, हरियाणा, राजस्थान को किया खालिस्तान में शामिल

सिख फॉर जस्टिस ने खालिस्तान का नया नक्शा जारी किया है, जिसमें हिमाचल प्रदेश, पंजाब के साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कई हिस्सों को खालिस्तान में शामिल किया है।

नई दिल्ली, अक्टूबर 24: खालिस्तानी आतंकवादियों ने एक बार फिर से भारत को टुकड़े करने का ख्वाब देखा है। हालांकि, इन आतंकियों का ये ख्वाब उनके मरने के साथ ही खत्म होगा, लेकिन इस बार खालिस्तानी आतंकियों ने जो नया नक्शा जारी किया है, उसमें उसने पंजाब को तो जोड़ा ही है, इसके अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों को भी खालिस्तान में शामिल कर लिया है।

खालिस्तानियों का दिवास्वप्न

खालिस्तानियों का दिवास्वप्न

'सिख फॉर जस्टिस' नाम के एक संगठन ने इस नक्शे को जारी किया है, जिसमें पंजाब के साथ साथ हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई जिलों को खालिस्तान के हिस्से के रूप में दिखाया है। खालिस्तान के इस नये नक्शे को ट्विटर अकाउंट से जारी किया गया है। 'सिख फॉर जस्टिस' एक यूएस-आधारित संगठन है जो खालिस्तान के निर्माण के लिए पंजाब को भारत से अलग करने का समर्थन करता है। इसकी स्थापना और वकील गुरपतवंत सिंह पन्नून ने की थी। हालांकि, भारत सरकार ने 2019 में इस संगठन को गैरकानूनी कामों में शामिल होने की वजह से प्रतिबंधित कर दिया था। एक अलग खालिस्तान बनाने के लिए 2019 में पंजाब स्वतंत्रता जनमत संग्रह के लिए अभियान शुरू करने के बाद भारत सरकार ने इस संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया था।

अलग खालिस्तान बनाने की मांग

अलग खालिस्तान बनाने की मांग

'सिख फॉर जस्टिस' संगठन का गठन 2011 में किया गया था और ये संगठन दावा करता है कि, 1984 में भारत में हुए सिख विरोधी दंगे में शामिल लोगों के खिलाफ शांतिपूर्वक कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। सिख फॉर जस्टिस ने कांग्रेस पार्टी के कई प्रमुख नेताओं के खिलाफ अमेरिकी अदालतों में आपराधिक और मानवाधिकार मामले दर्ज किए हुए हैं। इस संगठन का दावा है कि, अमृतसर स्वर्ण मंदिर ऑपरेशन को लेकर भी ये कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। इस संगठन ने जो नक्शा जारी किया है, उसमें पीला वाला नक्शा जो आप देख रहे हैं, उस हिस्से को इस संगठन ने खालिस्तान का हिस्सा बताया है।

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह भी निशाने पर

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह भी निशाने पर

इस संगठन ने 2014 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ भी मानवाधिकार उल्लंघन का मामला दर्ज करवाया था और आरोप लगाया था कि 1990 के दशक में जब डॉ. मनमोहन सिंह भारत के वित्त मंत्री थे, तो उन्होंने सिख विरोधी हिंसा के लिए वित्त पोषण किया था। इस संगठन ने भारतीय पंजाब राज्य को भारत से अलग करने के लिए 'जनमत संग्रह 2020' के लिए एक अभियान का आयोजन शुरू किया था।

आतंकियों के नये नक्शे में क्या है?

आतंकियों के नये नक्शे में क्या है?

इस संगठन ने जो खालिस्तान के लिए जो नया नक्शा जारी किया है, उसमें राजस्थान में दूर-दराज के बूंदी और कोटा को भी खालिस्तान के रूप में गिना गया है। दावा किया गया है कि इन हिस्सों को भारत से काट दिया जाएगा। लंदन में क्वीन एलिजाबेथ सेंटर में 31 अक्टूबर से खालिस्तान के निर्माण के लिए समर्थन का अभियान शुरू करने से पहले इस संगठन ने नया नक्शा जारी किया है। हालांकि, इसका भारतीय सिखों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। आपको बता दें कि, इस संगठन का मुखिया पन्नू उन 9 लोगो में शामिल है, जिन्हें केन्द्र सरकार आतंकवादी घोषित कर चुकी है।

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