आखिर कौन भेज रहा सूर्य से 'दिल की धड़कन' की तरह सिग्नल? एक नहीं कई बार इंसानों को मिले
अंतरिक्ष से रहस्यमयी सिग्नल मिलने का सिलसिला नहीं रुक रहा है। अब सूर्य से दिल की धड़कन की तरह के सिग्नल मिले हैं।

अंतरिक्ष अपने आप में बहुत से रहस्य समेटे हुए है। अभी तक इंसान सौरमंडल से जुड़े हजारों सवालों के ही जवाब नहीं खोज पाए हैं। कुछ वक्त पहले वैज्ञानिकों को सूर्य से कुछ रहस्यमयी सिग्नल मिले थे, जो दिल की धड़कन की तरह थे। उन पर काफी ज्यादा रिसर्च की गई और अब काफी हद तक उन्हें सुलझा लिया गया है।

इंसानों की करेंगे मदद
एक नए अध्ययन से पता चलता है कि सौर तूफान संभावित रूप से हानिकारक सौर तूफानों के बारे में और जानने में इंसानों की मदद कर सकते हैं। सौर रेडियो विस्फोट विद्युत चुम्बकीय विकिरण की धाराएं हैं, जो मुख्य रूप से रेडियो तरंगों के साथ-साथ माइक्रोवेव, पराबैंगनी विकिरण और एक्स-रे से बनी होती हैं। ये सुपरहॉट प्लाज्मा के जेट के साथ अंतरिक्ष में प्रक्षेपित होती हैं, जिसे कोरोनल मास इजेक्शन (सीएमई) के रूप में जाना जाता है।

एक्सपर्ट ने क्या कहा?
मामले में न्यू जर्सी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनजेआईटी) में सौर रेडियो खगोलविद सिजी यू ने कहा कि ये बीटिंग पैटर्न ये समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं कि ऊर्जा कैसे निकलती है। ये अविश्वसनीय रूप से शक्तिशाली विस्फोटों के दौरान सूर्य के वातावरण में विलुप्त हो जाती है। वहीं कैलिफोर्निया में NJIT के एक्सपेंडेड ओवेन्स वैली सोलर एरे (EOVSA) और NASA के सोलर डायनेमिक्स ऑब्जर्वेटरी द्वारा एकत्र किए गए डेटा का विश्लेषण करने के बाद, टीम ने एक माध्यमिक दिल की धड़कन की तरह आ रहे सिग्नल की खोज की।

एक ही ट्रिगर से दो तरह के सिग्नल
यू के मुताबिक 2017 के सोलर फ्लेयर के दौरान दिल की धड़कन की तरह जो सिग्नल मिले थे, वो हर 10 से 20 सेकंड में रिकॉर्ड हुए। इसके अलावा बाद में जो सिग्नल मिले वो 30 से 60 सेकेंड में धड़कते थे। ईओवीएसए द्वारा एकत्र किए गए डेटा का उपयोग करते हुए टीम ने पाया कि उनकी अलग-अलग टाइम साइकल के बावजूद दो दिल की धड़कन की संभावना एक ही ट्रिगर थी। जिन्हें चुंबकीय द्वीप कहा जाता है। वैज्ञानिकों ने साफ किया कि अभी इस दिशा में और रिसर्च की जरूरत है।












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